तनाव और चिंता से ग्रसित रहना आजकल बहुत आम हो गया है। जिसके कारण लोग डिप्रेशन का शिकार होते जा रहे है। यदि आप भी तनाव या अवसाद से परेशान है तो आप शिवलिंग हस्त मुद्रा कर सकते है।

शिवलिंग हस्त मुद्रा को ऊर्जा दायक मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। इसे अंग्रेजी में अपराइट मुद्रा कहते हैंI शिवलिंग हस्त मुद्रा में आपके हाथ का आकार शिवलिंग के समान ही होता हैं।

इसमें हाँथ को एक विशेष प्रकार से रखा जाता है और शरीर की प्राण ऊर्जा का उपयोग करते हुए लाभ लिया जाता है। इस मुद्रा द्वारा शरीर को निरोगी और स्वस्थ रखते हुए शारीरिक और मानसिक विकारो को दूर किया जा सकता है।

यदि आपको सुस्ती, थकान या फिर असंतुष्टि है तो आप इस मुद्रा का उपयोग कर खुद को ऊर्जान्वित कर सकते है। Shiva Linga Mudra अंतर्ज्ञान में सुधार लाने में मदद करता है। आइये आज हम इसके बारे में विस्तार से जानते है|

Shiva Linga Mudra: जानिए इस हस्त मुद्रा की विधि, लाभ और सावधानीShiva Linga Mudra

इसे करने की विधि

  • इसे करने के लिए सबसे पहले आप सुखासन ,वज्रासन और पद्मासन में बैठ जाए।
  • फिर अपने बाए हाँथ को प्याले की तरह बनाये और इसे नाभि के सामने रखे।
  • ध्यान रहे की सभी उँगलियाँ एक दूसरे से जुड़ी होनी चाहिए।
  • फिर दायें हाथ का मुक्का बनाये और उसे बायें हाथ के ऊपर रखे।
  • इसके बाद दाए हाँथ का अंगूठा ऊपर की तरफ निकाले।
  • इस मुद्रा का अभ्यास अपने हाथों को पेट की सीध में रख कर करे।
  • इस मुद्रा को अपनी क्षमता अनुसार कितनी भी देर कर सकते है।
  • आपको बता दे की दिन में 2 बार ४ मिनट के लिए यदि आप इस मुद्रा का अभ्यास करते है तो यह लाभकारी होता है।

शिवलिंग हस्त मुद्रा के फायदे (Shiva Linga Mudra Benefits)

  1. शिवलिंग हस्त मुद्रा को नियमित करने से वजन कम होता है।
  2. इस मुद्रा के नियमित अभ्यास से मन को शांति मिलती है साथ ही यह आत्मविश्वास को बढ़ावा भी देता है I
  3. इस मुद्रा को रोज करने से हीट उत्पन्न होती है। इसलिए शिवलिंग हस्त मुद्रा ठण्ड के दिनों में काफी फायदेमंद होती है।
  4. इसे रोज करने से खांसी, जुकाम जैसी समस्या से छुटकारा मिल जाता हैI
  5. सकारात्मक सोच को बढ़ाने के लिए भी आप शिवलिंग हस्त मुद्रा कर सकते है।
  6. यदि अवसाद की स्थिति है तो इससे निबटने के लिए भी इस मुद्रा का अभ्यास कर सकते है।
  7. यदि आपके पीरियड ठीक से नहीं हो रहे है या फिर 3 दिन से पहले ही ख़तम हो रहे है तो यह मुद्रा आपके लिए लाभकारी रहेगी।
  8. यदि आपको किसी प्रकार का मानसिक तनाव है या फिर किसी प्रकार की दबाव की स्थिति है तो यह मुद्रा काफी उपयोगी होती है।

सावधानी:

  • इस मुद्रा को सुबह या फिर शाम के समय ही करना चाहिए।
  • दिन में यदि तापमान ज्यादा हो तो यह आसन नहीं करना चाहिए I
  • यदि आपको एसिडिटी की समस्या रहती है तो यह मुद्रा नहीं करनी चाहिए।