Kapalbhati Side Effects: कपालभाती प्राणायाम को करने से पहले जरूर जान ले

कपालभाती प्राणायाम को करने के अनेक फायदे होते है। इसे नियमित रूप से करने पर कई रोगों से मुक्ति मिलती है और शरीर स्वस्थ रहता है।

यह व्यक्ति का मोटापा भी कम करने में मदद करता है और इसे करते रहने से पाचन तंत्र अच्छा रहता है। साथ ही ये ब्लड सर्कुलेशन के लिए भी एक अच्छा माध्यम होता है। इसके अतिरिक्त यह बहुत से लाभ देता है ।

लेकिन आपको बता दे कि कपालभाती प्राणायाम को करने से जितने सारे लाभ होते है। उसी तरह इसे करने से बहुत सारी हनिया भी होती है। क्योंकि यह प्राणायाम हर व्यक्ति के लिए लाभकारी नही होता है।

कुछ केसेस में इसे करने से भी कुछ तरह कि बीमारियों से शरीर ग्रसित हो जाता है। इसे नियमित रूप से करते रहने से कई प्रकार के Kapalbhati Side Effects का सामना करना पड़ता है। जानते है वह कौन सी समस्याएं है जिसमे कपालभाती प्राणायाम नही करना चाहिए।

Kapalbhati Side Effects: कुछ केसेस में हानि भी पहुंचाता है कपालभाति

Kapalbhati Side Effects

ब्लड प्रेशर कि समस्या

  • जिन व्यक्तियों को ब्लड प्रेशर की बीमारी होती है उन्हें कपालभाती नहीं करना चाहिए।
  • ब्लड प्रेशर रक्त वाहिकाओं की दीवारों पर रक्त परिसंचारी का दबाव है।
  • इसके अतिरिक्त गंभीर श्वसन संक्रमण में भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।

हर्निया

  • हर्निया एक एसी बीमारी है जिसके कई प्रकार होते है और जो स्त्री या पुरुष किसी को भी हो सकती है।
  • हर्निया एक प्राचीन रोग है, इस रोग को देखकर और छूकर महसूस किया जा सकता है।
  • हर्निया की समस्या जन्मजात भी हो सकती है।
  • हर्निया कि समस्या वाले लोगो को कपालभाती प्राणायम नही करना चाहिए।

गर्भवती महिला न करे कपालभाति प्राणायाम

  • गर्भवती महिलायों को यह आसन नही करना चाहिए। क्योंकि इसका अभ्यास आपको हानि भी दे सकता है।
  • मासिक धर्म के समय भी इस आसन को नही करना चाहिए।

अल्सर रोगी न करें कपालभाति प्राणायाम

  • यदि किसी को अल्सर है या फिर पेट का ऑपरेशन हुआ हो तो इसका अभ्यास बिलकुल भी न करें। यह आपके लिए नुक़सानदेह भी हो सकता है।
  • इसके अतिरिक्त इस बात की भी सावधानी रखना चाहिए कि यह आसन करते समय आपका पेट खालीहो नहीं तो कपालभाति प्राणायाम हानि अथवा नुकसान भी कर सकता है।

कार्डियक की समस्या

  • कार्डियक समस्या हृदय से सम्बंधित होती है।
  • कार्डियोवास्कुलर रोग में हृदय और संचलन के सभी रोग सम्मिलित हैं।
  • हृदय की समस्याओं में दिल की विफलता, दिल का दौरा, एनजाइना और अबनोर्मल हार्ट रिदम शामिल है।
  • जिसे भी हृदय संबंधी समस्या है उन्हें कभी भी कपालभाती प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

इसके अतिरिक्त स्पाइनल के रोग से ग्रसित लोग और कमज़ोरी की अवस्था में कभी भी कपालभाती प्राणायाम नही करना चाहिए। कोई भी आसन शुरू करने से पहले अपने चिकित्सक से ज़रूर परामर्श करे और सारे आसन किसी योग प्रशिक्षक कि निगरानी में ही करे। ताकि आप आसनों को सही ढंग से कर सकें और किसी भी तरह की कोई हानि ना हो।

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