Prasarita Padottanasana: रीढ़ की हड्डी को सीधा एवं मजबूत बनाये

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Prasarita Padottanasana: रीढ़ की हड्डी को सीधा एवं मजबूत बनाये

प्रसारिता पादोत्तनासन को अंग्रेजी भाषा में Wide Legged Forward Bend कहा जाता है। प्रसारिता पादोत्तनासन तीन शब्दों से मिलकर बना है जिसमे प्रसारित का अर्थ होता है फैला हुआ, पद अर्थात पैर और उत्तान यानी खींचा हुआ।

प्रसारिता पादोत्तनासन एक सरल योग है जो शुरुआती लोगों के लिए आदर्श होता है। यह पेट की चरबी को कम करने के लिए अच्छा आसन होता है।

जिन लोगो को हमेशा सिरदर्द की शिकायत रहती है उन्हें इस आसन का अभ्यास ज़रूर करना चाहिए। यह आसन थकान में भी राहत दिलाता है।

यह गुर्दे और यकृत जैसे आंतरिक अंगों के लिए अच्छी मालिश प्रदान करता है। इस आसन को करने के इतने फायदे है तो चलिए आज के लेख में जानते है Prasarita Padottanasana कैसे करे और इसे करने के क्या लाभ है?

Prasarita Padottanasana in Hindi: इसे कैसे करते है, लाभ व सावधानिया

Prasarita Padottanasana

प्रसारिता पादोत्तनासन को करने की विधि

  • प्रसारिता पादोत्तनासन को करने के लिए एक दरी पर अपने पैरों को 3 से 4 फुट की दूरी पर फैला कर सीधा खड़ा हो जाइये।
  • फिर साधारण लम्बी गहरी साँस लेते रहें।
  • अब साँस लेते हुए रीढ की हड्डी को सीधा रखे। इसके बाद हाथों को फैला कर सर के उपर लायें।
  • साँस छोड़ते हुए कमर से नीचे की ओर झुके। ध्यान रहे की रीढ की हड्डी सीधी रहे।
  • इसके बाद अपनी हथेलियों को कंधे की सीध में ज़मीन पर रखें और लंबी गहरी साँस छोड़े ।
  • फिर कमर को थोड़ा उठा कर साँस छोड़ते हुए और झुके।
  • अब सर को हाथों के मध्य में जमीन पर रखें।
  • इसके बाद जांघों को थोड़ा और फैलाये, यदि आप स्थिर हैं तो पैरों को थोड़ा और फैला सकते हैं।
  • साँस छोड़ते हुए हाथों को ज़मीन पर दबाएँ और झुकाव को मज़बूती दें।
  • यदि आपके हाथ पैरों तक पहुँचते हैं तो पैर के अंगुलियों को पकड़े और अंदर की ओर खीचें।
  • इसके बाद साँस ले और हाथों को सामने की ओर फैलाएं व धीरे से ऊपर उठे।
  • साँस छोड़ते हुए हाथों को नीचे में ले आये।
  • इस प्रकार यह प्रक्रिया पूरी हुयी।

प्रसारिता पादोत्तनासन के लाभ

  1. प्रसारिता पादोत्तनासन को करने से रीढ़ की हड्डी सीधी होती है।
  2. यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक होता है।
  3. प्रसारिता पादोत्तनासन को नियमित करने से पीठ के दर्द से राहत मिलती है।
  4. दिमाग को शांत करने के लिए यह आसन लाभकारी होता है।
  5. इस आसन को रोज करने से यह पैरों और एड़ी को मज़बूती मिलती है।

प्रसारिता पादोत्तनासन के पहले किये जाने वाले आसन

  • अधोमुख श्वान आसन
  • सुप्त बद्ध कोणासन
  • हस्तपादासन

प्रसारिता पादोत्तनासन के बाद किये जाने वाले आसन

  • बद्ध कोणासन
  • वकासन
  • पाश्चिमोतानासन
  • शीर्षासन
  • उत्थित पार्श्वकोणासन

प्रसारिता पादोत्तनासन को करते समय की सावधानियां :-

  • इस आसन को शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए, उससे ज्यादा करने का प्रयास न करे।
  • यदि पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या रहती है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए। क्योंकि ज्यादा खिचाव होने से दर्द में वृद्धि हो सकती है।