स्टैंडिंग बेकबेंड पोस – आपके दिल और मूड दोनों का ख्याल रखे

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स्टैंडिंग बेकबेंड पोस – आपके दिल और मूड दोनों का ख्याल रखे

आप अपने दिन की शुरुवात कैसे करते है? योग करने वाले अधिकतर लोग अपने दिन की शुरुवात आरामदायक स्तिथि में बैठकर किये जाने वाले आसनों जैसे बालासन आदि से करते है| लेकिन यदि आप रोज रोज एक ही तरह के योग से शुरुवात करेंगे तो बहुत जल्दी आप बोर हो जायेंगे|

तो क्यों न इस बार कुछ नया किया जाये| अबसे सुबह के वक्त किये गए योग की शुरुवात, खड़े होकर किये जाने वाले आसनों से करते है| इस तरह आप अपनी सुबह को बना सकते है मोर ऐनरजेटिक बना सकते है|

आज हम आपको बता रहे है Standing Backbend Pose के बारे में| इसे हिंदी में अनुवित्तासना कहा जाता है| इससे आपके शरीर की अच्छी खासी स्ट्रेचिंग हो जाती है| यह एक हार्ट ओपनिंग पोस है, जो आपके शरीर से तनाव दूर कर देते है, खासकर गर्दन और कंधो से|

Standing Backbend Pose: जाने इसे करने की विधि और लाभ

Standing Backbend Pose

यह पोस कहा कहा टारगेट करता है?

  1. पैर
  2. पीठ
  3. कॉलरबोन्स
  4. हार्ट ओपनर

चिकित्सीय लाभ

  • Standing Backbend Pose Benefits कई है| यह शरीर के सामने का हिस्सा और कंधो को स्ट्रेच करता है|
  • श्वसन, कार्डियोवास्कुलर और एंडोक्राइन सिस्टम को मजबूत करता है।
  • रीढ़ की हड्डियों को मजबूती देती है|
  • इससे उर्जा बढती है तथा मूड सुधरता है|

इसकी विधि:-

  • एक अच्छी खुलीदार हवा में आसन बिछा लीजिये|
  • अब माउंटेन पोस के साथ खड़े हो जाये, अपने पैरो के बिच एक फीट की दुरी बना के रखिये|
  • अब अपने हाथो को ऊपर की और करे, जितना हो सके, इन्हें ऊपर लेजाकर दोनों हाथो के हथेलियों को स्पर्श करे|
  • अपने शरीर के वजन को समान रूप से दोनों पैरो के पंजो पर डाले| अपने जांघो का इस्तेमाल करे, लेकिन हिप्स पर वजन ना पढने दे|
  • अपने हिप्स को आगे की और करे, और उपरी शरीर को पीछे की और झुखाये| यह तब तक ही करे, जब तक आप कम्फर्ट महसूस करते है|
  • इस दौरान आपके हाथ आसमान के सामानांतर होंगे| कुछ देर के लिए सांस रोक कर रखे और फिर धीरे धीरे माउंटेन पोस पर वापिस आ जाये|

Standing Backbend Pose Steps

नोट:

  1. यदि आपको गर्दन या पीठ में चोट लगी तो इस आसन का अभ्यास ना करे| यदि चोट ठीक होने के बाद इस आसन को करना चाह रहे है तो सावधानी पूर्वक है|
  2. आप चाहे तो अपने कमर को सपोर्ट करने के लिए अपने हाथो का इस्तेमाल कर सकते है|
  3. जब जब भी आप इस आसन को करे, सोचे की कितने अच्छे से आप इसे कर सकते है| इस आसन को आप डीप लेवल तक ले जाने की कोशिश करे|
  4. इससे ना केवल आपको ज्यादा उर्जा मिलेगी बल्कि जब कभी भी आप व्हील पोज़ का अभ्यास करेंगे, तब आप देखेंगे की आप इसको बहुत अच्छे से कर पा रहे है|