Yoga for Drug Addiction: ये आसन दिलाएंगे ड्रग्स की लत से निजात

Go to the profile of  Yogkala Hindi
Yogkala Hindi
1 min read
Yoga for Drug Addiction: ये आसन दिलाएंगे ड्रग्स की लत से निजात

ड्रग की लत एक ऐसी स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति के भीतर किसी ख़ास नशीली दवा या ड्रग का नियमित सेवन करने की हानिकारक प्रवृत्ति उत्पन्न हो जाती है|

और वह व्यक्ति सामान्य दिनचर्या चलाए रखने के लिए ड्रग पर ही निर्भर रहने लगता है। नशे के लिए ड्रग्स का कई तरीक़ों से उपयोग किया जा सकता है, धूम्रपान द्वारा, सूंघकर, इंजेक्शन के ज़रिए, चबाकर या पी कर।

यदि किसी व्यक्ति को एक बार नशे की लत लग जाए तो उसे हटाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। चाहे वह लाख कोशिश कर ले पर उससे बाहर नहीं निकल पाता। सभी जानते है की ड्रग्स लेना अच्छा नहीं होता है।

नशे की लत लगने से व्यक्ति खुद पर काबू नहीं रख पाता। परन्तु यदि दृढ़ निश्चय कर लिया जाए तो आप इस नशे की आदत से भी बाहर आ सकते है। जानिए Yoga for Drug Addiction और पाए इससे निजात|

Yoga for Drug Addiction: खुद को नियंत्रित करने में मदद करे योग

Yoga for Drug Addiction

कुंजल क्रिया

इस योग क्रिया को गजकरणी या वमनधौति भी कहते हैं। कुंजल का अर्थ हांथी से होता है। जिस प्रकार हांथी अपने सूंड से पानी खींचता है और उसे सूंड़ से ही बाहर निकालता है ठीक उसी प्रकार शरीर को सभी रोगों से मुक्त करता है।

इसी प्रकार जो भी शरीर के भीतर गया है, उसे बाहर निकालकर कोई भी व्यक्ति अपने शरीर को सभी प्रकार के रोगों से मुक्त रख सकता है। कुंजल क्रिया हर तरह के रोग और शौक से मुक्त रखता है।

प्राणायाम

निरोग रहने और तरोताजा रहने के लिए प्राणायाम योग सबसे अच्छी औषधि माना जाता है। प्राणायाम मन, मस्तिष्क, शरीर और आत्मा को स्वच्छ और स्वस्थ रखता है।

प्राणायाम करने से मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। जिससे मस्तिष्क में नशे को छोड़ने के लिए हार्मोन रीलिज होते हैं औऱ इंसान धीरे-धीरे नशा छोड़ने लगता हैI

त्राटक

त्राटक का अर्थ है किसी विशेष दृष्य को टकटकी लगाकर देखना'। मन की चंचलता को शान्त करने के लिये साधक इस क्रिया को करता है। साथ ही यह आँखों को सेहतमंद रखने के लिए यह एक उम्दा योगाभ्यास होता है।

यह स्मृति एवं एकाग्रता को बढ़ाता है। साथ ही नशे की लत को छोड़ने के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। क्यूंकि यह मस्तिष्क के विकास के लिए फायदेमंद होता है।

कपालभाती

यदि आप उपरोक्त तीनो आसान नहीं कर पा रहे है तो आप कपालभाती प्राणायाम भी कर सकते है। कपालभाती संस्कृत का शब्द है जिसमें कपाल का अर्थ है मस्तिष्क और भाती का अर्थ है प्रकाश।

यह मस्तिष्क और तांत्रिक तंत्र को ऊर्जान्वित करता है और मन को शांत करता है| इसे करने से चेहरे पर चमक आती है। यह पाचन क्रिया को अच्छा करता है।

उपवास विधि

जिस व्यक्ति ने अपने स्वाद और कंठ की कूर्मंनाडी को नियंत्रित कर लिया है उसे स्थायीत्व और निराहार सिद्धि की प्राप्ति होती है। जिससे वो भूख और प्यास से मुक्ति पा लेता है।

क्यूंकि साइंटीफिकली माना जाता है कि हफ्ते में एक दिन उपवास करने से शरीर स्वस्थ रहता है। इसलिए उपवास करना नसा छुड़ाने में भी मदद करता है।