Maha Bandha: बुद्धि को तेज करे, पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में मददगार

महाबंध शब्द में बंध का अर्थ होता है बंधन, गांठ, कसना। इस योगासन का अभ्यास कर लेने से प्राणों को शरीर के किसी एक भाग पर बांधा जा सकता है। यह Yoga मुद्रा दो बन्धो का सयुक्त रूप होता है। जिस कारण इसे महाबंध के नाम से जाना जाता है।

हठयोग के सभी ग्रंथो में महाबंध योग मुद्रा का वर्णन भी किया गया है। बंध, प्राणायाम और मुद्रा इन तीनों Yoga Mudra Pose का अभ्यास साथ-साथ किया जाता है। ऐसा करने से इसके लाभ अत्यधिक मिलते हैं। इस Pranayama को करने से मन में उपस्थित चंचलता दूर होती है। साथ ही आप शांति का अनुभव कर सकते है।

महाबंध योगासन शरीर में ऊर्जा के वितरण के कार्य में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से रक्त का जमाव भी दूर होने लगता है। महाबंध को करते समय साँस को बाहर की तरफ छोड़ा जाता है जिसके साथ ही शरीर में उपस्थित सारी चिंताएं भी बाहर निकल जाती है।

महाबंध के नियमित अभ्यास से योगी प्राणों को नियंत्रित कर सफलता पूर्वक अपने कुंडलिनी को भी जाग्रत कर सकता है अतः यह Kundalini Yoga की तरह भी कार्य करता है। जानते है Maha Bandha का अभ्यास करने की विधि, इसके लाभ और करते समय ध्यान रखने वाली सावधानियों के बारे में।

Maha Bandha in Hindi: जानिए महाबंध के अभ्यास का तरीका, लाभ और सावधानी

Maha Bandha

महाबंध को करने की विधि

  • इसे करने के लिए सिद्धासन या फिर पद्मासन में बैठ जाए।
  • अगर आपको इन आसनों में बैठने में कठिनाई हो रही है, तो अर्ध पद्मासन की तरह किसी भी आसान में क्रॉस-लेग्ड Mudra में बैठ सकते है।
  • इसके बाद अपनी नाक के माध्यम से पूरी तरह से श्वास लें और अपनी नाक के माध्यम से पूरी तरह से साँस छोड़े।
  • इसके बाद जालंधर बंध, Uddiyana Bandha और Mula Bandha लगा कर साँस को पूरी ताकत के साथ बाहर ही रोक कर रखे।
  • कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहे फिर इसके बाद धीमी गति से धीरे धीरे साँस ले।

महाबंध के फायदे

तनाव को दूर करे-

  • आजकल बच्चे से लेकर बड़े हर किसी में किसी कारण तनाव की स्थिति बनी रहती है। जिसके चलते कई बीमारियाँ भी हो जाती है। इसलिए तनाव को दूर करना आवश्यक होता है।
  • महाबंध को नियमित करने से तनाव को दूर करने में मदद मिलती है। जिसके कारण मन भी शांत हो जाता है। अर्थात इससे चिंता, परेशानी और क्रोध दूर हो जाते हैं।
  • साथ ही यह अवसाद को दूर करने में भी मदद करता है।

दिमाग को तेज बनाये

  • इस आधुनिक युग में आगे बढ़ने के लिए दिमाग को तेज करने की आवश्यकता होती है तभी आप कदम से कदम बढ़ा कर आगे चल सकते है।
  • दिमाग को तेज करने के लिए उचित आहार लेना तो ज़रुरी होता है साथ ही योग भी आपके दिमाग को स्वस्थ्य रखता है।
  • महाबंध आसन को रोज करने से बुद्धि भी तेज हो जाती है।

पेट के लिए लाभकारी

  • अनियमित जीवन शैली और गलत खानपान के कारण आये दिन लोगो को पेट की समस्याएं बनी रहती है। लोग दवाओं का सेवन करने के बाद भी पेट की समस्या को दूर नहीं कर पाते है।
  • योग के द्वारा आप पेट की समस्याओं को हमेशा के लिए दूर कर सकते है।
  • महाबंध आसन को नियमित रूप से करने पर जठराग्नि में वृद्धि होती है। जिससे पाचन शक्ति को मज़बूती मिलती है।
  • जिसके कारण पेट से संबंधित रोगों को दूर करने में सहायता मिलती है।

मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के लिए लाभकारी

  • जैसे जैसे उम्र बढ़ती है शरीर की मांसपेशिया कमजोर हो जाती है।
  • मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए योग आपकी मदद कर सकता है इसके लिए महाबंध आसन करना उत्तम होता है।
  • यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद होता है, विशेष रूप से तंत्रिका तंत्र, आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और तंत्रिकाओं के लिए।

सकारात्मकता को बढ़ाये

  • जिन लोगो में नकारात्मकता होती है और उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है।
  • उसे महाबंध आसन का अभ्यास करना चाहिए। यह व्यक्ति में सकारात्मकता को बढ़ाता है। इसलिए इसका नियमित अभ्यास करना अच्छा होता है।

तीनों बंधों के लाभ

  • महाबंध को करने से तीनों बंधों के लाभ प्राप्त हो जाते हैं। इसके द्वारा एक साधक योगी बन सकता है।
  • महा बंधन सभी तीन मूल बंधों – मूल बंध, उदियाना बंध और जलंधरा बंध के संयुक्त लाभ देता है।
  • यह तीन चक्र – मुलधारा चक्र, मणिपुरका चक्र और विशुद्ध चक्र भी सक्रिय करता है।

मन को शांत करे

  • मन यदि शांत नहीं होता है तो हर समय बेचैनी बनी रहती है। किसी भी काम में पूरी तरह से मन नहीं लग पाता है।
  • ऐसा होने पर एकाग्रता की कमी होने लगती है जो की हमारे लिए हानिकारक होती है।
  • आप चीजों को भूलने लगते है। महाबंध आसन को करने से मन शांत रहता है और याददाश्त भी कमजोर नहीं होती है इसलिए आप इसका रोज अभ्यास कर सकते है।

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये

  • यदि शरीर में प्रतिरोधक क्षमता की कमी होती है तो शरीर कई रोगों की चपेट में आ सकता है।
  • एक स्वस्थ्य भोजन के जरिये प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है साथ ही यदि आप नियमित रूप से महाबंध आसन का अभ्यास करते है तो इससे भी आपकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अन्य लाभ

  • यह पाइनल ग्रंथियों (pineal glands ) को सक्रिय करता है और साथ हीं पूरे अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करता है।
  • यह प्राण शक्ति जागृत करता है जो जागरूकता के स्तर को बढ़ा देता है।
  • यह आसन आंतरिक अंगों को मजबूत करता है, मूल शक्ति को बढ़ावा देता है और शरीर को सक्रिय करता है।
  • यह संतुलन की भावना को भी बढ़ावा देता है।

महाबंध करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियाँ

  • इसे किसी कुशल प्रशिक्षक की उपस्थिति में ही इसका अभ्यास करना चाहिए।
  • इसे 5 बार ही करना चाहिए। इसके अभ्यास के बाद कुछ देर तक साँस लेते रहे।
  • महाबंध को तीनों बंध का अच्छे से अभ्यास होने के बाद ही किया जाना चाहिए।
  • इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को इस अभ्यास से बचना चाहिए।
  • रक्त बंधन समस्याओं, हृदय रोग, पेट या आंत के अल्सर, स्ट्रोक, पक्षाघात और हर्निया से पीड़ित लोगों द्वारा महा बंध का अभ्यास नहीं किया जाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को भी इस अभ्यास से बचना चाहिए।
  • महिलाओं को मासिक धर्म के समय इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

शुरुआती चरणों के दौरान सांस को बनाए रखने में असुविधा होती है। लेकिन अभ्यास के साथ लंबी अवधि के लिए सांस बरकरार रखी जा सकती है।

अब तो आप जान ही गए होंगे की इस एक Maha Bandha in Hindi को करने से आपको कितने सारे लाभ मिल सकते है इसलिए इसका अभ्यास नियमित रूप से करे।

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