वरुण मुद्रा - आपके शरीर में जल तत्व को संतुलित करे

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वरुण मुद्रा - आपके शरीर में जल तत्व को संतुलित करे

हमें जीने के लिए जल बहुत जरुरी है| व्यक्ति भले ही कुछ दिन के लिए खाना छोड़ दे तो भी रह सकता है, लेकिन जल के बिना तो दो दिन भी रहना मुश्किल है| इससे ही आप समझ सकते है जल हमारे शरीर के लिए कितना जरुरी है|

हम आपको बता दे की हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना हुआ है| पानी ना केवल हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करता है बल्कि कोशिकाओ के निर्माण में भी सहायक है| यह आपके भोजन को तरलबनाकर पचाने में भी मदद करता है|

हमारे शरीर में पांच तरह के तत्व है और यदि एक भी तत्व असंतुलित हो जाये तो शरीर ठीक से कार्य नहीं कर पाता है| आज हम आपको आपके शरीर में जल तत्व को कैसे संतुलित कर सकते है, इसके लिए मुद्रा बता रहे है| वरुण मुद्रा से जल तत्व संतुलित हो सकता है| तो आइये जानते है Varun Mudra in Hindi.

Varun Mudra in Hindi: जानिए वरुण मुद्रा की विधि और लाभ

Varun Mudra in Hindi.

वरुण का अर्थ जल होता है| यह मुद्रा हमारे शरीर को जल से होने वाली बीमारी से बचाती है जैसे की डिहाइड्रेशन आदि| और खास बात तो यह है की इस मुद्रा का अभ्यास आप कही भी और कभी भी कर सकते है|

वरुण मुद्रा कैसे करे?

हाथो की सबसे छोटी उंगली (कनिष्का) के आगे के भाग और अंगूठें के आगे के भाग को मिलाने से वरुण मुद्रा बनती है। दरहसल हाथ की सबसे छोटी उंगली को जल तत्व का प्रतीक माना जाता है जबकि अंगूठें को अग्नि तत्व माना जाता है| इन दोनों को मिलाने से हमारे स्वास्थ्य में बदलाव होता है| यह बहुत ही प्रभावी Hand Mudras में से एक है|
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वरुण मुद्रा के लाभ

  • जिस तरह पानी से हमारी त्वचा में चमक आती है उसी तरह वरुण मुद्रा करने से भी त्वचा में जान आती है|
  • जो लोग पानी कम पीते है उन्हें इस मुद्रा का अभ्यास जरुर करना चाहिए| क्योकि इसके नियमित अभ्यास से शरीर का रूखापन दूर होता है।
  • वरुण मुद्रा के अभ्यास से खून साफ होता है जिसके चलते चमड़ी के सारे रोग दूर होते है।
  • इसको करने से बुढ़ापा भी जल्दी नही आता, क्योकि आपके शरीर पर झुर्रिया नहीं होती है|
  • ये आपको बार बार प्यास लगने की समस्या से निजात दिलाती है|
  • वरुण मुद्रा आपके शरीर में जल तत्व के संतुलन को बनाए रखती है
  • यह स्नायु के दर्द और संकोचन को रोकने में मददगार है|
  • इसे करने से शरीर में लचीलापन भी आता है|
  • आप इसका लाभ पाने के लिए एक महीने तक इसे 10 से 30 मिनट तक कर सकते है|
ऊपर आपने जाना Varun Mudra in Hindi. इस मुद्रा को सर्दी के मौसम में बहुत की कम समय के लिए ही करना चाहिए| और यदि सर्दी जुखाम को तो इसे ना ही करे| गर्मी या दूसरें मौसम में इस मुद्रा को आप आधे घंटे तक कर सकते है|