जानिए बैठकर करने वाले योगासन विधि और इनके लाभ

Go to the profile of  Yogkala Hindi
Yogkala Hindi
1 min read
जानिए बैठकर करने वाले योगासन विधि और इनके लाभ

सभी योगासनों की प्रक्रिया पर हमारे पूर्वजो और ऋषि मुनियों ने हजारो वर्षों तक निरंतर शोध व् अनुसंधान किया तथा उनसे होने वाले लाभो के बारे में बताया| उच्च प्रकार की शक्ति प्राप्त करने के लिए शारीरिक और मानसिक आसन करने पड़ते है| योगियों ने अपने निरंतर अभ्यास से ऐसे योगासन और प्रायाणाम का वर्णन किया है| जिनके करने से शरीर एवं मन पर संतुलन और संयम आता है|

आसन की सिध्दि से नाड़ियों की शुद्धि, आरोग्य की वृद्धि एवं स्फूर्ति प्राप्त होती है| यह शरीर, मन और आत्मा को एकसाथ लाने का काम करता है| योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क पूर्ण रूप से स्वस्थ रहते है| इन् तीनो के स्वस्थ रहने से हम स्वयं को स्वस्थ महसूस करते है|

योगासन अनेक प्रकार के होते है इनमे से कुछ को तो आप जानते भी नहीं होंगे, आज हम आपको ऐसे ही आसनों के बारे में बताने जा रहे है| योगासन में “आसन” शब्द का अर्थ है ‘बैठना’ तो इसे बैठकर करना अधिक फायदेमंद है| आज हम आपको कुछ ऐसे ही योगासनों के बारे में बताने वाले है जिन्हे आप बैठकर आसानी से कर सकते है| आइये जानते है Seated Yoga Poses in Hindi को विस्तार से-

Seated Yoga Poses in Hindi: जानिए इनकी विधि और लाभ

Seated Yoga Poses in Hindi

आइये जानते है Seated Yoga Poses को करने की विधि और इनके लाभ -

सुखासनइजी पोज़

जैसा की इसके नाम से ही प्रतीत होता है सुख को देने वाला आसन| यह सबसे सरल और आसान होता है| इसे करने के लिए समतल जमीन पर चटाई बिछाकर पालथी बनाकर या पैर मोड़कर आसानी से बैठ जाये और दोनों हाथो को अपने घुटनो पर रखें तथा हथेलियों को ऊपर की ओर रखें| अपनी पीठ और सिर को सीधा रखे तथा कंधो को ढीला छोड़े, साँस को अंदर लें और छोड़े| कुछ समय ऐसा करें फिर सामान्य अवस्था में आ जाये|

यह तनाव को हटाकर मन को एकाग्र करता है तथा शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का विकास करता है|

पदमासनलोटस पोज़

इस आसन को करने पर शरीर का आकार कमल के सामान नजर आता है इसलिए इसे कमलासन भी कहा जाता है| इस क्रिया को करने के लिए जमीन पर बैठकर बायें पैर की एड़ी को दये पैर की जंघा पर तथा दये पेय की एड़ी को बायें पैर की जंघा पर इस प्रकार रखें कि दोनों एड़िया नाभि के आसपास आ जाये| अपने हाथों की हथेलियों को गोद में रखें| इस प्रकार इस आसान को दोद्नो पेरो को बदल कर भी करना चाहिए|

इस योगासन को करने से शरीर में स्फूर्ति आती है तथा नपुंसकता की समस्या में लाभ मिलता है| यह वात, पित्त और कफ का भी नाश करता है|

आप यह भी पढ़ सकते है:- सम्भोग आसनों के अभ्यास से सेक्स जीवन को यादगार बनाये

सिद्धासन

सिद्धासन को सभी आसनो में श्रेष्ठ माना जाता है| सभी साधु-संत ध्यान की मुद्रा में इसी आसन में बैठते है| इस आसन को करने के लिए दण्डासन में बैठ जाये, अब पहले बाये पैर को मोड़कर एड़ी को गुदा द्वार एवं योन अंगो के मध्य में रखा जाता है| इसके बाद दाहिने पैर की एड़ी को योन अंगो के ऊपर वाले भाग पर स्थिर किया जाता है| पैरों के पंजों को जंघा और पिंडली के मध्य में तथा बायें पैर के तखने पर दये पैर का टखना होना चाहिए| घुटने ज़मीन पर तथा दोगो हाथ ज्ञान मुद्रा में होना चाहिए |

यह आसन ब्रह्मचर्य की रक्षा करता है। कामवासना को शांत कर मन को चंचलता से दूर रखता है। बवासीर तथा यौन रोगों में यह आसन बहुत ही लाभप्रद माना गया है।

बालासनचाइल्ड पोज़

इस आसन को करने पर शरीर बच्चे या बालक के सामान नजर आती है| यह एक ऐसा आसन है जिसे आप किसी भी समय कर सकते है| रात में भोजन के बाद भी इस आसन को किया जा सकता है| इसको करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं| जिससे शरीर का सारा भार एड़ियो पर आ जाये| अब गहरी साँस लेते हुए आगे की ओर झुके| आपका माथा फर्श से तथा छाती जांघ को छूने की कोशिश करें| कुछ सेकंड इस अवस्था में रहने के बाद साँस छोड़ते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं|

इस आसन को करने से कमर और मेरुदण्ड (रीढ़) में खिंचाव होता है| जिससे इनके अंदर का तनाव कम होता है|

आप भी इन् Seated Yoga Poses in Hindi योगासनो को अपनाकर अपने शरीर तंदरूस्त तथा मन को चिंता रहित रख सकते है|