गर्भावस्था के बाद स्वस्थ एवं टोन शरीर पाने के लिए योग के 10 आसन

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गर्भावस्था के बाद स्वस्थ एवं टोन शरीर पाने के लिए योग के 10 आसन

बच्चे को जन्म देना हर माँ के लिए बहुत ही खुशी का पल होता है| इसलिए जब लेडी प्रेग्नेंट होती है तो उसे अपने बढे हुए वजन को लेकर कोई परेशानी नहीं होती है| वही जब एक बार डिलीवरी हो जाती है, तो उसके बाद यह बढ़ा हुआ वजन किसी भी महिला को अच्छा नहीं लगता|

हर महिला चाहती है की इस बढे हुए वजन को कम करके वो वापिस से पुराने शेप में आ जाये| इसके लिए महिला कई तरह के प्रयास भी करती है| और यह सही भी है क्योकि बढ़ा हुआ वजन ना केवल बीमारियों को आगमन है बल्कि यदि महिला वापिस गर्भवती होती है तो इससे आने वाले बच्चे के जन्म को लेकर दिक्कतों का सामना भी करना पढ़ सकता है|

इसलिए अपनी दिनचर्या को वापिस सुधारने के लिए और एक स्वस्थ और फिट शरीर पाने के लिए गर्भावस्था के बाद महिला को योग का अभ्यास करना चाहिए| इसलिए आज के लेख में हम आपको बता रहे है Yoga after Pregnancy in Hindi.

Yoga after Pregnancy in Hindi: गर्भावस्था के बाद किये जाने वाले आसन

Yoga after Pregnancy in Hindi

पिछले एक लेख में हमने आपको गर्भावस्था के दौरान कौनसे योग करना चाहिए, इस बारे में जानकारी दी थी| आज के लेख में हम आपको गर्भावस्था के बाद कौनसे योग करना चाहिए, इसकी जानकारी दे रहे है| ताकि आप अच्छे से मातृत्व की शुरुवात कर सके:-

नोट: आपके शरीर को प्रसव के बाद रिकवर होने में थोडा वक्त लगता है| इसलिए हम आपको यह सलाह भी देंगे की योग का अभ्यास प्रसव के 6 महीने बाद शुरू करे, वो भी योग गुरु के निर्देशक में|
  1. भुजंगासन योग
  2. मयूरासन
  3. बालासन
  4. उष्टासन
  5. त्रिकोणासन
  6. टाइगर पोज
  7. गरुडासन योग
  8. वक्रासन
  9. टाइगर पोज
  10. अधो मुख शवासन

टाइगर पोज

टाइगर मुद्रा का अभ्यास जन्म देने के बाद महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। क्योकि यह न केवल प्रसव के बाद की शारीरिक जटिलताओं को ठीक करता है बल्कि अन्य कई लाभ देता है जैसे की
  • पीठ दर्द से राहत
  • महिला के यौन अंगों का कायाकल्प
  • हाथ-पैर और कंधे की मांसपेशियों को टोन करना
  • वजन घटाने में सहायता
  • और साथ ही पाचन तंत्र भी सुधारता है|

गरुडासन योग

  • गरुडासन को इगल पोस भी कहा जाता है| यह मुद्रा घुटनों और टखनों की ताकत को बढाती है|
  • इससे आपके शरीर का शारीरक संतुलन भी बनता है| यह प्रसवोत्तर के तनाव को दूर करता है|
  • इससे आपके कंधे, हाथ, पीठ और पैरों की माशपेशिया मजबूत होती है| यह श्रोणी को भी मजबूत बनाता है|

बालासन

  • यह मुद्रा में आप गर्भ में पल रहे बच्चे के समान रहते है| इसलिए इसे बालासन कहा जाता है| यह कछुआ के समान एक आराम मुद्रा है|
  • यह आपके पीठ के निचले हिस्से और कूल्हे की मांसपेशियों में खिचाव लाती है|
  • यह Yoga for Flat Belly भी है| इससे कमर और पेट की चर्बी कम होती है|
  • यह आपके फेफड़ों तथा रीढ़ की हड्डी में भी खिचाव लाती है जिससे की ग्लट्स, जांघों, कूल्हों और कंधे की हड्डी में लचीलापन आता है|
  • यह आपके पाचन को सुधारता है साथ ही इससे आपका शरीर आरामदायक स्तिथि में भी आता है|
आप यह भी पढ़ सकते है:- शरीर का लचीलापन बढ़ाने में सहायक है बालासन, जानिए अन्य लाभ

वक्रासन

वक्रासन आपकी रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढाने में मदद करता है साथ ही साथ यह गर्भावस्था के बाद होने वाले पीठ दर्द से राहत दिलाने में भी बेहद फायदेमंद है।
  • यह रीढ़ की हड्डी में रक्त के प्रवाह को सुचारू करता है साथ ही पीठ, कमर, पेट और कंधे की मांसपेशियों को टोन करता है।
  • यह भी स्नायु संबंधी विकार के इलाज में मदद करता है तथा मन से तनाव को दूर करता है|
ऊपर आपने जाना Yoga after Pregnancy in Hindi. आप योगा करके खुद को शेप में तो ले आयेंगे लेकिन आपको इस बात का ध्‍यान रखना होगा कि आपका वजन तुरंत नहीं घटेगा क्योकि इसमें वक्त लगता है। जब भी योगा क्लास शुरू करने का सोच रही है तो शुरु करने से पहले हमेशा अपनी डॉक्‍टर की सलाह लें।