हाथ-पैरों को मजबूत व् चर्बी रहित रखें कतूसपदापिथमया आसन

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हाथ-पैरों को मजबूत व् चर्बी रहित रखें कतूसपदापिथमया आसन

आज के समय में स्वस्थ और फिट रहना हर कोई चाहता है| इसके लिए लोग कुछ ना कुछ करते रहते है कोई जिम जाता है, कोई सुबह-सुबह घूमने, तो कोई डाइटिंग करता है| जिसे जो समझ आता है वो उस कार्य में लग जाता है| लेकिन यह सब इतना आसान नहीं होता है क्योंकि इसने सब कर ने के लिए अधिक समय की आवश्यकता होती है और आज लोगों के पास समय की बहुत कमी है|

अगर आप कम समय में स्वस्थ शरीर के साथ-साथ फिट भी रहना और दिखना चाहते है तो योगासन को अपनाएं| योग करने से समय की भी बचत होगी और बिना किसी परेशानी के आसानी से इसे किया भी जा सकता है|

आज हम आपको कतूसपदापिथमया आसान के बारे में जानकारी देने वाले है ऐसे लोग जो अधिक समय पर कंप्यूटर पर काम करते है, ड्राइविंग करते है या ट्रैवलिंग करते है, उनके लिए यह योग बहुत ही लाभदायक है| साथ ही यह शारीर में ऊर्जा को बनाए रखता है|

किसी प्रकार के स्पोर्ट्स या एक्टिविटी जैसे स्विमिंग, जिमिंग आदि के बाद शरीर में थकान हो जाती है और एनर्जी कम हो जाती है, लेकिन यदि आप इस योगासन का अभ्यास नियमित करते है तो आप इस प्रकार की समस्यायों से भी बच सकते है| आइये जानते है Reverse Table Pose in Hindi यानि कतूसपदापिथमया आसन

Reverse Table Pose in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ

Reverse Table Pose in Hindi

इस आसन को अंग्रेजी में टेबल टॉप, क्रैब और हाफ रिवर्स प्लैंक आदि कई नामों से जाना जाता है| संस्कृत में इसे अर्ध पूर्वोत्तानासन कहा जाता है, जिसका अर्थ हाफ इंस्टैंस ईस्ट स्ट्रेच है| इस योगासन के नियमित अभ्यास से हाथ-पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती है तथा इनकी अतिरिक्त चर्बी से भी मुक्ति मिलती है| जिन व्यक्तियों में श्वास सम्बन्धी समस्याएं है, उनके लिए भी यह आसन बहुत लाभप्रद सिद्ध होता है| इसकी एक खास बात यह भी है की यह आपका पॉस्चर बेहतर बनाता है| आइये जानते है Reverse Table Pose Steps

कतूसपदापिथमया आसन करने की विधि 

  1. इस आसन को करने के लिए सबसे पहले समतल और साफ़ जमीन पर दंडासन में बैठ जाएं।
  2. इसके बाद घुटनों को मोड़ते हुए अपने पैरों के पंजो को ज़मीन पर लिटा या चिपका कर रखें।
  3. अब अपने दोनों हाथों को कूल्हों के पीछे रखें तथा उंगलियां शरीर से विपरीत दिशा में रखें
  4. इसके पश्चात श्वास को अंदर लेते हुए अपने हाथों का सहारा लेते हुए ऊपर की तरफ उठें और धीरे-धीरे कूल्हों को भी ऊपर की ओर उठाएं|
  5. ध्यान रखें कि आपके घुटने और पैरों की उंगलियां सामने की तरफ ही रहें और आप ऊपर देख रहे हों।
  6. इसके बाद अब एड़ियों पर ज़ोर डालते हुए कूल्हों को और ऊपर उठाने का प्रयास करें|
  7. धीरे-धीरे सांस लें और 5-6 सांस तक इसी स्थिति में बने रहें।
  8. कुछ समय इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे कूल्हों को ज़मीन पर लाएं और सामान्य स्थिति में आ जाएं|
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कतूसपदापिथमया आसन के लाभ

  1. यह शरीर के ऊपरी हिस्से को एक गहरा खिंचाव प्रदान करता है, जिसमे आपके कंधे, छाती, पेट, और रीढ़ की हड्डी भी शामिल है।
  2. यह मुद्रा शरीर की सभी कोर मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियों में ताकत का निर्माण करती है| साथ ही यह संतुलन बनाए रखने में मदद करती है और पोस्चर को बेहतर बनाती है|
  3. इसके अलावा यह कलाई, हाथ, पैर, पीठ आदि को मजबूर बनाती है और शरीर को स्फूर्तिवान बनती है तथा तनाव व् थकन से राहत भी दिलाती है|

सावधानियां

  1. अगर आप कार्पल टनल सिंड्रोम, कलाई, कमर, गर्दन या पीठ के किसी भी प्रकार के दर्द या रोग से पीड़ित है तो आप इस आसन को बिलकुल न करें|
  2. गर्भवती महिलाओं को व् अन्य महिलाओं को मासिक धर्म के समय भी इस आसान का अभ्यास नहीं करना चाहिए|

आज हमने आपको Reverse Table Pose in Hindi, से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है जो आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होंगी| जब भी आप किसी भी प्रकार का आसन कर रहें हो, उसकी शुरुवात करने से पहले किसी योग शिक्षक से अच्छी तरह अभ्यासरत हो जाने के बाद ही करें, क्योकि हर योग का अपना कुछ न कुछ नियम और सावधानी जरूर होती है| इसलिए अच्छी तरह अभ्यासरत होने के बाद ही इन्हे घर पर दोहराना चाहिए|