Chaturanga Dandasana: जानिए चतुरंग दंडासन कैसे करे और इसके फायदे

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Chaturanga Dandasana: जानिए चतुरंग दंडासन कैसे करे और इसके फायदे

चतुरंग दंडासन, तीन शब्दों के मिलाप से बना हुआ है जिसमे चतुर अर्थात चार, अंग अर्थात शरीर का हिस्सा और दंड अर्थात डंडा है। यदि आपको बहुत ज्यादा ताकत की आवश्यकता है तो आप इस आसन को कर सकते है।

यह आसन सूर्य नमस्कार A और सूर्य नमस्कार B का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस आसन को Four Limbed Staff Pose के नाम से भी जाना जाता है और लो प्लैंक भी कहा जाता है।

चतुरंग दंडासन को प्रत्येक उम्र के व्यक्ति कर सकते है। चतुरंग दंडासन हमारे शरीर को शक्ति और स्फूर्ति देता है।

यह आसन खाली पेट किया जाना चाहिए। यदि आपको कुछ खाना है तो कम से कम चार से छह घंटे पहले खाना चाहिए| तो चलिए आज हम विस्तार से जानते है Chaturanga Dandasana के बारे में|

Chaturanga Dandasana: पेट दर्द ठीक करे और कंधों को मजबूती दे

Chaturanga Dandasana

इस आसन की विधि बताने से पहले हम आपको बताना चाहते है कि इसके अभ्यास से पहले आपको सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपकी आंत खाली है। सुबह जल्दी योग का अभ्यास करना सबसे अच्छा है लेकिन, अगर आपके पास अन्य काम हैं, तो आप शाम को भी इसे कर सकते हैं। बस अपने भोजन और अपने अभ्यास के बीच अच्छा अंतर होना चाहिए।

चतुरंग दंडासन के तरीके

  • सबसे पहले आसन बिछा ले, फिर पेट के बल लेट जाएँ।
  • अपने दोनों हाथों के हथेलियों और पैरों के उँगलियों पर अपनी बॉडी के वेट को छोड़ दें।
  • हांथो को आगे लाकर छाती के समीप लाये। फिर कंधो के सहारे थोड़ा सा जमीन पर टिक जाये।
  • इसके बाद हांथो पर वजन डालकर ऊपर उठे। साथ ही पैरो को भी उँगलियों के बल पर टिका ले।
  • फिर तब तक ऊपर आते रहे की आपके फोर आर्म और अपर आर्म के मध्य 90 डिग्री का कोण बने।
  • ध्यान रहे की पीठ सीधी होनी चाहिए और सारा वजन हांथो और कंधो पर नहीं होना चाहिए।
  • सर को शरीर की सिधाई में रखे और साथ ही आगे की और देखे।
  • इस आसन में आप 30 से 60 सेकंड तक रुक सकते है। फिर धीरे धीरे समय बढ़ा सकते है।

चतुरंग दंडासन के फायदे

  1. चतुरंग दंडासन बाज़ुओं और कलाईयों को शक्ति प्रदान करता है। यह आपकी कलाई मजबूत और अधिक लचीला बनाता हैI
  2. चतुरंग दंडासन को नियमित करने से मन शांत रहता है।
  3. प्रतिदिन इस आसन को करने से कंधो को मजबूती मिलती है।
  4. यह आसन पेट की चर्बी को कम करता है|
  5. यह आसन पीठ दर्द में राहत देता है।
  6. यह आसन हांथो के संतुलन के लिए बहुत ही लाभदायक होता है।
  7. चतुरंग दंडासन से एब्स टाइट होते है जिससे पेट एकदम फिट लगता है।

चतुरंग दंडासन से पहले करने वाले आसन

  • भुजंगासन
  • उर्ध्व मुख श्वानासन
  • अधो मुख श्वानासन

चतुरंग दंडासन के बाद करने वाले आसन

  • उर्ध्व मुख श्वानासन
  • अधो मुख श्वानासन

चतुरंग दंडासन मे सावधानी

  • यदि आप गर्भवती है तो यह आसान न करे।
  • यदि आपकी कलाइयों में या फिर कमर में दर्द है तो इस आसन को न करे|
  • अगर आप किसी बीमारी से ग्रस्त है तो भी इस आसन को करने से बचे|