Viparita Karani: माँ बनने की क्षमता को विकसित करने वाला योग

हम जानते है की योग हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण है क्यूंकि यह हमे कई रोगो से बचा कर स्वस्थ जीवन प्रदान करता है| आज के लेख में हम आपको विपरीत करणी आसन के बारे में बता रहे है|

यदि आप हर वक्त तनाव से घिरे रहते है या फिर आपको चिड़चिड़ा पन व उदासी रहती है तो यह योगासन आपके लिए बहुत ही लाभदायक है। इसे लेग अप दी वाल भी कहते है। मन को शांत करने के लिए यह बहुत उपयोगी आसन होता हैI

यदि आपको हार्मोन्स सम्बन्धी कोई समस्या है तो वह इसे करने से दूर हो जाती हैI जिन महिलाओ में तनाव बहुत ज्यादा होता है, उनके लिये विपरीत करणी मुद्रा बहुत ही फायदेमंद होती है।

इस आसन को करने से आप अपने बुढ़ापे को दूर कर सकते है साथ ही इसे करने से सेक्स पॉवर में भी वृद्धि होती है। साथ ही यह थकावट को भी दूर करता है। इतने सारे गुणों के अतिरिक्त Viparita Karani आसन रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

Viparita Karani: जानिए इसे करने का तरीका, विधि और लाभ

Viparita Karani

विपरीत करणी की विधि:

  • इसे करने के लिए समतल जमीन पर दीवार से करीब 3 इंच की दूरी पर चटाई बिछा ले।
  • उसके बाद चटाई पर बैठ जाए और आपके पैर को दीवार पर फैला ले।
  • अब शरीर के ऊपरी भाग को पीछे की ओर झुकाते हुए लेट जाए|
  • ध्यान रहे की इस अवस्था में दोनों पैर दीवार से ऊपर की ओर होने चाहिए I
  • बांहों को शरीर से कुछ दूरी पर ज़मीन से लगाकर रखें।
  • इस स्थिति में हथेलियां ऊपर की ओर की होनी चाहिए I
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए सिर, मेरूदंड और गर्दन को ज़मीन से लगायें I
  • इस स्थिति में 5 से 15 मिनट तक बने रहें I
  • इसके बाद घुटनों को मोड़ते हुए दायीं ओर घूम जाएं I
  • फिर सामान्य अवस्था में आ जाए।

Viparita Karani Benefits: विपरीत करणी के लाभ

  1. विपरीत करणी आसन रक्त संचार को सुचारू बनाता हैI
  2. इसे नियमित रूप से करने पर पैरों में थकान एवं दर्द की स्थिति से छुटकारा मिलता है।
  3. गर्दन और कंधों में होने वाले तनाव को दूर करने के लिए भी यह बहुत ही फायदेमंद होता हैI
  4. अनिद्रा संबंधी रोग भी इस आसन के अभ्यास से दूर हो जाते हैI
  5. यदि आपके पीठ में दर्द होता है तो इस आसन को करने से काफी राहत मिलती हैI

विपरीत करणी को करते समय सावधानी:

  • यदि आपकी आँखों में तकलीफ है तो भी इस आसान को ना करे।
  • अगर किसी को पीठ दर्द और गर्दन दर्द है तो इस आसन को नहीं करना चाहिये।
  • मासिक धर्म के समय महिलाओं को विपरीत करणी आसन को नहीं करना चाहिये। गर्भावस्था में भी यह आसन न करें।
  • इस आसन को सुबह खाली पेट ही करे I साथ ही 14 साल से कम उम्र के बच्चे इसे ना करे।

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