क्रोध पर नियंत्रण पाने में बेहद मददगार है योग का अभ्यास

अधिकांश लोगो को गुस्सा जल्दी आता है जिस वजह से वह अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाते। और कभी कभी तो गुस्से के कारण गलत काम भी कर जाते है और बाद में पश्चाताप करते है।

क्या आप जानते है दुसरो पर गुस्सा करके हम खुद का ही नुक्सान कर बैठते है। अधिक क्रोध करने वाले व्यक्ति से हर कोई परेशान रहता है। गुस्से वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहता है।

ज्यादा गुस्सा सेहत के लिए हानिकारण है, आपको बता दे की गुस्सा करने से ह्रदय रोग हो सकते है। यहाँ तक की कुछ अध्यनो से पता चला है की गुस्से से अकाल मौत होने तक का खतरा होता है|

क्योंकि क्रोध करने से शरीर में तनाव को पैदा करने वाले हार्मोन्स की संख्या बढ़ती है। जिसके कारण ब्लड में कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ाने लगता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा की क्रोध से ह्रदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां ब्लॉक भी  हो सकती हैं।

योग की मदद से क्रोध को दूर भी किया जा सकता है| इसलिए आज हम आपको Yoga for Anger बता रहे है, ताकि आप जान पाए क्रोध को दूर करने के लिए कौन कौन से आसन किये जा सकते है|

Yoga for Anger: गुस्से को शांत करने का उत्तम  उपाय

Yoga for Anger

सर्वांगासन

  • इसे करने के लिए सबसे पहले मेट पर पीठ के बल लेट जाइये और पैरों को एक दूसरे के पास रखे।
  • अब अपनी हथेलियों को जमीन पर रखे और मुँह को आकाश की तरफ ही रखे|
  • अब गहरी साँस ले और बिना घुटनो को मोड़ते हुए पैरों को ऊपर उठाये।
  • साथ ही कमर को भी पैरों के साथ उठाये। पहले 45 डिग्री तक फिर 90 डिग्री तक|
  • पैरों का जमीन से 90 डिग्री बन जाने पर पीठ को भी ऊपर ले जाने का प्रयास करे।
  • आप हांथो के सहारे भी पीठ और कमर को उठा सकते है।
  • कमर, पीठ और पैर को इतना ऊपर उठाये की गर्दन और सर के बीच समकोण बने|
  • कुछ देर इसी स्थिति में रुके, इसके बाद पैरो को नीचे लाये

फायदा: इस आसन को करने से आप गुस्से पर नियंत्रण कर सकते है। आप सर्वांगासन के अन्य फायदे यहाँ भी जान सकते है|

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

  • सबसे पहले पैरो को सामने की तरफ करते हुए बैठ जाएँ|
  • दोनों पैरों को साथ में रखे ,ध्यान रखे की रीढ़ की हड्डी सीधी रहे|
  • बाएँ पैर को मोड़ें मोड़ते हुए,बाएँ पैर की एड़ी को दाहिने कूल्हे के पास लाएँ।
  • दाहिने पैर को बाएँ घुटने के ऊपर से सामने की और लाये।
  • दाये हाथ को बाहिने घुटने पर लाएं और बाहिना हाथ पीछे की और रखे।
  • कमर, कंधो और गर्दन को दाहिनी तरफ से मोड़ते हुए दाहिने कंधे के ऊपर से देखें।
  • इसी स्थिति में कुछ देर रहे, लंबी साँस लेते रहें| साँस छोड़ते हुए वापस साधारण स्थिति में आये।
  • यही प्रक्रिया दूसरे वाले पैर के साथ भी करे।

फायदा: इस आसन को करने से कई बीमारिया दूर होती है और आप गुस्से पर भी काबू पा सकते है।

ताड़ासन

  • इसे करने के लिए सीधे खड़े हो जाएँ।
  • दोनों हांथो की उँगलियों को पास में लाते हुए सर के ऊपर रखे।
  • साँस अन्दर लेते हुए हाथों को ऊपर की ओर खीचिए साथ ही एड़ियों को भी ऊपर उठाये। फिर साँस छोड़ते हुए नीचे की तरफ आये।
  • आपके हाथ सर के ऊपर ही रहेंगे, इस प्रकार यह क्रम 5 से 6 बार करे।

फायदा: इसे करने से गुस्से पर नियंत्रण के साथ साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है|

बालासन

  • सबसे पहले चटाई पर पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएँ।
  • साँस लेते हुए दोनों हांथो को सीधे सर के ऊपर लाये।
  • साँस को बाहर को ओर छोड़ते हुए आगे की और झुके|
  • जब तक झुकते रहिये जब तक की आपकी हथेलिया जमीन से टच न हो।
  • सर को जमीन पर टिका ले।
  • अब इसी स्थिति में शरीर को ढीला छोड़ दे, और साँस अंदर ले और बाहर छोड़े।
  • दोनों हथेलियों को आपस में जोड़ ले, सर को दोनों हथेलियों के बीच में रखे|

फायदा: इसे करने से आपका दिमाग शांत होता है जिससे गुस्से में राहत मिलती है।

You may also like...