Utthita Lolasana: पीठ और कूल्हों में स्थिरता लाये, जानिए इसकी विधि

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Utthita Lolasana: पीठ और कूल्हों में स्थिरता लाये, जानिए इसकी विधि

शरीर को संतुलित करने के लिए योग बहुत अच्छा माध्यम होता है। योग के जरिये शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। योग एक ऐसा साधन होता है जो की व्यक्ति को कई बिमारियों से दूर रखने में सहायक होता है।

लोलासन से पूर्ण शरीर को संतुलित किया जाता है। इसमें शरीर की स्थिति एक लोलक के समान होती है। लोलासन दो प्रकार के होते है- उत्थित लोलासन और पदम् लोलसना।

इस लेख के जरिये आपको उत्थित लोलासन के बारे में जानकारी दे रहे। उत्थित लोलासन को खड़े होकर किया जाता है। इसके नियमित अभ्यास से पीठ और कूल्हे मजबूत बनते है।

उत्थित लोलासन को करने से शरीर को कई लाभ होते है। इसके लिए जानते है Utthita Lolasana को कैसे किया जाता है और उसके अन्य फायदे और सावधानियों के बारे में।

Utthita Lolasana in Hindi: जानिए इसकी विधि, लाभ और सावधानियां

Utthita Lolasana

उत्थित लोलासन को करने की विधि

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले खड़े हो जाए और फिर अपने पैरों को फैला ले।
  • अब साँस लेते हुए दोनों हांथो को सर के ओर ले जाए साथ ही अपनी कलाईयों को ढीला रखे।
  • हाथ के पंजे आगे की तरफ होने चाहिए।
  • इसके बाद साँस छोड़ते हुए धड़ और बाजुओं को आगे की तरफ झुकाये।
  • फिर सामान्य साँस ले और धड़ और बाजुओं को कुछ समय के लिए इसी मुद्रा में रहने दे।
  • साँस लेते हुए ऊपरी हिस्से और बाजुओं को समांतर स्तर पर ले आये।
  • फिर साँस को छोड़ते हुए धड़ और बाजुओं को पैरो के मध्य में झुलाये।
  • धड़ और बाजुओं को उठाने और झुलाने की क्रिया को करे। सांसों की सहायता से इस प्रक्रिया को 10 बार दोहरायें।
  • इसके बाद सामान्य साँस लेते हुए पुनः धड़ और बाजुओं को कुछ समय के लिए लटकने की स्थिति में रखे।
  • अब धीरे धीरे साँस लेते हुए सीधे हो जाए और अपनी बाजुओं को ऊपर की तरफ खींचे।
  • इसके बाद हाँथ को आगे की तरफ करते हुए ढीला कर ले।
  • साँस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाये।

उत्थित लोलासन को करने के फायदे:-

  1. इसके नियमित अभ्यास से रक्त संचार अच्छा होता है।
  2. सांसों के लिए यह आसन बहुत ही अच्छा होता है।
  3. पूर्ण शरीर को ऊर्जा देने के लिए उत्थित लोलासन को रोज करना चाहिए।
  4. उत्थित लोलासन को नियमित करने से पीठ और कूल्हों में लचीलापन आता है।

उत्थित लोलासन को करते समय ध्यान रखने वाली सावधानियां

  • किसी व्यक्ति को यदि चक्कर आ रहे है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति को भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • स्लिप डिस्क की समस्या से ग्रसित लोग उत्थित लोलासन को न करे।