पेट की चर्बी और शारीरिक थकान दूर करे धनुरासन

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पेट की चर्बी और शारीरिक थकान दूर करे धनुरासन

आज के युग में हर उम्र का व्यक्ति मोटापे तथा शारीरिक चर्बी से परेशान है| लाख जतन करने के बाद भी पेट की चर्बी कम ही नही हो रही है| लोग जिम जाते है कसरत करते है डाइटिंग करते है फिर भी कोई असर नहीं हो रहा है| अगर आप भी ये सब कर रहे है लेकिन कोई फायदा नहीं मिल रहा है तो आप धनुरासन कीजिये|

धनुरासन करने से पेट की चर्बी कम होती है| धनु का अर्थ होता है धनुष, इस आसन को करते समय शरीर की आकृति धनुष के समान नजर आती है| इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है| अंग्रेजी में इसे Bow Pose कहते है| इसमें हाथो का उपयोग सिर, धड़ और टांगो को ऊपर की ओर प्रत्यंचा की तरह किया जाता है|

इस आसन के द्वारा सभी आंतरिक अंगो, मांसपेशियों और जोड़ो की कसरत हो जाती है| गले के रोग नष्ट होता है पाचन शक्ति बढ़ती है| श्वास की क्रिया व्यवस्थित चलती है| मेरुदण्ड मजबूत तथा स्वस्थ बनाता है| साथ ही कमर दर्द, उदर रोग, सर्वाइकल स्पोंडोलाइटिस आदि रोगों में भी यह लाभप्रद है| महिलाओं में मासिक धर्म से सम्बंधित विकृति दूर होती है| तो आइये जानते है Dhanurasan in Hindi.

Dhanurasan in Hindi: जानिए धनुरासन करने की विधि और लाभ

Dhanurasan in Hindi

अन्य आसनों की तुलना में यह आसान थोड़ा कठिन है| इसलिए पहले अर्ध-धनुरासन का अभ्यास करें| धीरे-धीरे अभ्यास हो जाने पर पूर्ण धनुरासन को करना ठीक होगा| इस योग को किस तरह से करना चाहिए आइये जानते है-

धनुरासन की विधि

  1. समतल जमीन पर चटाई बिछाकर मकरासन की अवस्था में पेट के बल लेट जाएं|
  2. दोनों पेरो को आपस में मिलाकर रखे और हाथो को कमाए से सटाये|
  3. अब साँस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को मोड़ते हुए एड़ियों को कमर की तरफ लाएं |
  4. अपनी बाहों को पीछे की ओर ताने फिर बायें हाथ से बाये पैर को तथा दायें हाथ से दायें पैर के पंजों को पकड़ने का प्रयास करें| अब श्वास भरकर कुछ समय तक रोक कर रखें|
  5. अब साँस को छोड़ते हुए जमीन से टांगों को ऊपर की ओर खींचे साथ ही जमीन से सीने को उठाएं| बाँह और हाथ झुके हुए धनुष के समान शरीर को तानने में प्रत्यंचा का कार्य करता है|
  6. अब अपने सिर को जितना हो सके ऊपर उठाये और पीछे की तरफ करें|
  7. सांस पर ध्यान रखते हुए आसान में स्थिर रहें, इस समय आपका शरीर धनुष की तरह नजर आएगा|
  8. लम्बी गहरी सांस लेते हुए आसान में विश्राम करें|
  9. 15-20 सेकंड के बाद श्वास छोड़ते हुए पैर और छाती को धीरे-धीरे जमीन पर वापस लाएं|
  10. प्रतिदिन इस आसन का अभ्यास तब तक करें जब तक आप इसे आसानी से कर सकें|

धनुरासन के लाभ

दिनभर के काम, थकान और मानसिक तनाव की वजह से आपकी सेक्स लाइफ पर बुरा असर पड़ता है| अगर आप भी इस कारण परेशान है तो नियमित धनुरासन का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है| इस आसन को करने से पुरुषों की इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर होती है साथ ही महिलाओं में कामेच्छा बढ़ती है| आइये जानते है Dhanurasana Benefits -

  1. पीठ, रीढ़ की हड्डी और पेट के स्नायु को बल प्रदान करता है तथा छाती, गर्दन और कंधो की जकड़न दूर करता है|
  2. रीड की हड्डी में लचीलापन लाता है और रीड की हड्डी के दर्द में लाभप्रद होता है|
  3. पेट की अतिरिक्त चर्बी और मोटापा कम होता है|
  4. मलबद्धता, अजीर्ण और पाचन से सम्बंधित विकारों को दूर करता है|
  5. यह आसन महिलाओ के लिए भी बहुत लाभकारी है| यह आसन प्रसव के बाद पेट पर पड़ने वाली झुर्रियों को दूर करता है साथ ही मासिक धर्म, गर्भाशय के रोग तथा डिंबग्रंथियों के रोग ख़त्म करता है|
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सावधानियाँ

  1. गर्भवती महिलाओं को यह योग नहीं करना चाहिए|
  2. यदि आपको अधिक कमर दर्द, गर्दन दर्द या रीड ही हड्डी में दर्द हो तो यह आसान ना करें|
  3. जिन लोगों को पेट में अल्सर, हर्निया, उच्च रक्तचाप, माइग्रेन की परेशानी हो या किसी तरह का ऑपरेशन हुआ हो तो इस आसन का अभ्यास ना करें|

Dhanurasan in Hindi, शलभासन और भुजंगासन तीनों एक दूसरे से जुड़े हुए योग है| यह सभी आसन हमे अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर करना चाहिए| धनुरासन करने से बहुत फायदे मिलते है लेकिन किसी भी आसन को करने से पहले योग चिकित्सक की सलाह लेना और उनकी अनुपस्थिति में ही इनको करना चाहिए|