Salamba Bhujangasana: रक्त संचार सुधारें और शरीर को तनाव से राहत दे

Go to the profile of  Yogkala Hindi
Yogkala Hindi
1 min read
Salamba Bhujangasana: रक्त संचार सुधारें और शरीर को तनाव से राहत दे

सलंब भुजंगासन को Sphinx Pose भी कहा जाता है। यह आसन भुजंगासन का संशोधित रूप है। यह आसन करने में सरल है इसलिए योग का नया अभ्यास करने वालो के लिए यह उत्तम आसन होता हैं।

यह आसन छाती और कंधों को खोलता है। जिन लोगो के पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहता है उनके लिए यह फ़ायदेमंद है। क्योंकि इसमें कम घुमाव होता है, इस कारण यह रीढ़ की हड्डी पर दबाव को कम करने में सहायता करता है।

इस आसन को करने से शरीर उत्तेजित होता है और थकान कम हो जाती है। इस आसन का नाम संस्कृत सल्म्बा से आता है, जिसका अर्थ है "समर्थित," भजंगा, जिसका अर्थ है "कोबरा" और आसन, जिसका अर्थ है "मुद्रा।"

सलंब भुजंगासन करने से पहले फलकासना को कर सकते है और इस आसन के बाद सेतुबंधासन, सर्वांगासन और विपरीत शलभासन को करते है। जानते है Salamba Bhujangasana को करने कि विधि, उसके फायदे और ध्यान रखने योग्य सावधानियां।

Salamba Bhujangasana: सलंब भुजंगासन कैसे करते है और फायदे

Salamba Bhujangasana

Sphinx Pose Steps: सलंब भुजंगासन को करने की विधि

  • इसे करने के लिए एक आसन पर पेट के बल लेट जाएँ और पैरों के पंजों को फर्श पर समांतर रखें तथा माथे को ज़मीन पर विश्राम कि स्थिति में रखे।
  • इसके बाद पंजों और एड़ियों को हल्के से एक दूसरे को स्पर्श करते हुए अपने पैरों को एक साथ कर ले।
  • अब हाथों को आगे कि ओर सीधा करे, साथ ही हथेलियाँ ज़मीन की तरफ तथा भुजाऐं ज़मीन से स्पर्श कराये।
  • गहरी साँस लें फिर धीरे से सिर, छाती और उदर को उठाए, जबकि नाभि फर्श से लगी रहनी चाहिए।
  • भुजाओं की मदद से धड़ को जमीन से दूर पीछे की तरफ खींचें।
  • श्वास लेते और छोड़ते रहें साथ ही धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी के हर हिस्से पर ध्यान ले जाएँ।
  • सुनिश्चित करें कि आपके पैर अभी भी साथ में हैं और सिर सीधा आगे की तरफ है।
  • इसके बाद साँस छोड़ते हुए अपने उदर, छाती और फिर सिर को धीरे-धीरे ज़मीन की ओर नीचे लाएं।

Sphinx Pose Benefits: सलंब भुजंगासन के फायदे

  • सलंब भुजंगासन से रक्त संचार में सुधार होता है।
  • रीढ़ की हड्डी को सशक्त करने में सलंब भुजंगासन सहायता करता है।
  • यह आसन पेट के अंगों को उत्तेज़ित करता है।
  • इस आसन का अभ्यास तनाव को कम करने में मदद करता है।
  • सलंब भुजंगासन को करने से तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है।
  • गुर्दे के कार्यों में सुधार करने के लिए यह आसन कर सकते है।

Sphinx Pose Precautions: सलंब भुजंगासन की सावधानियां

  • गर्भवती महिला को यह आसन नही करना चाहिए।
  • आपकी पसलियाँ या कलाई में दर्द है तो इस आसन को ना करे।
  • यदि पेट का आपरेशन हुआ है और ज्यादा समय नही हुआ है तो इस आसन को ना करे।
  • पीठ में चोट और कंधे में कोई समस्या हो तब भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।