निरोगी शरीर और स्वास्थ्य का रक्षा कवच है प्राण मुद्रा

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निरोगी शरीर और स्वास्थ्य का रक्षा कवच है प्राण मुद्रा

हम पिछले कुछ लेखो में कई हस्त मुद्राओ और उनके लाभ के बारे में बात कर चुके है| हमने इससे कई बात की जानकारी हासिल की जैसे की ज्ञान मुद्रा आपका मानसिक तनाव दूर करती है, जल मुद्रा आपके शरीर को हाइड्रेट रखती है| शून्य मुद्रा आपके सुनने की क्षमता बढ़ाती है आदि|

इसके अलावा और भी कई मुद्राए अभी बाकि है जिसके महत्व के बारे में हम आपको बताएँगे| आज के लेख में हम आपको प्राण मुद्रा की जानकारी दे रहे है| प्राण मुद्रा एक अत्यधिक महत्वूर्ण मुद्रा है क्योकि जैसा इसका नाम है वैसा ही इसका काम है| यह आपके जीवन एवं स्वास्थ्य की रक्षा करती है|

इसके नियमित अभ्यास से आपके अन्दर अनेक रोगों से बचाव एवं लड़ने की शक्ति आती है| यह एक प्राणशक्ति का केंद्र है, जिसको करने से शरीर निरोगी रहता है| आइये विस्तार से जानते है Prana Mudra in Hindi.

Prana Mudra in Hindi – आपकी सेहत का ख्याल रखे

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प्राण मुद्रा कैसे करे?

  • हम आपको बता दे की अनामिका ऊँगली याने की रिंग फिंगर का सम्बन्ध शरीर और मस्तिष्क के उन भागों से होता है जो पृथ्वी तत्व से सम्बन्धित है|
  • जबकि कनिष्ठिका याने की सबसे छोटी ऊँगली, शरीर में जल तत्व से सम्बंधित होती है। आपके हाथ का अंगूठा अग्नि तत्व से संबंधित होता है।
  • हाथों की अनामिका और कनिष्ठिका उंगली के सिरे को, अंगूठे के अगले भाग से मिलाने पर प्राण मुद्रा बनती है।
  • इस बात का ख्याल रहे की इनमे बहुत अधिक दबाव ना बने| बची हुई दो उँगलियों को सीधा रखा जाता है।
  • इसकी खासियत यह है की इसका अभ्यास आप कहीं भी और कभी भी कर सकते है|
  • मुद्रा का अभ्यास आप खड़े होकर ना करे, इसे बैठ कर किया जाना चाहिए|
  • आप अभ्यास के लिए सुखासन या वज्रासन किसी भी आसन में बैठ सकते है|
  • आपकी हथेलियों के पिछले भाग को जांघों पर रखे, सफ़ेद वाला हिस्सा आसमान की और करे|
  • अपना ध्यान साँसों पर लगाकर अभ्यास करना चाहिए। अभ्यास के दौरान साँसें को सामान्य रखना है|
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Benefits of Prana Mudra: प्राण मुद्रा के लाभ

Prana Mudra Benefits कई है, आइये जानते है इसके लाभों के बारे में:-
  1. प्राण मुद्रा से आँखों की रौशनी बढती है साथ ही साथ आँखों से जुड़ी कई परेशानियां भी दूर होती है।
  2. अगर आपके आँखों के चश्मा का नम्बर ज्यादा है तो आपको नियमित इस मुद्रा का अभ्यास करना शुरू कर देना चाहिए|
  3. यह आपको प्रबल बनाता है जिसके चलते किसी भी प्रतिकूल परिस्थितियों में आप धैर्यवान एवं अत्यंत सहज रह सकते है|
  4. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से कई परेशानिया जैसे की बार-बार सर्दी-जुकाम होना, बुखार आना होती है| इसके अभ्यास से आपका प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनता है|
  5. जिन महिलाओ को मासिक धर्म के दौरान बहुत दर्द होता है उन्हें इसे करने से फायदा मिलता है|
  6. आपके शरीर में पृथ्वी और जल तत्व की कमी से कुछ विकार होते है, उन विकारो को प्राण मुद्रा से ठीक किया जा सकता है|
  7. जिन लोगो की सहनशीलता कम होती है और लगातार थकान बनी रहती है, उन्हें इस मुद्रा को करने से ताकत मिलती है|
  8. यह त्वचा के रोगों को भी ठीक करता है| इससे लाल त्वचा, त्वचा पर चकत्ते, पित्ती आदि रोग ठीक होते है|
  9. उच्च रक्तचाप के मरीजो के लिए भी यह आसन लाभदायक है|
  10. यदि आपको छोटी छोटी बात पर क्रोध आता है और चिड़चिड़ापन महसूस होता है तो इसे करने से इन सभी चीजों में कमी आती है|
अन्य समस्याए जिसमे प्राण मुद्रा को करने से फायदा मिलता है:-
  • थॉयरायड का बढ़ना
  • जोड़ों में अस्थिरता
  • भूलने की आदत
  • नींद न आना (अनिद्रा)
  • पेट में जलन
  • कब्ज और एसिडिटी
  • मूत्र मार्ग में जलन होना
  • दुर्गंधयुक्त पसीना
  • पीलिया
  • समय से पहले बुढ़ापा आना
ऊपर आपने जाना Prana Mudra in Hindi. इस मुद्रा का अभ्यास करके आप भी इससे लाभ प्राप्त कर सकते है| लेकिन यदि आपको कफ या जुखाम की समस्या है तो इस मुद्रा का अभ्यास ज्यादा देर ना करे| दिन में तीन बार 10-10 मिनट तक आप इसका अभ्यास कर सकते है|