Parivrtta Trikonasana: अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद, जानिए अन्य फायदे

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Parivrtta Trikonasana: अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद, जानिए अन्य फायदे

परिवृत्त त्रिकोणासन को अंग्रेजी में Revolved Triangle Pose कहा जाता है। परिवृत्त त्रिकोणासन में परिवृत्त यानि मुड़ा हुआ और त्रिकोणासन अर्थात शरीर को त्रिकोण की मुद्रा में आना होता है। इसलिए इसे परिवृत्त त्रिकोणासन का नाम दिया गया है।

परिवृत्त त्रिकोणासन आसान खड़े होकर किये जाने वाले आसनो में से एक है। परिवृत्त त्रिकोणासन को करते रहने से पीठ दर्द से राहत मिलती है। इस आसन के द्वारा पेट के अंग उत्तेजित होते है जिसके कारण पाचन में सुधार होता है।

यदि परिवृत्त त्रिकोणासन को नियमित किया जाए तो यह बैलेंस, फ़ोकस और एकाग्रता में सुधार करता है। यदि किसी को कब्ज, साइटिका, दमे की समस्या हो तो इस आसन को करने से मदद मिलती है।

परिवृत्त त्रिकोणासन को करने से पहले बद्ध कोणासन, प्रसारित पादोत्तासन, सुप्त वीरासन और सुप्त बद्ध कोणासन को किया जाता है। और परिवृत्त त्रिकोणासन को करने के बाद जानुशीर्षासन और अर्धमत्स्येन्द्रासन को कर सकते है। जानते है Parivrtta Trikonasana को करने की विधि और उसके फ़ायदों के बारे में।

Parivrtta Trikonasana in Hindi: जानिए इसे करने का तरीका व अन्य लाभ

Parivrtta Trikonasana

परिवृत्त त्रिकोणासन को करने की विधि

  • इस आसन को शुरू करने के लिए सबसे पहले एक आसन पर ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाए।
  • इसके बाद साँस को अंदर की ओर ले और पैर को 3 से 3.5 फ़ीट की दूर तक फैला ले।
  • इसके बाद अपने बाए पैर को 40 से 60 डिग्री अंदर की ओर मोड़े। साथ ही दाहिने पैर को 90 डिग्री बाहर की और मोड़े।
  • अब बायीं एड़ी के साथ दाहिनी एड़ी को संरेखित कर ले।
  • इसके बाद धीरे से अपने सिर को दाहिनी ओर 90 डिग्री तक मोड़े। इतना करने के बाद सर को नीचे की ओर झुकाये।
  • फिर आप कूल्हों के जोड़ों से झुके न की पीठ के जोड़ों से झुके।
  • अब साँस अंदर लेते हुए बाए हाथ को सामने लाते हुए, दाए पंजे को बाहर की ओर भूमि पर टिका दे।
  • यदि कठिनाई आ रही हो तो पंजे को एड़ी के पास लगाए।
  • अब दाए हाथ को ऊपर की ओर उठाकर गर्दन को दाए तरफ घुमाते हुए दाए हाथ को देखे।
  • फिर करीब पांच बार साँस को अंदर ले और बाहर की और छोड़े।
  • इस आसन में 30 से 60 सेकंड तक रुक सकते है।
  • इसके बाद धीरे धीरे इस आसन के अभ्यास के साथ साथ आप इसका समय बड़ा कर 90 सेकंड तक कर सकते है। परन्तु इससे ज्यादा समय नहीं करे।
  • इसके बाद पांच बार साँस लेने के बाद आप आसन से बाहर आ सकते है।
  • आसन से बाहर आने के लिए सिर को सीधा कर ले, दाए हाथ को नीचे कर ले, बाए हाथ को उठा ले और सर को वापस सीधा कर ले।
  • इस प्राकर ताड़ासन समाप्त हो जायेगा।
  • इसके बाद दाए ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराये।

परिवृत्त त्रिकोणासन को करने फायदे

  • यह आसन पैरों को एक अच्छा खिंचाव देता है और उन्हें मजबूत बनाता है।
  • परिवृत्त त्रिकोणासन को करने से कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में भी अच्छा स्ट्रेच मिलता है।
  • इस आसन को नियमित करने से यह श्वास लेने की क्षमता को बेहतर बनाता है।