योग आसन के द्वारा मानसिक तनाव और चिंता से मुक्ति पाएं

Go to the profile of  Yogkala Hindi
Yogkala Hindi
1 min read
योग आसन के द्वारा मानसिक तनाव और चिंता से मुक्ति पाएं

आज के आधुनिक प्रतियोगिता वाले युग में तनाव और चिंता का चोली दामन का साथ होता है। जहाँ हम दिन रात सिर्फ और सिर्फ पैसा कमाने की होड़ में और अपने स्टेटस को बनाये रखने के लिए दौड़ भाग करते रहते है|

चिंता, भय और तनाव इन भावनाओ से सम्बंधित अनुभवों का अगर हम चिंतन करे तो शायद हम गिनती ही भूल जाएं| परीक्षा के परिणाम की चिंता हो या ऑफिस के प्रोजेक्ट की चिंता, किसी से पहली मुलाकात या कार्य साक्षात्कार की घबराहट और भी अनेक कारण हो सकते है सकते है चिंता करने के - हम सभी इन् क्षणों परिचित है।

जीवन में कभी न कभी हर व्यक्ति इस दौर से गुजरता है। भय या चिंता मनुष्य जीवन में लगी रहती है, लेकिन खाने में नमक के समान थोड़ा बहुत भय जरुरी भी है| ताकि हम अनुशासित, ध्यानकेंद्रित एवं गतिशील रहें।

यहाँ तक तो सब सामान्य है लेकिन असल समस्या तो तब प्रारम्भ होती है जब भाव और चिंता हमारे दैनिक जीवन में निरंतर हावी होने लगती है। उस समय यह चिंता न रहकर विकार का रूप ले लेती है। अत्यधिक बेचैनी या किसी अनजान चीज़ का भय दिन ब दिन हमें परेशान करता रहता है जिसका इलाज करना बहुत ही आवश्यक है|

Yoga for Anxiety in Hindi: जानिए चिंता दूर करने के उपचार

Yoga for Anxiety in Hindi

Symptoms of Anxiety: जानिए इसके लक्षण

  1. असामान्य रूप से घबराहट या बेचैनी महसूस करना तथा किसी प्रकार का भय प्रतीत होना |
  2. किसी तरह की घटना घटित हो जाने पर उससे सम्बंधित विचारों का बार बार याद आना |
  3. रात में सोते समय बुरे सपने देख लेने की वजह से जाग जाना|
  4. अनिद्रा से परेशान रहना
  5. दिल की धड़कन का बार बार बढ़ जाना|
  6. असामान्य रूप से हाथ पेरो में पसीना आना

यह सभी कुछ सामान्य Symptoms of Anxiety है जो दर्शाते है की आप किसी न किसी प्रकार की चिंता या भय से पीड़ित है|

Pranayama for Anxiety in Hindi: जानिए योगासन विधि और उनके लाभ

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चिंता, भय और तनाव से मुक्त होने का सबसे असरदार, आसान और बेहतरीन तरीका योग है। इससे शरीर स्वस्थ होता है, बल्कि तनाव सम्बंधित हॉर्मोन्स भी नियंत्रित रहते है। उनके अनुसार, योग आहार सम्बन्धी समस्या जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, कोलेस्ट्रोल और मोटापा आदि को दूर करने में बहुत प्रभावी भूमिका निभाता है| आइये जानते है Yoga for Anxiety in Hindi

अनुलोम विलोम प्राणायाम

इस आसान को करने से ऑक्सिजन की पर्याप्त मात्रा मस्तिष्क में पहुँचती है। जिससे मन शांत और तनाव दूर होता है। इस प्राणायाम को करने से साइनासाइटिस का कष्ट तथा मानसिक तनाव का स्तर कम होता है|

विधि

  1. सबसे पहले सुखासन या पद्मासन की अवस्था में बैठ जाये ओर आँखों को बंद कर लें |
  2. अब पाने दायें हाथ अंगूठे से दायी हाथ की नाक छिद्र को बंद करें फिर साँस को बायें छिद्र से अंदर लें |
  3. अब बायें छिद्र को अंगूठे के पास वाली दो उंगलियो से बंद कर लें और दायें छिद्र से अंगूठा हटाकर साँस को छोड़े |
  4. अब इस प्रक्रिया को बायें छिद्र के साथ दोहराये|
  5. यह प्रक्रिया कम से कम 10 बार दोनों छिद्रो से प्रतिदिन 7-10 बार करें|
आप यह भी पढ़ सकते है:- स्वस्थ जीवन जीने के लिए जरूरी है योग, जानिए इसके फायदे

कपाल भाती प्राणायाम

यह आसान करने से शरीर दुरुस्त, मन प्रसन्न और स्मरण शक्ति में बढ़ोतरी होती है। इसके नियमित अभ्यास से आँखों के रोगो से मुक्ति मिलती है और आँखों की रौशनी बढ़ती है। यह शरीर को चर्बी, कब्ज आदि समास्यो से भी राहत दिलाता है| यह आसन खड़े होकर या बैठकर भी किया जा सकता है। इस आसन में साँस लेने और छोड़ने की गति जितनी तेज होती है यह उतना ही लाभप्रद होता है|

विधि

  1. सुखासन, पद्मासन या सिद्धासन की अवस्था में बैठ जाएं और साँस को बाहर छोडने की क्रिया प्रारम्भ करें|
  2. साँस को अंदर खींचते समय पेट को अंदर की ओर धक्का देना है|
  3. यह प्रक्रिया करते समय ध्यान रहे की आपको साँस लेना नही है, क्योंकि इस क्रिया में साँस अपने आप ही अंदर चली जाती है|
  4. ऐसा करने के बाद साँस को सामान्य कर लें अर्थात गहरी साँस ले और साँस बाहर निकालकर शरीर को ढीला छोड़ दें|
  5. यह प्रक्रिया 3 से 5 बार दोहराये|

इन आसनो के अलावा धनुरासन, मत्स्यासन, सेतुबंधासन, हस्तपादासन, शीर्षासन, शवासन आदि के नियमित अभ्यास से प्रसन्न मन और स्वस्थ शरीर प्राप्त कर सकते है| Yoga for Anxiety in Hindi के यम और नियम पौष्टिक आहार खाने में और स्वस्थ जीवन शैली निभाने में मदद करते है। जिससे आप काफी हद तक तनाव, भय एवं व्याकुलता से उभर पाएंगे|