सामान्यतः हर व्यक्ति की सोच होती है कि जब भी कोई उनसे मिले तो वह पूरी तरह प्रभावित हो| किसी को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अच्छे व्यव्हार के साथ-साथ सुंदरता भी बहुत महत्त्व रखती है और इसके जरुरी है स्वस्थ रहना| यदि आप स्वस्थ ही नहीं रहेंगे तो सुन्दर दिखना और भी मुश्किल हो जायेगा|

ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य की तरफ अगर्सर होना बहुत ही आवश्यक है| आज कल की भागदौड़ और व्यस्त जीवन शैली ने हमें पीठ दर्द, कमर दर्द और अन्य रोगों से हमे ग्रसित कर दिया है| माना कि, अपने काम को बदला नहीं जा सकता है, लेकिन अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव कर आप इस तरह की समस्यायों से बच सकते है और स्वस्थ, आकर्षक और सुन्दर शरीर बनाए रख सकते है|

इसके लिए आपको केवल योग करना है| अब आप सोच रहें होंगे की सिर्फ योग से इतना कुछ कैसे हो सकता है| आज हम आपको ऐसे ही योग के बारे में बताने वाले है| जिसके नियमित अभ्यास से न सिर्फ स्वस्थ रह सकते है बल्कि सुन्दर और सुडोल शरीर भी पा सकते है| आइये जानते है Hansasana in Hindi.

Hansasana in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ

Hansasana in Hindi

अगर आप नियमित रूप से हंसासन का अभ्यास करते है तो रीढ़ की हड्डियों से जुडी समस्या के साथ ही कई अन्य छोटी-बड़ी बीमारियां भी आपसे दूर हो जाती है| यह आपको हर तरह के शारीरिक दर्द से निपटने के लिए बहुत लाभदायक और तुरंत आराम प्रदान करने वाला है|

हंसासन योग करने की विधि

  1. हंसासन योग करने के लिए किसी साफ-स्वच्छ वातावरण वाले स्थान पर दरी या चटाई बिछाकर घुटनों के बल बैठ जाएं।
  2. इसके बाद दोनों हाथों को सामने जमीन पर टिकाकर रखें तथा दोनों हाथो के बीच कुछ दुरी रखकर अंगुलियों को आगे की तरफ खोलकर रखें।
  3. अब घुटनों और कोहनियों को मोड़कर पीछे की ओर ले जाएं।
  4. इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए दोनों हथेलियों पर जोर देकर अपने शरीर के पिछले भाग को ऊपर उठाएं तथा शरीर का पूरा भार हथेलियों पर रखकर संतुलन बनाने का प्रयास करें।
  5. अब गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर शरीर का आकार पक्षी की तरह बनाएं और कुछ समय इस स्थिति में बने रहें|
  6. इस आसन का अभ्यास को 2-3 बार करें। यह आसन थोड़ा कठिन है परंतु कुछ दिन नियमित करने के बाद आप इसे आसानी से कर पाएंगे|
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हंसासन योग के लाभ

  1. इस आसन के अभ्यास से हाथ व पैरों की मांसपेशियां मजबूत तथा गर्दन और पेट का मोटापा और चर्बी कम होती है।
  2. हंसासन करने से छाती मजबूत और पुष्ट होती है तथा शरीर शक्तिशाली बनता है। हाथ, कलाइयां और कंधे भी मजबूत बनते है|
  3. यह आसान पैंक्रियाज को सक्रिय बनाए रखने में सहायक होता है|
  4. यह फेफड़ों को स्वच्छ और सक्रिय बनाए रखता है|
  5. इस आसन से चेहरे पर तेज, चमक और सुंदरता आती है तथा शरीर में स्फूर्ति व ताजगी बनी रहती है।
  6. नाड़ी-तंत्र ठीक तरह से काम करने लगते है, जिससे रक्त संचार यानि खून का बहाव तेज हो जाता है।
  7. यह क्रिया मल-मूत्र की रुकावट को दूर करता है और पेट दर्द, पीठ दर्द, कमर दर्द, पसली का दर्द तथा प्लूरिसी आदि रोगों को खत्म करता है।
  8. इस आसन के अभ्यास से शरीर में अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे कार्यक्षमता में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होती है|

योग, ध्यान और प्राणायाम ऐसी विधाएं है, जिन्हे करने से मनुष्य के जीवन में अद्भुद बदलाव आते है| जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा| यह रोगों से तो आपको मुक्त करेंगे ही साथ ही इनके अभ्यास से आप मन को भी कंट्रोल में कर लेंगे| यह आपके आंतरिक और बाह्य दोनों रूपों को परिवर्तित कर एक नयी ऊर्जा का विकास करते है| जिसका असर आपकी त्वचा पर भी होता है और आप अधिक समय तक जवां और खूबसूरत बने रह सकते है|

ऊपर आपने जाना Hansasana in Hindi, यह एक ऐसा आसन है जो आपको अनेक शारीरिक लाभ के साथ-साथ सुन्दर और शारीर को सुडोल भी बनाता है|