किसी भी विषय पर सही निर्णय लेना आसान नहीं होता है। कई बार यह तय कर पाना मुश्किल होता है की जो निर्णय लिया जा रहा है वह सही है कि नहीं ? साथ ही जो निर्णय लिया जा रहा है उसके परिणाम अनुकूल होगा या नहीं?

जो निर्णय लिया जा रहा है वह सराहनीय होगा की नहीं इस बात पर भी प्रश्न उठ खड़ा होता है। प्रतिदिन हमें ऐसे कई सवालों का सामना करना पड़ता है जिसमे निर्णय लेने की आवश्यकता पड़ती है। ऐसा कभी भी नहीं होता की हमे कहीं पर कोई निर्णय न लेना पड़े।

निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना जरूरी होता है। जिसे आप ध्यान के माध्यम से निखार सकते है। ध्यान से मन को केंद्रित कर एक कुशल निर्णय क्षमता का विकास किया जा सकता है।

ध्यान के ज़रिये आप विपरीत परिस्थितियों में भी निर्णय लेने में सक्षम हो जाते है। जानते है Meditation for Better Decision Making के बारे में।

Meditation for Better Decision Making: निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करें

 

Meditation for Better Decision Making

एक सशक्त मन (A Strong Mind)

  • ध्यान एक ऐसी कला है जिसे नियमित करने से आप स्वयं को जान पाते है।
  • ध्यान के माध्यम से आप अपने आप को एक ऊर्जा के रूप में अनुभव करते है और साथ ही आपका मन आनंदित रहता है।
  • ध्यान करने से मन को असीम शांति मिलती है जिससे कारण आप बड़ी ही सरलता से ज्यादा कार्य को आसानी से संभाल लेते है। और आपमें एक अच्छा निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास हो जाता है।

सहज, एकाग्र व शांत मन

  • सही निर्णय लेने के लिए मन को एकाग्र करना बहुत ही आवश्यक होता है। हमारा मन बाहर की कई चिंताओं से घिरा रहता है जिस कारण यह निर्णय लेने में कठिनाई होती है।
  • ध्यान के माध्यम से मन, शांत और तीव्र होता है।
  • मन की इस स्थिति में लिए गए निर्णय ज्यादा उपयोगी होते है।

सही संतुलन

  • एक अच्छा लीडर वही होता है जो अपने ग्रुप के लोगो की बातों को सहजता के साथ सुने और उस पर सही निर्णय ले जो की सभी के हित में हो।
  • ध्यान इस तरह के गुण का विकास करने में सहायता करता है। यह आने वाले नकारात्मक विचारों को दूर कर देता है और उत्साह में वृद्धि कर देता है।
  • आपको बता दे की चिंता, भय और अपराध बोध आदि यह हमारे निर्णय को प्रभावित करते है। ध्यान के जरिये आप इन सब परिस्थितियों में भी सही संतुलन बना सकते है।

तर्कशील सोच

  • ध्यान के माध्यम से आप बुद्धिमान हो जाते है। जिसके कारण आप भावनाओं में उलझते नहीं है।
  • विपरीत परिस्थितियों में भी आप तर्कपूर्ण तरीके से निर्णय ले पाते है।

वर्तमान पर ध्यान देना

  • सही निर्णय लेने के लिए मन का स्पष्ट होना आवश्यक होता है।
  • यदि मन को वर्तमान पर केंद्रित करना है तो साधक को सुदर्शन क्रिया और ध्यान दोनों का अभ्यास करना चाहिए।

अंतर्प्रज्ञा, ग्रहणबोध और अवलोकन शक्ति

  • परंपरागत रूप से ग्रहणबोध और अवलोकन शक्ति के साथ साथ, प्रेरणा के द्वारा लिए गये निर्णय ज्यादा अच्छे और संपूर्ण होते हैं।
  • ध्यान एक ऐसी विधि है जो की प्रेरणा में वृद्धि करती है।