स्टैंडिंग योगा पोज़ – रक्त संचार बढ़ाये, शारीरिक संतुलन सुधारे

स्टैंडिंग योगा पोसेस की बात करे तो यह यह शरीर को संतुलित बनाने और बॉडी पोस्चर को सुधारने में बहुत फायदेमंद है| इसके अलावा यह मांशपेशियों की ताकत बढ़ाने, कूल्हों की अतिरिक्त चर्बी घटाने में भी मददगार है| इसलिए यह एथलिट, डांसर्स, बच्चे और जिसकी भी बैठकर करने वाली जॉब है उनके लिए फायदेमंद है|

इन आसनो को करने से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है खासकर सर में और पैरो में| इसलिए इससे कई गंभीर समस्या जैसे की सर्वाइकल दर्द, अस्थमा, धावकों को घुटनो में होने वाला दर्द, आदि|

शरीर का संतुलन एक ऐसी चीज़ है जिसकी जरूरत हमें हर रोज पढ़ती है| जैसे जैसे हम बढे होते जाते है हमारे अंदर संतुलन बढ़ते जाता है, जिससे हम गिरते नहीं है और हमें चोट नहीं लगती| बचपन में आपने देखा होगा की बच्चो में संतुलन नहीं रहता है इसलिए वे बार बार गिर जाते है और उन्हें चोट लगती रहती है|

इसलिए संतुलन को सुधारना आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत फायदेमंद है| इसके लिए जो पोसेस करना पढता है वो शायद आपको पसंद नहीं आये, पर इन्हें करे बिना आपका पोस्चर नहीं सुधरेगा|आइये जानते है कुछ Standing Yoga Poses के बारे में:-

स्टैंडिंग योगा पोज़ – पैरों को मजबूत बनाने वाले आसन

Standing Yoga Poses

ताड़ासन – माउंटेन पोस

दिखने में भले ही ऐसा लगता है की ताड़ासन में केवल खड़ा होना होता है, लेकिन संतुलन लाने में यह बहुत ही फायदेमंद है| जब आप अपने पंजो पर वजन डालकर खड़े होते है और अपनी रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है तब आपके शरीर का पोस्चर सुधरता है, जिससे आपका बैलेंस सुधरता है| यदि आप इस संतुलन को और सुधारना चाहते है तो आँखे बंद करके इस पोज़ को करे|

नटराजासन – डांस पोज़

यदि आप क्लासिकल डांस करना पसंद करते है तो आपको नटराजासन पोस का अभ्यास जरूर करना चाहिए| इस पोज़ को करते वक्त आपको ना केवल ताकत की जरुरत पढ़ती है बल्कि बैलेंस बनाने की भी जरुरत पढ़ती है| इसलिए संतुलन बनाने के लिए यह बेहतरीन पोस है| यह पोज़ आपकी पीठ की मांसपेशियों के साथ साथ पैरो की और अन्य प्रमुख मांसपेशियों पर भी काम करता है|

अर्ध चंद्रासन – हाफ मून पोज़

अर्ध चंद्रासन की खासियत यह है की इसमें आपके दोनों पैर बिलकुल सीधे होते है जैसे की स्टैंडिंग पोस में होते है| लेकिन एक पैर जमीन पर टिका होता है और दूसरा हवा में| यह आसन शरीर की सभी माँसपेशियों में एक साथ खिंचाव लाता है| यह आसन शरीर को सुगठित बनाने और अतिरिक्त चर्बी को घटाने में भी बहुत सक्षम है| यह आपकी मानसिक एकाग्रता और संतुलन बनाने में मदद करता है|

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वीरभद्रासन III  – वॉरियर III

इस चुनोतीपूर्ण पोज़ में ना केवल खड़े पैरो की जरुरत होती है बल्कि इसमें कंधे, पीठ, नितंबों और पैरों सहित पूरे शरीर के अंग की जरूरत होती है| वीरभद्र, एक वीर योद्धा था जो की भगवान शिव का अवतार था। इस आसन का नाम उस योद्धा के नाम पर रखा गया है।

लेकिन यदि आप रीढ की हड्डी के विकारों से पीड़ित है या फिर किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं तो चिकित्सक की मदद से ही यह आसन करे| यह आसन आपके हाथ और पैरो को मजबूती प्रदान करता है| इससे कंधो का तनाव दूर होता है| इसे करने से शरीर में संतुलन और सहनशीलता भी बढती है|

त्रिकोणासन – ट्रायंगल पोज़

इस आसन को करते वक्त आपके शरीर का आकार त्रिकोण के समान होता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन कहा जाता है| जो लोग मोटापे की समस्या से परेशान रहते है उनके लिए यह अत्यंत सरल और उपयोगी आसन है| त्रिकोणासन करने से शरीर का सन्तुलित सुधरता है| इससे आपका पाचन तंत्र भी सुधरता है|

स्टैंडिंग योगा पोसेस के लिए कुछ टिप्स

  • शुरुवाती दिनों में संतुलन सही से बनाने के लिए, और खुद को गिरने से बचाने के लिए Standing Yoga Asanas करते वक्त दिवार या फिर कुर्सी का सहारा ले|
  • अपने शरीर को ओवर स्ट्रेच करने से बचे| आपको अपनी माश्पेसियो को तभी तक स्ट्रेच करना है जब तक उनमे हल्का खिंचाव हो|

घुटने, पैर और टखने की सुरक्षा

  • शुरुआत में अपने घुटनों को ज्यादा मोड़ना सही नहीं है| एक परफेक्ट पोस का मतलब यह होता है की आप उसमे किनते कंफर्टेबल है|
  • पैरों में ऐंठन से बचने के लिए, एक लोचदार योग सॉक पहनें। आप चाहे तो छोटी सी क्रेप पट्टी का भी इस्तेमाल कर सकते है|

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