स्त्रियों को मजबूत और आकर्षक शरीर प्रदान करता है हनुमानासन

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स्त्रियों को मजबूत और आकर्षक शरीर प्रदान करता है हनुमानासन

आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी शारीरिक समस्या और मानसिक तनाव से परेशान रहता है। स्त्री, पुरुष, बच्चे हो या बुजुर्ग हर कोई आज बीमारी से ग्रसित है। इसका सबसे मुख्य कारण है, असंतुलित दिनचर्या और अनियमित खानपान, इसके अलावा आज व्यायाम और योग से भी दूर हो गए है। हालाँकि इसके बढ़ते लाभ को देखते हुए लोग पुनः योग और प्राणायाम की ओर आकर्षित होने लगे है|

महिलाओं की बहुत सी ऐसी समस्याएं होती है जिनका इलाज दवा के द्वारा नहीं किया जा सकता है। लेकिन इन्हे योग के जरिये ठीक किया जा सकता है| आज हम आपको ऐसे ही एक आसन के बारे में जानकारी देने वाले है। जो खासकर महिलाओं के लिए बेहद की लाभकारी साबित होता है| आज हम जो आसन आपको बता रहे है उसका नाम है हनुमानासन|

शरीर की मांसपेशिया मजबूत और कमर शेप में हो तो शरीर की बनावट बेहद आकर्षक लगती है, खासकर लड़कियों की। अगर आप भी मांसपेशियों को मजबूत और शरीर को आकर्षक बनाना चाहते है तो इस आसन को जरूर अपनाए| आइये जानते है Hanumanasana in Hindi.

Hanumanasana in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ

Hanumanasana in Hindi

हनुमानासन करने के विधि

  1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले समतल ज़मीन पर चटाई या दरी बिछाकर खड़े हो जाएं |
  2. इसके बाद अपने दोनों पैरों को घुटनो से मोड़कर नीचे बैठ जाये|
  3. दोनों घुटनों को सामने फर्श पर टिका ले तथा पंजो पर बैठ जाये |
  4. अब अपने बाएं पैर को धीरे-धीरे पीछे की तरफ तथा दाएं पैर को आगे की तरफ ले जाएं। आसन के प्रारम्भ में जितना हो सके उतना पेरो को फैलाने का प्रयास करे |
  5. आरम्भ में शारीर का संतुलन बनाए रखने के लिए हथेलियों का प्रयोग कर सकते है।
  6. अपने दोनों पेरो को इतना फेला दे की कूल्हे ज़मीन से लग जाये।
  7. आसन की इस स्थिति में आने के बाद अपने हाथो को प्रार्थना की मुद्रा में आगे की तरफ रखें और 2 मिनट तक इस अवस्था में बने रहें|
  8. इसके बाद बाए पैर को आगे की ओर तथा दाए पैर को पीछे ओर फैलाए तथा पुनः इस क्रिया को दोहराए।इस तरह इस आसन को दोनों पेरो से बदल-बदल करे और दोनों पेरो से 2-2 बार करे |

हनुमानासन करने के लाभ

आइये जानते है Hanumanasana Benefits-

  1. इस आसन के नियमित अभ्यास से नाभि के निचले हिस्से की हड्डिया लचीली होती है।
  2. यह साइटिका का दर्द या नर्वस सिस्टम का दर्द हमेशा के लिए समाप्त कर देता है। यह आसन हाथ-पेरो के स्नायु को भी शक्तिशाली बनाता है|
  3. इसके अभ्यास से कमर पतली होती है और मांसपेशिया मजबूत होती है।
  4. इस आसन के नियमित अभ्यास से स्त्रियों के सभी रोग जैसे मासिक धर्म सम्बन्धी व् रक्त स्त्राव जाते है|
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सावधानियां

यह आसन थोड़ा कठिन है इसलिए ध्यान रखे कि शुरूआत में जितना संभव हो उतना ही पैर को फैलाए और धीरे-धीरे इस आसन को पूरा करने की कोशिश करें तथा घर पर करने से पहले किसी योग शिक्षक के सानिध्य में इसका अभ्यास करें|

आसन की सिद्धि से नाड़ियों की शुद्धि, आरोग्य की वृद्धि एवं स्फूर्ति की प्राप्ति होती है। पतंजलि ने अपने योगसूत्र में लिखा है "स्थिरं सुखं असनम" अर्थात चित्त को स्थिर रखने वाले तथा सुख को देने वाले बैठने के प्रकार को आसन कहते है|

ऋषि मुनियों ने स्वास्थ्य और आध्यात्मिक प्रशनो की खोज के दौरान प्रकृति, पशु और गहन अध्ययन  जानने का प्रयास किया की सहज रूप से स्वस्थ और चेतन्य रहा जाये।  इसके लिए उन्होंने योग और आसनो को इसका माध्यम बनाया|

आज हमने आपको Hanumanasana in Hindi, के सम्बन्ध में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारियां दी है। जिन्हे पढ़कर और समझकर आप अनेक शारीरिक लाभ प्राप्त कर सकते है। महिलाएं खासकर इस आसान का प्रयोग जरूर करे, यह स्त्रियों की उन् समस्या का समाधान कर सकता है। जिससे महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है|