आज कल की लाइफ स्टाइल बहुत ही व्यस्त हो गयी है जिस कारण लोगो के रहन सहन का तरीका पूरी तरह से परिवर्तित हो चूका है।

इस गलत लाइफ स्टाइल के कारण कई सारी समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जैसे की इनफर्टिलिटी की समस्या जो की पुरुष और महिलाओ दोनों में ही देखने को मिलती है। ध्यान ना देने पर ये बढ़ती ही जा जाती है।

इस समस्या से निजात पाने के लिए और फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए योग बहुत ही अच्छा व् असरकारी माध्यम होता है। यदि महिलाएं योगासनों का अभ्यास करती हैं तो उनके प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है।

योगासन ना केवल फर्टिलिटी को बढ़ाने में मदद करता है बल्कि इसके अभ्यास से शरीर स्वस्थ्य रहता है और कई रोगों से मुक्ति भी मिल जाती है।आईये जानते है Fertility Yoga Poses कौन कौन से होते है।

Fertility Yoga Poses: जानिए फर्टिलिटी को बढ़ाने में मददगार आसन

Fertility Yoga Poses in Hindi

पश्चिमोत्तानासन

  • पश्चिमोत्तानासन को बैठ कर किया जाता है।
  • फर्टिलिटी को बढ़ाने के लिए इस आसन का अभ्यास करना अच्छा होता है।
  • साथ ही इस आसन के अभ्यास से पीठ का दर्द की समस्या दूर हो जाती है।
  • पेट से सम्बंधित सारी समस्याएं दूर हो जाती है।
  • पश्चिमोत्तानासन को करने से तनाव, सिर दर्द, अनिंद्रा जैसी समस्याएं भी दूर हो जाती है, जिससे शरीर में फुर्ती बनी रहती है।
  • पश्चिमोत्तानासन गर्भधारण करने वाले प्रमुख अंग जैसे अंडाशय और गर्भाशय को मजबूत बनाने का कार्य करता है।

भुजंगासन

  • फर्टिलिटी में वृद्धि करने के लिए इस आसन का अभ्यास करना बहुत ही अच्छा होता है।
  • भुजंगासन को करते रहने से रक्त संचार अच्छे से होता है। जिसके कारण ओवरी और यूटेरस दोनों तक ही रक्त बहुत ही अच्छे से पहुंच पाता है।
  • हार्मोन्स का संतुलन बनने में भी यह आसन मददगार होता है।
  • भुजंगासन थकान और तनाव से मुक्ति दिलाने का कार्य करता है।

पादहस्तासन

  • पादहस्तासन को नियमित रूप से करने पर इनफर्टिलिटी की समस्या दूर हो जाती है।
  • यह आसन गर्भाशय, मूत्र-प्रणाली तथा जननेन्द्रिय स्रावों के लिए बहुत ही अच्छा होता है।
  • यह पेट में होने वाली कब्ज की शिकायत को दूर करने में मदद करता है।

सेतु बंधासन

  • सेतु बंधासन को करने से आपके पेल्विक हिस्से खुल जाते है। इस आसन को लेटकर किया जाता है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, चिंता और डिप्रेशन को दूर कर सकते है जिससे शरीर में फुर्ती आ जाती है।
  • यह पाचन क्रिया को ठीक रखने में सहायक होता है।
  • यह महिलाओ को होने वाली मासिक धर्म व रजोनिवृति की समस्याओ को भी दूर करता है।
  • सेतु बंधासन पीठ की मासपेशियों को मज़बूत बनाने का भी कार्य करता है।

पद्मासन

  • पद्मासन को बैठ कर किया जाता है। जो की मन को शांत करता है और सभी चिंताओं से मुक्त कर देता है।
  • पद्मासन को नियमित करने से पाचन क्रिया अच्छी रहती है।
  • यह गर्भवती महिलाओं के प्रसव में बहुत ही मददगार होता है।
  • साथ ही यह मासिक चक्र की समस्याओं को भी दूर करता है।
  • पद्मासन को करने से इनफर्टिलिटी की समस्या दूर हो जाती है।
उपरोक्त आसनो के अतिरिक्त आप प्राणायाम भी कर सकते है, जैसे भ्रामरी प्राणायाम और विपरीत करनी.. यह भी फर्टिलिटी को बढ़ाने में मदद करता है।