Padam Lolasana: अंगुलियों, कंधो और बाजुओं को मजबूत बनाये

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Padam Lolasana: अंगुलियों, कंधो और बाजुओं को मजबूत बनाये

हमने आपको पिछले लेख में लोलासन और उसके एक प्रकार उत्थित लोलासन के बारे में जानकारी दी थी। आज हम आपको उसके दूसरे प्रकार के बारे में बता रहे है जिसका नाम है पदम् लोलासन।

पदम् लोलासन बैठ कर किया जाने वाला आसन होता है। इस आसन में संपूर्ण शरीर पर ध्यान देना होता है और इसमें सांसों की स्थिति सामान्य ही रहती है। पदम् लोलासन की क्रिया को 2 बार करना होता है।

पदम् लोलासन करने में थोड़ा कठिन होता है परन्तु इसके नियमित अभ्यास से आप इसके कुशल साधक बन सकते है।

इस आसन को करने में समय लग सकता है इसलिए इसे करने में जल्दी बाजी न करे नहीं तो आपको अंगुलियों, कंधो या फिर बाजुओं में चोट का सामना करना पड़ सकता है। जानते है Padam Lolasana के बारे में विस्तार से।

Padam Lolasana: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानिया

Padam Lolasana in Hindi

पद्म लोलासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक मेट पर पद्मासन की मुद्रा में बैठ जाए।
  • इसके बाद अंगुलियों के अग्रभाग को फर्श पर रखे।
  • ध्यान रहे की अंगुलियां शरीर से इतनी दूरी पर रहे ताकि जब आप शरीर को झुलाएंगे तो घुटने बाजुओं को नहीं छूने चाहिए।
  • अब शरीर को ऊपर की तरफ उठाये।
  • शरीर को ऊपर की तरफ उठाते समय शरीर का पूरा भाग अंगुलियों पर होना चाहिए।
  • इस स्थिति में अपना संतुलन बना कर रखे और कम से कम 10 बार शरीर को बाजुओं के मध्य आगे और पीछे की तरफ झुलाये इसमें ऐसा प्रतीत होगा की आप झूला झूल रहे है।
  • इस मुद्रा में साँस को नियमित रूप से ले।
  • इसके बाद आप अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ सकते है।
  • एक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुनः इस आसन को दोहराये।

पद्म लोलासन को करने के फायदे

  • पद्म लोलासन को नियमित रूप से करने पर बाज़ू मजबूत होती है।
  • कंधो को दृढ़ करने के लिए यह आसन बहुत अच्छा होता है।
  • पद्म लोलासन को प्रतिदिन करने से धड़ की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है।
  • इस आसन में शरीर का पूर्ण संतुलन अँगुलियों पर होता है जिसके कारण अंगुलिया भी मजबूत हो जाती है।

पद्म लोलासन को करते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियां

  • यदि अंगुलियों और बाजुओं में कोई चोट लगी हो तो इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • आसन को करते समय यदि अंगुलियों में दर्द का अनुभव हो तो इस आसन को रोक देना चाहिए।