Tribhujasana - लंगड़ापन दूर करने में सहायक आसन, जानिए विधि

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Tribhujasana - लंगड़ापन दूर करने में सहायक आसन, जानिए विधि

योग में कई प्रकार के आसन होते है जो अलग अलग बीमारियों को दूर करते है और शरीर को स्वथ्य रखने में मदद करते है। प्रत्येक आसन की अपनी विशेषता होती है।

जिन्हे करके आप निरोग रह पाते है और इसे अपने दैनिक क्रिया कलाप में आसानी से शामिल कर पाते है। योग के कई आसनो में से एक आसन है त्रिभुजासन। जो कई रोगो को दूर करने में सहायक होता है। इसे त्रिबंधासन भी कहा जाता है|

त्रिभुजासन पाचन शक्ति को ठीक रखने में सहायता करता है, जिससे भूख अच्छे से लगती है| साथ ही यह आसान पीठ की हड्डी को मजबूत बनाता है। लंगड़ा पन को दूर करने में भी यह आसन बहुत ही लाभकारी होता है।

Tribhujasana से पुरे शरीर का रक्त संचरण अच्छा होता है। इस आसन के इतने फायदे है तो आपको जरूर जानना चाहिए इसे कैसे करते है। यह आसन दो तरह से किया जा सकता है एक तो खड़े होकर और दूसरा बैठ कर। जानते है इसकी विधि I

Tribhujasana (त्रिबंधासन) - जानिए इसे कैसे करते है तथा इसके लाभ

Tribhujasana

त्रिभुजासन की पहली विधि

  • इस आसन को खड़े होकर किया जाता है। त्रिभुजासन को करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों के मध्य दो से ढाई फुट की दूरी बनाते हुए इन्हें फैला लें।
  • फिर अपने दाएं पैर को सीधा रखें और दाएं हाथ को कंधे की सीध में कान से सटाकर ऊपर उठा लें।
  • फिर बाएं पैर को घुटनों से मोड़ते हुए धीरे-धीरे बाईं ओर झुके।
  • इसके बाद बाएं हाथ की अंगुलियों से बाएं पैर के अंगुठे को छुएं।
  • इस स्थिति में 2 से 3 मिनट तक रहे फिर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं।
  • इसी प्रकार इस क्रिया को दाएं और से भी करे।
  • ध्यान रखे की जब भी इस आसन को करे तो ऊपर रखे हुए हाथ की हथेली सदैव सामने की ओर ही रखे।

दूसरी विधि इस प्रकार करे

  • त्रिभुजासन को बैठ कर भी किया जाता है।
  • इसे करने के लिए आसन पर बैठ जाएँ।
  • फिर अपने दाएं पैर को आगे फैलाकर बैठ जाएं। ध्यान रहे की आपका दाएं पैर बिलकुल सीधा होना चाहिए।
  • तथा बाएं पैर को घुटने से मोड़कर पीछे ले जाये और एड़ी को कूल्हे से सटाकर रख लें।
  • फिर अपने दोनों हाथों को फैलाकर सिर व छाती को आगे की ओर झुकाये।
  • और फिर दाएं हाथ से दाएं पैर के पंजे को और फिर बाएं हाथ से बाएं पैर के पंजे को पकड़ने का प्रयास करें।
  • इस क्रिया में सांस सामान्य रूप से लें और फिर छोड़ें।
  • इस स्थिति में कुछ समय तक रहे, फिर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं|
  • इसके बाद बाएं पैर को बिल्कुल सीधा रखें।
  • फिर दाएं पैर को पीछे ले जाकर इस क्रिया को दोहराएं।
  • इस तरह दोनों पैरों द्वारा एक के बाद एक स्टेप्स करे।

Tribhujasana Benefits: त्रिभुजासन के लाभ

  1. यह आसन शारीरिक कार्य क्षमता को बढ़ाता है।
  2. त्रिभुजासन को नियमित रूप से करने पर शरीर लचीला बनता है।
  3. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में भी यह सहायक है|
  4. इसे करने से आलस्य दूर होता है और स्फूर्ति आती है|