Ustrasana in Hindi: शारीरिक दर्द और विकारों को हमसे दूर रखे उष्ट्रासन

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Ustrasana in Hindi: शारीरिक दर्द और विकारों को हमसे दूर रखे उष्ट्रासन

आसन के अभ्यास के माध्यम से मन को स्थिर रख के सुख देने का कार्य किया जाता है। आसन अनेक प्रकार के माने गए हैं। यह एक वैज्ञानिक पद्धति है। यह शरीर को स्वच्छ, शुद्ध व सक्रिय रखकर हमे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखते हैं। केवल आसन ही एक ऐसा व्यायाम होता है जो हमारे आंतरिक शरीर पर प्रभाव डाल सकता है।

आसनों का उद्देश्य शरीर के मल का नाश करना है। शरीर से मल या दूषित विकारों के नष्ट हो जाने से शरीर व मन में स्थिरता का अविर्भाव होता है। जिससे शांति और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति हो जाती है।

शरीर ही मन और ‍बुद्धि की सहायता से आत्मा को संसार के बंधनों से योगाभ्यास द्वारा मुक्त कर सकता है। शरीर बृहत्तर ब्रह्मांड का सूक्ष्म रूप है। अत: शरीर के स्वस्थ रहने पर मन और आत्मा को भी संतोष मिलता है।

वर्तमान समय में हर व्यक्ति की एक सामान्य शिकायत पीठ या पेट से सम्बंधित होती है। आज हम आपको इस समस्या से दूर रखने वाले आसन उष्ट्रासन के बारे में बताने वाले है। आइये जानते है Ustrasana in Hindi.

Ustrasana in Hindi: जानिए उष्ट्रासन करने की विधि तथा इससे होने वाले लाभ

ustrasana in hindi

Ustrasana की अंतिम स्थिति में पहुंचने के बाद शरीर का आकार ऊंट के समान नजर आती है इसलिए इसे उष्ट्रासन कहा जाता है। इस आसन को कंही भी बैठ कर किया जा सकता है।

Camel Pose Yoga Steps in Hindi: जाने इसकी विधि

उष्ट्रासन, वज्रासन समूह का एक आसन है। यदि आप श्वास, उदर, पिंडलियों, पैरों, कंधों, कोहनियों और मेरुदंड संबंधी किसी रोग से पीड़ित हैं। तो इस आसन का अभ्यास आपके लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। आइये जानते है Ustrasana Steps –
  • इसे करने के लिए स्वच्छ और समतल जमीन पर बैठ जाएं।
  • इसके बाद दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए, धीरे-धीरे दोनों पैरों को घुटने से मोड़ते हुए, वज्रासन में बैठ जाएं।
  • पीछे की तरफ झुकते हुए दोनों हाथों की हथेलियों से पैरों की एड़ियों को छूने का प्रयास करें।
  • अब धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठने का प्रयास करें।
  • अब दोनों हाथों को कमर पर रखकर पीछे की तरफ आराम से झुकें।
  • ध्यान रखें अगर आप यह आसन पहली बार कर रहे हैं तो पहले एक हाथ से एड़ियों को छुए, फिर दूसरे हाथ से एड्डी को छुए, एक साथ दोनों एड़ियों को छूने के प्रयास में आप गिर सकते हैं।
  • अब सिर को पीछे की ओर झुकाएं तथा कुछ समय इसी अवस्था में रहें।
  • Ustrasana इसके बाद धीरे-धीरे क्रम में वापस पहली वाली स्थिति में आ जाएं।

उष्ट्रासन को करने से पहले करने वाले आसन

उपरोक्त आसनो को करने के बाद आप उष्ट्रासन को आसानी से कर सकते है। साथ ही इसके फ़ायदों का भी लाभ उठा सकते है।

Ustrasana Benefits: जाने इसके लाभ

शरीर को ऊर्जावान बनाये

  • शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए एनर्जी की आवश्यकता होती है। इस आसन को करने से शरीर ऊर्जावान बनता है।
  • और आपका बुढ़ापा भी जल्दी नहीं आता है। आपको कार्य को करने में कमज़ोरी महसूस नहीं होती है।
  • आलस्य भी नहीं आता है। यदि आप इस आसन को नियमित रूप से करते है तो आप जवान दिखने लगते है। शरीर में ऊर्जा का संचार अच्छे से होने लगता है।

मधुमेह में लाभकारी

  • आजकल लोगो में शर्करा का स्तर नियंत्रित नहीं रहा पाता है जिस कारण लोगो को मधुमेह रोग की समस्या होती है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से मधुमेह जैसे रोग ठीक हो जाते है साथ ही शरीर को ताकत भी मिलती है।
  • मधुमेह रोगी को बीमारी के कारण कमज़ोरी भी महसूस होती है साथ ही त्वचा भी ढीली पड़ने लगती है। इस आसन को करने से यह समस्या दूर हो जाती है।

मोटापा दूर करने में सहायक

  • मोटापे की समस्या अधिकांश लोगो में देखी जाती है। जिसे दूर करने के लिए लोग जिम का सहारा लेते है। जो कठिन भी होता है।
  • उष्ट्रासन को करने से शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी दूर हो जाती है और आपका शरीर स्लिम व आकर्षक हो जाता है।
  • इस आसन के नियमित 10-15 मिनट अभ्यास से शरीर, पेट और नितम्ब पर जमा मोटापा दूर हो जाता है।
  • इस आसन का नियमित अभ्यास करने पर ही आप मोटापे को कम कर सकते है।

पेट के लिए लाभकारी

  • पेट के रोगों को दूर करने के लिए उष्ट्रासन बहुत लाभकारी होता है।
  • यह आसन पेट और आँतों के सभी विकारों को दूर करता है और उन्हें पुष्ट करता है।
  • साथ ही पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है।

स्त्री रोग में फ़ायदेमंद

  • उष्ट्रासन आसन स्त्री रोगों में विशेष रूप से लाभदायक है।
  • स्त्रियों को यह आसन नियमित रूप से करना चाहिए।

Camel Pose के अन्य Benefits

  • यह जाँघों, भुजाओं तथा टांगों को पुष्ट बनाता है।
  • यह आसन कमर दर्द, साइटिका, स्लिप डिस्क तथा पीठ दर्द को दूर करता है।
  • इस आसन के अभ्यास से छाती चौड़ी होती है। साथ ही कंठ, श्वास नली और फुफ्फुस की क्रियाशीलता में वृद्धि करता है।

उष्ट्रासन के बाद करने वाले आसन

  • शीर्षासन
  • सर्वांगासन
  • चक्रासन
  • दण्डासन
उष्ट्रासन करने के बाद आप उपरोक्त आसनो का भी अभ्यास कर सकते है यह आसन भी आपके लिए फ़ायदेमंद होते है।

सावधानियां

  • जिन लोगों को हाई ब्लडप्रेशर, दिल की बीमारी व कमर का तेज दर्द या हर्निया की समस्या हो वे इस आसन को करने का प्रयास बिलकुल न करें।
  • जिन लोगो को उच्च या निम्न रक्तचाप, गर्दन में चोट हो तो उन्हें इन आसन को नहीं करना चाहिए या फिर किसी अनुभवी शिक्षक की देखरेख में ही इस आसन को करना चाहिए।
  • थायराइड से पीड़ित लोगों को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
आज हमने आपको Ustrasana in Hindi, आसन से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी है यह आसन शरीर को बेहद फायदा देता है। यह योग थोड़ा कठिन है पर इसके नियमित अभ्यास से इस आसन को आराम से किया जाता है। उष्ट्रासन को करते समय हमेशा सावधानी से पहले एक हाथ को पैर की एड़ी से लगाएं फिर दूसरे हाथ को। साथ ही हमारी आपको सलाह है कि इस असान को किसी योग शिक्षक की रेख देख में ही करें।