योग सेहत को कई सारे लाभ पहुचाता है| इसके फायदों को देखते हुए आज सारा विश्व इसे कर रहा है| इसकी खासियत यह है की यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक लाभ भी देता है| अभी तक हम योग के कई आसनों के बारे में बात कर चुके है| हर आसन का अपना अलग महत्व और लाभ है| आज हम आपको तुलासन के बारे में बता रहे है|

हम इसके नाम से ही अंदाजा लगा सकते है की तुलासन का नाम तुला अर्थात तराजू से लिया गया है| इस आसन को करते वक्त हमारे शरीर की मुद्रा तराजू की तरह दिखती है| इसलिए इसे तुलासन नाम दिया गया है|

जब इस मुद्रा का अभ्यास किया जाता है तब शरीर का पूरा भर दोनों बाजुओ पर संतुलित रहता है| इसलिए इसे करने से शरीर में भी संतुलन बना रहता है साथ ही साथ बाजुएं भी मजबूत होती है| आइये विस्तृत रूप से जानते है Tulasana Yoga in Hindi.

Tulasana Yoga in Hindi: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानिया

Tulasana Yoga in Hindi

तुलासन को Balance Pose और Dolasana के नाम से भी जाना जाता है| यह आपके हाथ, कंधे, पेट, पीठ, कूल्हे, कलाई आदि को मजबूत बनाता है| यह आसन करने में बहुत मुश्किल है| लेकिन जब आप इसका लगातार अभ्यास करते है तो धीरे धीरे आप इसे करने में सक्षम हो जाते है|

Tulasana Benefits: तुलासन के लाभ

  1. इसके नियमित अभ्यास से आपकी बाजुएं, हथेलियां और कलाई सब मजबूत हो जाती है|
  2. तुलासन का अभ्यास पेट की चर्बी कम करने में भी सहायक है| यह एक अच्छा Yoga to Reduce Belly Fat है|
  3. यह आपके शरीर में संतुलन बनाता है|
  4. यह घुटनों के दर्द को दूर करने में भी मददगार है|
  5. इससे आपकी पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है, जिन लोगो को कब्ज की समस्या होती है उन्हें इस आसन को जरुर करना चाहिए|
  6. यह रीढ़ की हड्डियों को मजबूत बनाता है, इससे शरीर की मांशपेशियां लचकदार होती है|
  7. यह तनाव से मुक्ति दिलाता है और इससे मन शांत रहता है
  8. यदि किसी वजह से आपके पैर में सूजन, जकड़न या फिर हल्का दर्द रहता है तो आपको इस आसन को करने से आराम मिलता है|
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Tulasana Steps: तुलासन की विधि

  • तुलासन का अभ्यास करने के लिए किसी शांत वातावरण में चटाई या दरी बिछा कर बैठ जाएं|
  • इसके बाद अपने हाथो को कुलहो के पास रखे| इसे करते वक्त आपकी उंगलिया फैली हुई होना चाहिए|
  • इसके पश्चात श्वास को अंदर भरते हुए, बाजुओ के सहारे अपने पुरे शरीर को जमीन से ऊपर की और उठाएं|
  • आप जितना ऊपर अपने शरीर को उठा सकते है उतना ऊपर उठाना है| फिर आराम पूर्वक इस स्थिति में रुक जाये|
  • इसके पश्चात धीरे धीरे श्वास को बाहर छोड़ते हुए पहले की अवस्था में वापस आ जाएं|
  • यह आसन करने में मुश्किल है इसलिए इस आसन को अपनी शरीर की क्षमता और अपनी सुविधा के अनुसार 4 से 5 बार करे|
  • यदि आप योग के लिए नए है तो इसका अभ्यास योग गुरु के देख रेख में ही करे|
तुलासन से पहले किया जाने वाला आसन: कमल मुद्रा, बंध कोणासन, वीरासन, अर्धमत्स्येंद्रासन योग आसन, गरुडासन

तुलासन से बाद किया जाने वाला आसन: कुक्कुटासन

ऊपर आपने जाना Tulasana Yoga in Hindi. इस आसन को करके आप भी उपरोक्त लाभ पा सकते है| लेकिन इसे करते वक्त एक बात का ख्याल रखे की यदि आपके कंधे या फिर कलाई आदि में चोट हो तो इस आसन का अभ्यास ना करे| इसके अलावा यदि आपको शरीर में जकडन खासकर यदि जांघो या कुलहो में जकडन हो तो इस आसन को नहीं करना है|