Chandrabhedi Pranayam: पेट की गर्मी को कम करने में सहायक, जानिए अन्य फायदे

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Chandrabhedi Pranayam: पेट की गर्मी को कम करने में सहायक, जानिए अन्य फायदे

हम जानते है की योग और प्राणायाम को नियमित तौर पर करने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है। इसी प्रकार चन्द्रभेदी प्राणायाम से शरीर में होने वाले परिवर्तन और साथ ही उनसे होने वाले रोगों से छुटकारा मिलता है।

इस Chandrabhedan Pranayam को करने से शरीर में उपस्थित नाड़ी जो झडा नाड़ी के नाम से जानी जाती है उसकी शुद्धि होती है। साथ ही इसे करने से चन्दर नाड़ी भी क्रियाशील हो जाती है। जिस कारण ही इस प्राणायाम का नाम चन्द्रभेदी प्राणायाम रखा गया है।

Chandra Bhedana Pranayama को अंग्रेजी में लेफ्ट नॉस्ट्रिल ब्रीथिंग भी कहा जाता है। चन्द्रभेदी प्राणायाम दो शब्दों में मिलकर बना हुआ है जिसमे चंद्र यानी चन्द्रमा और भेदी अर्थात प्रवेश करना या तोड़ना होता है।

साँस लेने के लिए हमारे पास दो नथुने होते है। योग में इन्हे नाड़ी कहा जाता है जिसमे दाए नथुने को सुर्य नाड़ी कहते हैं और बाएं नथुने को चन्द्र नाड़ी के रूप में जाना जाता है। चन्द्रभेदी प्राणायाम सरल और प्रभावी साँस लेने की तकनीक है। जानते है Chandrabhedi Pranayam को करने की विधि और उसके फायदे के बारे में।

Chandrabhedi Pranayam: चन्द्रभेदी प्राणायाम कैसे करते है व इसके लाभ क्या है

Chandrabhedan Pranayam in Hindi

चन्द्रभेदी प्राणायाम को करने की विधि: Pranayama Steps

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक आसन पर सुखासन की स्थिति में बैठ जाए।
  • सुखासन में बैठने के बाद रीढ़ की हड्डी, कमर और गर्दन को सीधा रखे।
  • इसके बाद अपने बाए हाँथ को बाए घुटनो पर रखे साथ ही दाए हाँथ के अंगूठे से दाए नाक को बंद कर ले।
  • इसके बाद बाए नाक से गहरी और लम्बी सांसे ले और फिर हाँथ की अंगुलियों से बाए नाक को बंद कर ले।
  • संभव हो सके अपनी सांस को अंदर रोक कर रखे।
  • उसके बाद दाहिने नथुने से धीरे धीरे करके सांस को छोड़े।
  • इस पूरी प्रक्रिया को 5- 10 मिनट तक करे।

चन्द्रभेदी प्राणायाम को करने का सही समय

  • चन्द्रभेदी प्राणायाम को प्रतिदिन करना बहुत अच्छा रहता है।
  • यदि आप इस प्राणायाम को नियमित रूप से करते है तो इसके परिणाम भी अच्छे मिलते है।
  • इस प्राणायाम को सुबह के समय और शाम के समय करना अच्छा होता है। इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है की जिस समय भी आप प्राणायाम कर रहे है उस समय आप खाली पेट हों।
  • प्राणायाम को अच्छी तरह से सीखने के बाद आप इसका समय धीरे धीरे बढ़ा भी सकते है।

चन्द्रभेदी प्राणायाम के फायदे: Chandrabhedi Pranayam Benefits

पेट की गर्मी को दूर करने में सहायक

  • Chandrabhedi Pranayam को करने से पेट की गर्मी दूर हो जाती है। जिसके कारण पेट में जलन की समस्या नहीं रहती है।
  • इसकी वजह से पेट में शीतलता का अनुभव होता है। इस प्राणायाम के द्वारा शरीर में स्फूर्ति का संचार होता है।

हृदय को स्वाथ्य स्वाथ्य रखे

  • ऐसे बहुत से लोग होते है जो की दिल की बीमारियों से ग्रसित रहते है। यह प्राणायाम हृदय को भी स्वस्थ्य रखने में मदद करता है।
  • इसके नियमित अभ्यास से दिल की बीमारियाँ नहीं होती है। यह प्राणायाम हृदय से संबंधित बीमारियों को दूर करने में मदद करता है।

तनाव से दे राहत

  • तनाव आजकल की बहुत ही आम समस्या बन गयी से जो छोटे बच्चों से लेकर बड़े बूढ़ो सभी को हो जाती है।
  • इस समस्या से निजात पाने के लिए इस प्राणायाम को प्रतिदिन करना बहुत ही अच्छा होता है।
  • यह दिमाग को तनाव से तो बाहर लाता है साथ ही मन को भी शांत रखने में मदद करता है।
  • इस प्राणायाम को करने से दिन भर की थकान दूर हो जाती है।

मुंह में छाले से निजात पाने में लाभकारी

  • मुंह में छाले हो जाने पर खाने में परेशानी होने लगती है साथ ही बोलने में भी कठिनाई आती है।
  • इन छालों को ठीक करने के लिए आप इस प्राणायाम को प्रतिदिन कर सकते है।
  • पेट साफ न होने और अपच के कारण भी छालों की समस्या पैदा हो जाती है, इस प्राणायाम को करने से पेट भी स्वस्थ्य रहता है इसलिए छाले नहीं हो पाते है।

आँखों के लिए फ़ायदेमंद

  • आँखों के कमजोर होने से कम दिखाई देने लगता है।
  • कम उम्र में ही चश्मा लगाना पड़ता है साथ ही अन्य कई समस्याएं हो जाती है।
  • इस प्राणायाम को करने से आंखे स्वस्थ्य रहती है। साथ ही आँखों की रौशनी भी बढ़ती है।

चर्म रोग में फ़ायदेमंद

  • चर्म रोग को ठीक करने के लिए भी यह प्राणायाम बहुत ही फ़ायदेमंद होता है।
  • इसका अभ्यास करने से त्वचा स्वस्थ्य रहती है। त्वचा सम्बन्धी सारी समस्याएं दूर हो जाती है। साथ ही आप एक निखरी और चमकदार त्वचा पा सकते है।

उच्च रक्तचाप को संतुलित रखे

  • जिन लोगो को उच्च रक्तचाप की समस्या होती है उन्हें इस प्राणायाम को नियमित रूप से करना चाहिए।
  • यह उनके लिए बहुत ही लाभकारी रहेगा। यह रक्त चाप को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

अन्य लाभकारी फायदे

  • चन्द्रभेदी प्राणायाम के अभ्यास से चन्द्र नाड़ी क्रियाशील हो जाती है। जिसके कारण शरीर में शीतलता उत्पन्न होती है।
  • यह पित्त रोग में भी बहुत लाभकारी होती है इसलिए जिन्हे इस प्रकार की समस्या रहती है वह इस प्राणायाम को कर सकते है।
  • इस प्राणायाम को करने से क्रोध कम होता है।
  • दिमाग को तेज करने के लिए यह प्राणायाम बहुत ही अच्छा होता है। इससे स्मरण शक्ति बहुत तेज हो जाती है। यदि आप इस प्राणायाम को नियमित रूप से करते है तो आपकी बुढ़ापे में भी याददाश्त तेज बनी रहती है।
  • गर्मियों के दिनों में इस आसन को करना बहुत ही फ़ायदेमंद होता है क्योंकि यह ठंडक का अनुभव कराती है।

चन्द्रभेदी प्राणायाम की सावधानियां

  • जिन लोगो को उच्च रक्तचाप और दमा की समस्या होती है उसे यह आसन नहीं करना चाहिए।
  • इस प्राणायाम को खाली पेट ही करना चाहिए।
  • इसे किसी प्रशिक्षक की उपस्थिति में ही करना चाहिए।
  • यह आसान कफ प्रकृति वालों के लिए लाभकारी नहीं होता है।
  • इस बात का भी ध्यान रखे की एक ही दिन में सूर्यभेदन, अन्य प्राणायाम और चंद्र भेदन प्राणायाम को नहीं करना चाहिए।
यह प्राणायाम आपके लिए बहुत ही लाभकारी होता है इसलिए इसका नियमित अभ्यास करना चाहिए। आप इसके अनेक फ़ायदों का लाभ ले सकते है।