सिटींग जॉब होने के कारण ऑफिस में एक ही जगह बैठ कर काम करना पड़ता है। काम का प्रेसर होने पर भी एक जगह से उठना मुश्किल होता है। लगातार एक ही जगह पर बैठे रहने से कंधो और कमर में दर्द होने लगता है।

साथ ही कई बार कंधे से जुड़ी दूसरी समस्यायें भी उत्पन्न होने लगती है। जिस वजह से कई परेशानियां होती है। ज्यादा लंबे समय तक मोबाइल, टीवी और टैबलेट उपयोग करने व झुककर बैठने के कारण भी कंधो में दर्द होने लगता है।

इससे निजात पाने के लिए व्यक्ति कई उपाय भी करता है। परन्तु हर वक्त आप दवाओं पर निर्भर नहीं रह सकते।कंधों को मजबूत बनाने के लिए और इससे जुड़ी समस्याओं के बचाव के लिए योग का अभ्यास कर सकते है।

योग के अभ्यास से कई समस्याएं दूर हो जाती है। आज के लेख में हम आपको Yoga for Back and Shoulder Stiffness बता रहे है।

Yoga for Back and Shoulder Stiffness: जानिए कौनसे आसान है सहायक

Yoga for Back and Shoulder Stiffness

सुखासन

नटराजासन

  • इस आसन को करने से सिर से लेकर पैरों तक में लचीलापन उत्पन्न होता है।
  • नटराजासन से रीढ़ की हड्डी के दर्द में राहत मिलती है और कंधे की अकड़न भी दूर हो जाती है।
  • तनाव दूर करने के लिए यह आसन लाभकारी होता है।

शवासन

  • शवासन को करने से पूरा शरीर रिलेक्स हो जाता है।
  • इसे कोबरा पोज़ के नाम से भी जाना जाता है।
  • शरीर को स्थिर करने के लिए यह सबसे उत्तम आसन होता है।
  • इस आसन द्वारा सारे अंगो को राहत मिलती है।
  • इससे नींद भी अच्छी आती है साथ ही सारे शरीर के दर्द दूर हो जाते है।

चाइल्ड पोज़

  • इस आसन को शिशु आसन भी कहा जाता है।
  • बालासन के नाम से भी इस आसन को जाना जाता है।
  • चाइल्ड पोज़ से कब्ज और पीठ का दर्द भी दूर हो जाता है।
  • तंत्रिका तंत्र में भी यह आसन राहत देता है।
  • साथ ही इस आसन से कंधो के दर्द से भी राहत मिलती है।

वज्रासन

  • इस आसन को किसी भी समय किया जा सकता है।
  • खास कर इस आसन को खाना खाने के बाद करना फायदेमंद होता है।
  • वज्रासन को करने से पैर और जांघों की नसे मजबूत होती हैं।
  • इस आसन द्वारा कंधो का दर्द भी दूर हो जाता है।
इसके अतिरिक्त भुजंगासन, चक्रासन, उत्तानासन,उत्थित त्रिकोणासन, सुखासन, पाश्चिमोतानासन भी कर सकते है इससे भी कंधो के दर्द को कम किया जा सकता है और शरीर को स्वथ्य रखा जा सकता है।