योग का अभ्यास एक ऐसा अभ्यास होता है जो सम्पूर्ण शरीर को लाभ प्रदान करता है। योग में अनेक योगासन बनाए गए है जो कि शरीर के अलग अलग अंगों को स्वस्थ्य रखने का कार्य करते है।

योगासन में से ही एक आसन है चतुष्पादासन जो कि पैरो और पीठ को मजबूत बनाता है। पाचन क्रिया को भी सुचारु रूप से चलने में मदद करता है। शरीर को आराम प्रदान करता है साथ ही मन शांत हो जाता है।

चतुष्पादासन को अंग्रेजी में फोर लेग्गड एक्सरसाइज भी कहा जाता है। यह आसन भी खड़े होकर किये जाने वाले आसनो में से एक होता है।

चतुष्पादासन को करते समय पूरे शरीर पर ध्यान देना होता है। इस आसन का अभ्यास करना आसान होता है। आइये जानते है कैसे करते है Chatushpadasana.

Chatushpadasana: जाने इसे करने के तरीके,फायदे और सावधानिया

Chatushpadasana in Hindi

चतुष्पादासन करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाए। आपकी पीठ बिलकुल सीधी होनी चाहिए और पैरो को आराम की मुद्रा में रखे।
  • इसके बाद साँस को अंदर लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर की तरफ ले जाए।
  • फिर साँस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पीठ को सीधा रखे और कूल्हों से आगे की तरफ झुके।
  • इसके बाद बाजुओं को सीधा रखे और अपने हाथों की हथेलियों को जमीन पर रखें।
  • अब अपने सिर को ऊपर की तरफ उठाये और सामने की तरफ देखने का प्रयत्न करे।
  • ध्यान रहे इसमें आपके पैर सीधे रहने चाहिए।
  • सांस को सामान्य रूप से लेते रहे और कुछ समय के लिए इसी स्थिति में रहे।
  • इसके बाद साँस को लेते हुए सीधे खड़े हो जाए।
  • बाजुओं को सिर के ऊपर की तरफ रखे। अब साँस को छोड़ते हुए अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाए।
  • इस प्रक्रिया को तीन बार दोहराये।

चतुष्पादासन को करने के फायदे

  • चतुष्पादासन को नियमित रूप से करने पर यह पैरो की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और पैरों को शक्ति प्रदान करता है।
  • बाजुओं और पीठ को ताकत देने के लिए भी चतुष्पादासन का अभ्यास करना अच्छा होता है।
  • इस आसन के अभ्यास से किडनी का कार्य संचालन अच्छे से होता है।
  • मष्तिष्क में होने वाली रक्तपूर्ति में सुधार करने में सहायक होता है। साथ ही दिमाग की कार्य प्रणाली को भी सक्रिय करने का कार्य करता है।
  • चतुष्पादासन करने से यह पैरों के पीछे के भाग की मांसपेशियों में खिचाव लाता है।

चतुष्पादासन को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानिया

  • यदि किसी व्यक्ति के पैरों में गंभीर चोट या फिर घाव हो तो चतुष्पादासन को नहीं करना चाहिए।
  • पीठ में चोट या फिर दर्द होने पर भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • ध्यान रहे कि इस आसन का अभ्यास किसी समतल जमीन पर ही करे ऊँची नीची जमीन पर संतुलन बिगड़ सकता है।