Kandasana (Upward Ankle Twist Pose): यौन विकारों को दूर करने में सहायक

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Kandasana (Upward Ankle Twist Pose): यौन विकारों को दूर करने में सहायक

कंडासन बैठ कर किये जाने वाले आसनो में से एक होता है जो कि पैरों में लचीलेपन को बढ़ाता है और उन्हें मजबूत भी बनाता है। यह आसन करने में कठिन है परन्तु अभ्यास के द्वारा इसे आसनी से किया जा सकता है।

यह संस्कृत शब्द कांडा से लिया गया है, जिसका अर्थ है "बोल्बस," और आसन, जिसका अर्थ है "मुद्रा।" यह नाम इसे इसलिए दिया गया है क्योंकि इस मुद्रा में पैर की स्थिति एक प्याज की बल्ब के समान दिखाई देती है।

अंग्रेजी में इसे Upward Ankle Twist Pose कहा जाता है।  इस आसन को करने के कई महत्वपूर्ण लाभ होते है जैसे यौन विकारों को दूर करने, शक्ति का विकास करने, शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता और नपुंसकता को दूर करने आदि।

कंडासन का अभ्यास गुर्दे और मूत्राशय सहित अन्य अंगों को उत्तेजित करता है, साथ ही मानसिक शांति को भी बढ़ाता है। जानते है कैसे करते है Kandasana (Upward Ankle Twist Pose).

Kandasana: जानिए इसे करने का तरीका, फायदे और सावधानियां

Kandasana in Hindi

कंडासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक समतल जमीन पर कोई दरी या मेट को बिछा ले।
  • इसके बाद उस दरी पर बैठ जाए और अपने पैरों को सामने की तरफ फैला ले और  अपने पैरों को एकदम सीधा रखे।
  • इतना करने के बाद अपनी जांघो को थोड़ा फैलाये और अपने घुटनो को मोड़ ले। ध्यान रखे कि आपके घुटने जमीन से स्पर्श करने चाहिए।
  • फिर दाहिने पैर को दाहिनी हथेली और बायीं पैर को बाएं हथेली से पकड़ ले।
  • हाथों की मदद से, पैरों को धड़ की ओर खींचें साथ ही तखनो को पलट ले। अब घुटनों और जांघों को भी ऊपर की तरफ खींचने का प्रयास करे।
  • इसके बाद धीरे धीरे अपने दोनों पैरों को छाती तक ले जाने का प्रयत्न करे।
  • शुरुआत में इसे करने में कठिनाई आ सकती है परन्तु अभ्यास करते रहने से इसे आसानी से किया जा सकता है।
  • अब कुछ समय के लिए पैरों को इसी स्थिति में रखे।
  • आपने जिन हाथों से अपने पैरों को पकड़ा था उन्हें छोड़ दे।
  • हाथों को अपने दोनों घुटनो पर रखे साथ ही हाथ सीधे होने चाहिए।
  • इस मुद्रा में 30 सेकंड के लिए रुके और गहरी सांसे लेते रहे।
  • जब आप इस मुद्रा में निपुण हो जायेंगे तो हाथों की दोनों हथेलियों को जोड़कर सिर के ऊपर भी ले जा सकते है और पीठ के पीछे भी अपनी हथेलियों को जोड़ने का प्रयास कर सकते है।

कंडासन के फायदे

  • कंडासन में नाभि के नीचे हर मांसपेशियों का प्रयोग किया जाता है जिसके कारण कूल्हे, घुटने और टखनों के जोड़ों में मजबूती आ जाती है।
  • यह यौन ऊर्जा को पुनर्स्थापित करता है और यौन इच्छाओं को भी नियंत्रित करने का कार्य करता है।
  • कंडासन पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाने में सहायता करता है।

सावधानियां

  • यदि आपकी पीठ में दर्द है या फिर कोई चोट है तो इस आसन को ना करे।
  • घुटनो में दर्द होने पर भी इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
नोट - इस आसन का अभ्यास किसी कुशल प्रशिक्षक की उपस्थिति में शुरू करे। साथ ही इसे नियमित रूप से करने पर ही इसके लाभ को प्राप्त किया जा सकता है।