पेट की चर्बी घटाने और गर्भावस्था में फायदेमंद मार्जरी आसन

आधुनिक युग में हमारा जीवन बहुत ही अस्त व्यस्त होता जा रहा है| जिसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ रहा है| दिनभर की भाग दौड़ में हम अपने शरीर पर ध्यान देना ही भूल जाते है और जिसका परिणाम यह होता है कि शरीर के किसी न किसी हिस्से में दर्द एक सामान्य समस्या बनता जा रहा है|

कभी हमारे सिर में, हाथ पैरों में, कभी पेट में तो कभी कमर में दर्द होता ही रहता है| इन् सभी में कमर का दर्द तो ऐसा है मानों कोई बीमारी हो गयी हो, आज कल हर व्यक्ति इससे परेशान रहता है| कमर का दर्द बहुत ही तकलीफदेह होता है| इसके हो जाने पर शरीर भी थक जाता है और न तो ठीक से बैठ पाते है ना ठीक से खड़े हो पाते है यहाँ तक की ठीक से सोना भी मुश्किल हो जाता है|

अगर आप भी इस प्रकार के दर्द से परेशान है और उसका परमानेंट उपचार ढूंढ रहे है तो यपग को अपनाएं| यह शरीर को स्वस्थ तो रखता है ही साथ ही अनेक रोगो और शारीरिक दर्द से भी हमे बचाता है| आज हम आपको ऐसे ही एक आसन के बारे में विस्तृत जानकारी देने वाले है जो कई प्रकार से आपके शरीर के लिए फायदेमंद है|

संस्कृत में बिल्ली को मार्जरी कहते है और इस आसान को करते समय शरीर की आकृति बिल्ली के सामान नजर आती है, इसलिए इसे मार्जरी आसन कहा जाता है| आइये जानते है Marjariasana in Hindi.

Marjariasana in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ

Marjariasana in Hindi

वैसे तो बहुत से ऐसे आसन है जिन्हें अपनाकर आप शारीरिक दर्द से मुक्ति पा सकते है| लेकिन इन् सब में सबसे सरल और कारगर आसन है मार्जरी आसन| अंग्रेजी में इसे Cat Pose Yoga कहा जाता है| आइये जानते है इसकी विधि-

मार्जरी आसन करने की विधि

यह आसन अन्य आसनों की तुलना में बहुत ही सरल और इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से कर सकता है, साथ ही इसके अनेक फायदे भी है|

  1. सबसे पहले किसी समतल जमीन पर, शरीर को आगे की ओर झुकाकर घुटने के बल बैठ जाएं|
  2. अब शरीर को आगे की तरफ झुकाकर हथेलियों को जमीन से लगा लिजिए|
  3. इस समय आपका शरीर घुटनो और हथेलियों पर टिका हुआ रहना चाहिए|
  4. पैरों के मध्य थोड़ी दुरी बनाये ताकि वह कंधो की सिद्ध में आ जाएं|
  5. इस अवस्था में शरीर को कुछ देर के लिए रोके और धीरे-धीरे साँस लेते रहें|
  6. अब अपनी क्षमता के अनुसार शरीर को आगे और पीछे की ओर ले जाएं|
  7. गर्दन को ऊपर और निचे की तरफ करते रहे और धीरे-धीरे साँस छोड़ते रहें|
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मार्जरी आसन के लाभ

इस योगासन को करने से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव होता है, जिससे शरीर का लचीलापन बना रहता है, रक्त का संचार बेहतर होता है और पाचन क्रिया में भी सुधार होता है| आइये जानते है कुछ इस आसन के लाभ-

पेट की चर्बी

अगर आप बढ़ते वजन और पेट की चर्बी से परेशान है और अपनी तोंद कम करने की ठान चुके हैं तो नियमित रूप से मार्जरी आसन का अभ्यास करें|

गर्भावस्था के दौरान

गर्भवती महिलाओ के लिए योग बहुत ही जरुरी होता है| अपनी सीमित सीमाओं के बावजूद गर्भवती महिलाएं योग के कुछ आसन करके चुस्त-दुरुस्त रह सकती है| किसी भी आसन की सफलता और उसके लाभ उसे करने पर ही महसूस होते है| मार्जरी आसन को गर्भावस्था में बहुत बेहतर माना जाता है| जब आपका शरीर आपको अधिक एक्सरसाइज की इजाजत नहीं देता है तो ऐसे मई आप यह आसन कर सकते है, क्योकि यह बहुत ही सरल आसन है|

मार्जरी आसन की सावधानियाँ

  1. अगर आपकी कमर में किसी प्रकार की तकलीफ या चोट हो तो यह आसान बिलकुल ना करें|
  2. घुटने, कोहनियों, कंधो आदि मई किसी भी प्रकार की चोट या मोच की स्थिति में इस आसन को नहीं करना चाहिए|
  3. इस आसन को करते समय शरीर को ढीला और लचीला छोड़े, आपjitna शरीर को लचीला छोड़ेंगे उतना ही आपके लिए बेहतर होगा|
  4. गर्दन और कमर को तनाव रहित रखना चाहिए|

आज आपने जाना Marjariasana in Hindi, इस योगासन के नियमित अभ्यास से शरीर को दर्द रहित और लचीला बना सकते है|

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