हम जानते है कि योग द्वारा हम कई बीमारियों से बच सकते है। यदि आपको कंधे या जोड़ों की समस्या है। या फिर कलाई के स्ट्रेच को कम करके उसे मजबूत बनाना चाहते है तो आप रिवर्स प्रेयर योगा को अपने दैनिक जीवन में शामिल कर सकते है। रिवर्स प्रेयर योग को पश्चिम नमस्कार आसन और पेंगुइन पोज़ भी कहते है।

पश्चिम नमस्कारासन या पीछे की ओर का नमस्कार, शरीर के ऊपरी भाग को मजबूत करने में सहायक होता है। यह मुख्यतः भुजाओं और पेट पर कार्य करता है। इस आसन को विपरीत नमस्कारासन के नाम से भी जाना जाता हैं।

तनाव आपके मानसिक स्थिति को खराब कर सकती है। अतः इस आसन से आपको तनाव कम करने और चिंताग्रस्त मन को शांत करने में मदद मिलेगी। शांतिपूर्ण मन का मतलब शांतिपूर्ण शरीर है, इसलिए इस सरल आसन के द्वारा काम या घर के तनाव को हराया जा सकता है। क्योंकि एक शांतिपूर्ण मन किसी भी बीमारी को कम कर देता हैI रिवर्स प्रेयर योग को करने से गर्दन के दर्द को भी कम किया जा सकता है।

Reverse Prayer Yoga: जानिए इसकी विधि एवं लाभ

Reserve Yoga

रिवर्स प्रेयर योगा करने की विधि

  • सबसे पहले आप एक मेट पर खड़े हो जाए।
  • इसके बाद दोनों पैरों के बीच करीब एक इंच का अंतर रखकर खड़े रहे।
  • अपने कंधे को आराम दें और हाथों को नीचे की तरफ लटका लें।
  • अब आप ताड़ासन की स्थिति में आये।
  • इसके बाद कंधो को ढीला रखते हुए अपने घुटनों को थोड़ा मोड़े।
  • अब अपनी बाँहों को पीछे की ओर ले जाएं और उँगलियों को नीचे की ओर रखते हुए अपनी हथेलियों को जोड़ ले।
  • अब सांस लेते हुए उँगलियों को रीढ़ की हड्डी की तरफ मोड़ते हुए ऊपर करें।
  • आपकी हथेलियां एक दूसरे से अच्छे से सटी हुई होनी चाहिए और घुटने हल्के से मुड़े हुए होने चाहिए।
  • आसन की इस स्थिति में रहते हुए कुछ समय तक साँसे लें।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए उँगलियों को नीचे की ओर ले आये।
  • फिर भुजाओं को अपने पहले की अवस्था में ले आये और ताड़ासन में आ जाएं।
  • इस पूरी क्रिया को फिर से दोहराएं।

लाभ

  • रिवर्स प्रेयर योगा पेट को खोलता है। जिसके कारण गहरी सांसे लेना आसान होता है।
  • इसे नियमित रूप से करने से पीठ के ऊपरी हिस्से में खिचाव आता है।
  • यह आसन कन्धों का जोड़ और छाती की मांसपेशियों में खिचाव लाता है।
  • इस आसान को करने से पाचन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। वे आपको बेहतर सांस लेने में मदद करते हैं और अपने चयापचय और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में भी सहायता करते हैं।
  • कलाई को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। उन लोगों के लिए यह लाभदायक आसान है जो कार्पल टनल सिंड्रोम और कलाई के दर्द से पीड़ित हैंI यदि आप एक दिन में 300 शब्द टाइप करते हैं, तो आपको इस सरल योग रिवर्स प्रार्थना योग का अभ्यास करने पर विचार करना चाहिए ताकि आपकी कलाई क्षति से मुक्त रहे। कलाई में कई एक्यूपंक्चर बिंदु होते हैं जो विस्तार के परिणामस्वरूप सक्रिय हो जाएंगे।

सावधानियां

इस आसन को करते समय निम्न रक्तचाप और भुजा या कंधे की चोट से ग्रसित लोग सावधानी से करें।