Rocket Yoga: अष्टांग योग का सरल किन्तु लाभान्वित रूप

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Rocket Yoga: अष्टांग योग का सरल किन्तु लाभान्वित रूप

क्या कभी ऐसा हुआ है जब आपने अष्टांग योगा करने का प्रयत्न किया हो| क्या आप चाहते है की अष्टांग योगा करना आपके लिए बेहद सरल हो जाए। तो आपके प्रश्नो का उत्तर है रॉकेट योग|

रॉकेट योग अष्टांग विन्यासा की मुद्रा की नींव बनाता है, हालाँकि यह बिलकुल अलग है। रॉकेट योग का उद्देश्य शास्त्रीय अष्टांग अभ्यास में शामिल कठिन मुद्राओ को हटाना है।

रॉकेट योग Larry Schultz की दिमागी उपज है, जो की 1980 में सैन फ्रांसिस्को में विकसित हुआ। आपको बता दे की योग की इसकी जड़ें शास्त्रीय अष्टांग विन्यास की सामान्य अवधारणाओं में फैली हुई हैं।

यह आपको प्राथमिक और इंटरमीडिएट अष्टांग विन्यास श्रृंखला का एक सरल मिश्रण प्रदान करता है। इसने केवल कोर (मुख्य) आसनो को शामिल किया है, जिसमे अष्टांग की केवल तीसरी और चौथी सीरीज़ शामिल हैं। यह योग आपके नर्वस सिस्टम को इम्प्रूव करता हैI तो आइये Rocket Yoga के बारे में विस्तार से जानते है|

Rocket Yoga: जाने यह क्या है और इसके फायदे क्या है

Rocket Yoga

रॉकेट योग की प्रक्रिया:

इसमें आप सूर्य नमस्कार की विभिन्न क्रियाओ को करेंगे| आप राकेट योग में शवासन का अभ्यास करने तक पसीना बहाएंगे|

इसलिए इसे करने से आपकी बॉडी टोन होती है। यह मांसपेशियों को मजबूत करता है। साथ ही शारीरिक संतुलन बनाने में भी यह बेहद मददगार है|

रॉकेट I: इसमें अष्टांग की प्राइमरी सीरीज़ तैयार की गयी है जिसमे आसनो के परंपरा को बरक़रार रखते हुए इसका अलग रूप पेश किया है|

रॉकेट II: अष्टांग की संशोधित दूसरी श्रृंखला तैयार की है|

रॉकेट III: 90 मिनट का योग अभ्यास जिसमें रॉकेट I और रॉकेट II शामिल हैं, इसमें आपको ऊर्जा देने वाले 90 पोज़ शामिल है|

रॉकेट योग अभ्यास के केवल एक दृष्टिकोण का पालन नहीं करता है। यह वास्तव में अभ्यासियों को एडवांस्ड अष्टांग के साथ प्रयोग करने की अनुमति देता है। रॉकेट योग का मूल नियम पुनरावृत्ति है याने की जब तक आप दोहराते रहेंगे, तभी आपको सफलता मिलेगी।

जब आप रॉकेट योग के साथ अपना रिश्ता जोड़ लेते है, तो आप बहुत कम समय में इसमें कुशल हो जाते है| एक अवधि तक नियमित अभ्यास करने से आप बिना शिक्षक के भी इसे कर सकते है|

आप इस वक्त ऐसी परिस्तिथि में होते है की आगे क्या करना है यह जानने के लिए आपको किसी और का इंतजार करने की जरुरत नहीं होती है|

रॉकेट योग के तहत आप मुख्यतः हाथो का संतुलन सीखते है:-
रॉकेट योग में आर्म बैलेंसिंग के लिए शामिल आसन
  • एल्बो स्टैंड
  • वृक्षासन
  • शीर्षासन
  • हैंडस्टैंड्स
  • बकासन
  • एक पदासना बकासन
  • मयूरासन
  • त्रिपाद हेडस्टैंड
  • अष्टवक्रासन

रॉकेट योगा के कुछ सिद्धांत है

  • सही तरीके से श्वास लेने की कला का विकास करना
  • अपने पेट को नियंत्रित और मजबूत कैसे करें

रॉकेट योग के फायदे

  1. यह करने में सरल, किन्तु फिर भी आपको शारीरिक और मानसिक रूप से ऊर्जावान बना देता है|
  2. इसे करने से शरीर में लचीलापन आता है और शक्ति मिलती हैI
  3. यह योग शरीर से वसा के स्तर को कम करता है और आपको गतिशील बना देता है।
  4. रॉकेट योग मेटाबोलिज्म को अच्छा रखता है। और पाचन तंत्र को सुचारु करता है।
  5. इसे नियमित रूप से करने पर मन शांत होता है, साथ ही आपकी स्मरण शक्ति मजबूत होती है।