दर्द हर किसी को परेशान कर सकता है। फिर चाहे वह कमर का दर्द हो या फिर पैरो का, घुटनो का या हो पीठ का दर्द।

शरीर के किसी भी अंग में दर्द होने से परेशानी होना लाजमी है। छोटे मोटे दर्द पर हम उतना ध्यान नहीं देते है और किसी दवा या मलहम के जरिये उसे ठीक भी कर लेते है।

लेकिन जब दर्द की समस्या बार बार आती है और वह पुरानी हो जाती है तो यह घातक हो सकती है। यदि दर्द 3 से 6 महीने तक रहता है, तो इसे क्रोनिक दर्द कहा जाता है।

क्रोनिक दर्द कई बार पेन किलर या फिर मलहम से भी ठीक नहीं होता है। यह दर्द बहुत ही पीड़ादायक होता है। क्रोनिक दर्द को ठीक करने के लिए योग करना उत्तम रहता है। यदि आप भी पुराने दर्द से परेशान है तो योग को अपना सकते है। जानते है Yoga for Chronic Pain.

Yoga for Chronic Pain: दर्द से राहत दिलाने वाले आसन

Yoga for Chronic Pain in Hindi

क्रोनिक दर्द को दूर करने के लिए कई योग होते है। जिनसे दर्द में आराम मिलता है जैसे -

सुप्त पादांगुष्ठासन

  • सुप्त पादांगुष्ठासन को अंग्रेजी में Reclined Hand To Toe pose कहा जाता है।
  • सुप्त पादांगुष्ठासन को सुबह के समय खाली पेट करना अच्छा होता है। सुबह के समय से 30 सेकंड के लिए करे।
  • यह कूल्हे और घुटनों में हो रहे गठिया दर्द से राहत दिलाने में भी मदद करता है।
  • दर्द से राहत दिलाने के लिए यह एक उत्तम आसन होता है।

उपविष्ठ कोणासन

  • उपविष्ठ कोणासन को Seated Angle पोज़ कहते है।
  • यह मुद्रा जोड़ों में कठोरता को कम करता है।
  • हैमस्ट्रिंग को स्ट्रेच करने में भी मदद करता है।
  • इसे करने से पैरों के पीछे के भाग में भी खिंचाव होता है। जिस कारण दर्द से राहत मिलती है।

सेतुबंधासन

  • सेतुबंधासन को Bridge Pose के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह आसान गर्दन और छाती को स्ट्रेच करता है।
  • इस आसन द्वारा पीठ की मांसपेशियों को मज़बूती मिलती है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव और अवसाद को भी दूर किया जा सकता है।

त्रिकोणासन

  • त्रिकोणासन को Triangle Pose भी कहते है, क्योंकि इसमें शरीर की आकृति त्रिकोण के समान हो जाती है।
  • यह पैरों, एड़ियों, घुटनों, हाथों को मजबूती देता है।
  • तनाव, चिंता दूर करने के लिए इसका अभ्यास करना अच्छा होता है।
  • कमर दर्द को ठीक करने के लिए भी इसका अभ्यास रोज करना चाहिए।
  • वजन के अधिक होने से भी शरीर में दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। इस आसान के अभ्यास से वजन कम करने में भी सहायता मिलती है।
  • यह आसन शरीर को ऊर्जावान बनाने में भी मदद करता है।

गरुड़ासन

  • शरीर का संतुलन बनाए रखने मे गरुड़ासन का अभ्यास लाभकारी होता है।
  • यह पैरों और कमर को लचीला बनता है। जिससे कमर और पैरों में होने वाले दर्द से छुटकारा मिल जाता है।
  • गठिया रोग के लिए भी यह आसन लाभकारी होता है।
  • इस आसन द्वारा मांस पेशियां मजबूती मिलती है।
उपरोक्त आसनो के अतिरिक्त आप नावासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन को भी कर सकते है। इससे भी क्रोनिक दर्द में राहत मिलती है। आप जो भी आसन कर रहे है तो इस बात का ज़रूर ध्यान दे कि आसनो को नियमित रूप से करे तभी आपको इनका लाभ मिल पायेगा।