उद्गीथ प्राणायाम को करते समय ॐ का जाप करना पड़ता है इसलिए इस ॐ कार जाप के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राणायाम मैडिटेशन का हीं एक प्रकार है।

उद्गीथ प्राणायाम को नियमित रूप से सुबह करने से यह शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों प्रकार के लाभ पहुँचाते है। यह साँस संबंधित प्राणायाम है। इस करते समय अपना ध्यान सांसो पर केंद्रित करना चाहिए।

उद्गीत प्राणायाम चिंता, ग्लानि, द्वेष, दुख, और भय से मुक्ति दिलाने में काफी हद तक सक्षम होता है। इस प्राणायाम से ध्यान शक्ति बढ़ती है। मनुष्य भय मुक्त हो जाता है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।

उद्गीत प्राणायाम करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन काफी अच्छा रहता है। इस लेख में पढ़े की उद्गीत प्राणायाम कैसे किया जाता है और इसको करने से क्या फायदे होते है। पढ़े Udgeeth Pranayama.

Udgeeth Pranayama: जाने उद्गीथ प्राणायाम करने की विधि और उसके फायदे

कैसे करें उद्गीथ प्राणायाम

  • सबसे पहले अपनी मैट पर पद्मासन या सुखासन की अवस्था में बैठ जाएं
  • अब इस स्थिति में गहरी और लम्बी साँस लें।
  • अब साँस को धीरे धीरे छोड़ते हुए ॐ का जाप करें।
  • ध्यान रखे की जब आप यह उच्चारण कर रहे हो तो आपका ध्यान अपनी सांसो पर केंद्रित हो।
  • अब इस पूरी प्रक्रिया को 5 से 10 मिनट तक के लिए दोहराए।
  • धीरे धीरे अभ्यास करते हुए अपनी प्राणायाम करने की अवधि को बढ़ाए।

उद्गीथ प्राणायाम करने के फायदे

यद्दाश्त बढ़ती है

  • उद्गीथ प्राणायाम का अगर नियमित रूप से अभ्यास किया जाए तो यद्दाश्त को बढाने में मदद मिलती है।
  • यद्दाश्त का बढ़ना आपके ध्यान और मन की एकाग्रता पर निर्भय करता है।
  • ध्यान करते समय जिस तरह जितना अधिक ध्यान होगा उस तरह विचार शक्ति उतनी बढ़ेगी।

मन और दिमाग को शांत रखे

  • इसका नियमित रूप से अभ्यास करने से दिमाग शांत रहता है।
  • जिस वजह से मानसिक तनाव दूर हो जाता है।
  • मानसिक तनाव तब होता है जब मस्तिष्क में सिरोटोनीन, नार-एड्रीनलीन तथा डोपामिन आदि न्यूरो ट्रांसमीटर की कमी होती है।
  • उद्गीथ प्राणायाम को करने से इन सभी समस्यायों में राहत मिलेगी।

नींद की समस्या में राहत

  • इसे करने से नींद काफी ज्यादा और अच्छी आती है।
  • शरीर के लिए अच्छी नींद जरूरी होती है क्योंकि इससे शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती है।
  • शरीर में ताकत और शक्ति दोनों ही बढ़ती है।
  • अगर नींद ना आने की समस्या है तो सोने के पहले इसे करे।

हाई बीपी कम करें

  • उद्गीथ प्राणायाम को रोज़ सुबह किया जाए तो यह हाई बीपी की परेशानी से राहत दिलाता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर में दिल पर काफी दबाव बन जाता है। जो आगे चल कर हार्ट अटैक का कारण होता है।
  • इस प्राणायाम को करने से शरीर में बीपी का लेवल सामान्य रहेगा।

कब्ज और एसिडिटी में फ़ायदेमंद

  • इस उद्गीथ प्राणायाम का अभ्यास नियमित रूप से किया जाए तो पेट की समस्या में भी लाभ होता है।
  • रोज़ सुबह इसका अभ्यास करने से कब्ज से राहत मिलेगी और एसिडिटी नहीं बनेगी।

अन्य लाभ

इस ऊपर दिए लेख में अपने जाना की उद्गीथ प्राणायाम कैसे किया जाता है और इसको करने से क्या फायदे शरीर को मिलते है। इस का अभ्यास करना फ़ायदेमंद रहता है।