Yoga For Blocked Nose: जाने बंद नाक की समस्या में फायदेमंद योग के आसन

बदलता मौसम बीमारियों का घर होता है और भारत देश में बहुत सारे मौसम होते हैं। पूरे साल भर भारत में कुछ कुछ महीनों पर मौसम में बदलाव देखने को मिलते हैं। इस कारण से हमारे देश की एक बड़ी आबादी बदलते मौसम के कारण फैलने वाले बीमारियों के चपेट में आ जाते हैं।

इन बीमारियों में मुख्य रूप से सर्दी बुखार आदि समस्याएं बहुत सरे लोगों को हो जाती है। सर्दी के कारण हीं लोगों को नाक से जुड़ी कई अलग अलग तरह की समस्याएं होने लग जाती है। इन्हीं समस्याओं में से एक है बंद नाक।

बंद नाक की समस्या से हर उम्र वर्ग के लोग परेशान हो जाते हैं। इसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ़ जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती है। इसके कारण आपका दैनिक रूटीन भी बिगड़ जाता है और आप बेचैनी महसूस करते हैं।

इस समस्या का निदान हम दवाओं के माध्यम से कर सकते हैं पर इसके निदान के लिए योग का सहारा लेना ज्यादा अच्छा माना जाता है। योग के माध्यम से इस तरह की समस्या को आप हमेशा के लिए खत्म कर सकते है और दवाओं के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव से भी दूर रह सकते हैं। आइये पढ़ते हैं Yoga For Blocked Nose.

Yoga For Blocked Nose: इन योगासनों से दूर करें बंद नाक की समस्या

Yoga For Blocked Nose in Hindi

शवासन (Shavasana)

इस आसन का अभ्यास बहुत हीं आसान होता है है। Yoga for Nasal Congestion के लिए यह आसान बहुत फ़ायदेमंद माना जाता है। इस आसन का अभ्यास कोई भी इंसान आराम से कर सकता है। यहां पर हम आपको शवासन के अभ्यास के आसान तरीके बता रहे हैं।

विधि

  • इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले पीठ के बल किसी आसन पर लेट जाएं साथ ही अपने दोनों हाथों को सरलता से अपने शरीर के समीप एक फुट की दूरी पर रखें।
  • इस दौरान आप अपने पैरों के मध्य भी एक से दो फुट की दूरी बना लें ।
  • ध्यान दें की आपके दोनों हाथ फर्श पर आपकी शरीर से करीब 10 इंच की दूरी पर हो।
  • अपनी उंगलिया और हथेली आकाश की तरफ रखें।
  • अब अपनी आंखें बंद कर ले और धीरे धीरे साँस लें और छोड़े ।
  • शवासन की इस क्रिया के दौरान ये कोशिश करते हैं की हम अपनी हर अंग से तनाव को मुक्त कर दें और उन्हें आराम दे सकें।
  • इस में किये जाने वाले श्वसन क्रिया से बंद नाक में बहुत मदद मिलती है।

मत्स्यासन (Matsyasana)

मत्स्यासन शब्द संस्कृत भाषा के एक शब्द मत्स्य से उद्धृत है जिसका मतलब होता है मछली। इस योग के दौरान शरीर की आकृति एक मछली के सदृश्य हो जाती है इसी लिए अंग्रेजी में इसे Fish Pose भी कहा जाता है। इसके अभ्यास से भी बंद नाक की समस्या दूर करने में मदद मिलती है। आइये जानते हैं इस योगासन को करने की विधि।

विधि

  • मत्स्यासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले आप ज़मीन पर पद्मासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • अब धीमे धीमे पीछे की तरफ झुकें और अपनी पीठ के बल पीछे लेट जाएँ।
  • अब अपने लेफ्ट पैर को राइट हैंड से और राइट पैर को लेफ्ट हैण्ड से पकड़ लें।
  • इस दौरान आप आपकी कोहनियों फर्श पर टिकी होनी चाहिए और साथ हीं आपके घुटने भी जमीन से सटे होने चाहिए।
  • अब सांस लेते हुए आप अपने सिर को बैक की तरफ ले जाएं।
  • इस दौरान धीरे धीरे सांस लें और फिर सांस छोड़े।
  • इस मुद्रा में अपनी क्षमता अनुसार बने रहें और जब इस अवस्था में रहना मुश्किल हो जाये तो लम्बी सां छोड़ते हुए पुरानी अवस्था में वापिस चले आएं।
  • इस पूरे चक्र को आप 3 से 5 बार दोहराएं ।

जल नेती क्रिया

जल नेती क्रिया नाक की हर तरह की समस्याओं के लिए रामवाण उपाय माना जाता है। इसके अभ्यास से नाक की सफाई हो जाती है । जानते हैं इसे करने की विधि।

विधि

  • इस क्रिया को करने के लिए सबसे पहले हल्के गर्म किये पानी में आधा टी स्पून चम्मच नमक मिक्स कर दें
  • इस नमक मिले हल्के गर्म पानी को नेती जिसे टोटी भी कहते है वाले किसी बर्तन में रखें।
  • अब अपनी नाक के किसी भी साइड के एक छिद्र में बर्तन की नली के माध्यम से पानी डाल दें ।
  • नाक के बंद रहने पर जो नासिका छिद्र बंद हो पानी उसमे सबसे पहले डालें।
  • पानी डालते समय सांस ना लें और ध्यान रखें की पानी अंदर भी ना जाने पाए।
  • इसी पानी को नाक के दूसरे छिद्र से अब बाहर निकलना है। इसके लिए आप अपना मुंह खुला रखें।
  • अब इसी पूरी प्रक्रिया को नाक की दूसरी छिद्र के माध्यम से भी दोहराएं।
  • नाक के दोनों छिद्र से इस क्रिया को करने के बाद बिलकुल स्ट्रेट खड़े हो जाएँ और अंत में एक गहरी सांस लेकर फिर जल्दी जल्दी सांस छोड़ें।

इस लेख में आपने जाना बंद नाक की समस्या में उपयोगी कुछ योग प्रक्रियाओं के बारे में। अगर आप भी इस समस्या से परेशान है तो इस लेख में बताये गए योगासनों का इस्तेमाल ज़रूर करें।

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