आज के इस प्रतिस्पर्धा और भागदौड़ भरी लाइफ में मन को शांत रखना कठिन हो गया है। अधिकांश लोगो में एकाग्रता की कमी होती जा रही है। वह हर समय तनाव और चिंता में घिरे रहते है।

अपने शरीर का संतुलन बनाये रखने और मन को शांत रखने के लिए योगाभ्यास करना बहुत हीं लाभकारी होता है।

योगाभ्यास में कुछ क्रियाये ऐसी होती है जो की आपके शरीर को संतुलित करती है और आपके आत्म ज्ञान और ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करती है। इनमे से हीं एक क्रिया है शक्ति चलन क्रिया।

शक्ति चलन क्रिया एक ऐसी क्रिया होती है जिस के माध्यम से व्यक्ति अपने प्राणों पर काबू प्राप्त कर सकते है। इस क्रिया द्वारा यौन सम्बन्धी रोगों को भी दूर किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति इस आसन को बुढ़ापे में करता है तो उसमे जवान जैसी ताकत आ जाती है। जानते है Shakti Chalana Kriya के बारे में।

Shakti Chalana Kriya: क्या है यह क्रिया और इसके फायदे

Shakti Chalana Kriya

क्या है शक्ति चलन क्रिया

  • शक्ति चलन क्रिया का मूल मंत्र होता है केन्द्रित रहना।
  • इस योग साधना के द्वारा आप कितनी दूर तक जा सकते है यह आप पर निर्भर करता है।
  • यदि इसे आपने अपनी प्राथमिकता बना लिया तो अपने-आप ही सब कुछ व्यवस्थित हो जाएगा और यदि आप अपनी प्राथमिकता को अलग दिशा देते है तो जीवन को बुनियादी रूप से जानने में असमर्थ रहेंगे।
  • आपको बता दे की मन लगातार घूमता रहता है। इसके लिए अगर आपने जीवन के बुनियादी व्यवहार पर ध्यान दिया तो आपको जीवन कहीं न कहीं ज़रूर ले कर जायेगा।
  • शरीर का स्थिर ऊर्जा का स्थिर रुपांतरण धीरे धीरे ही होता है। जिसमे प्राणो का दायित्व और इसकी प्रक्रियाओं का तंत्र में ध्यान देना होता है।

शक्ति चलन क्रिया को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दरी पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाए।
  • इसके बाद दोनों पैरों की एड़ियों को अपने दोनों हाथों से पकड़ ले साथ ही उस स्थान को जोर से दबा दे।
  • इसके बाद धीरे धीरे साँस लेते हुए शंखिनी और कटु नदियों को ऊपर की तरफ खींचे।
  • इस तरह करने से गुदा वाला हिस्सा और नाभि पीठ की तरफ खींच जाते है।
  • शुरुआत में इस क्रिया को लगभग 20 मिनट ही करे। इसके बाद धीरे धीरे सांस को छोड़े और नदियों को भी ढीला छोड़ दे।
  • इस क्रिया को लगभग सुबह और शाम के समय 20 बार कर सकते है। फिर धीरे धीरे अभ्यास होने पर इसके समय को बढ़ा सकते है।

शक्ति चलन क्रिया के लाभ

  • शरीर को स्थिर ऊर्जा प्रदान करने में मदद करती है।
  • प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में शक्ति चलन क्रिया लाभकारी होती है।
  • शक्ति चलन क्रिया फेफड़ों की क्षमता और शारीरिक सहनशक्ति में वृद्धि करने में भी सहायक होती है।
  • शारीरिक समस्याओं, असंतुलन, एलर्जी आदि को हल करने के लिए इसका अभ्यास करना उत्तम होता है।
  • शक्ति चलन क्रिया को करने से यौन सम्बन्धी रोगों से भी छुटकारा मिलता है।
  • साथ ही शक्ति चलन क्रिया का अभ्यास यदि प्रतिदिन किया जाए तो इससे सुंदरता में भी वृद्धि होती है और त्वचा में निखार भी आता है।