जानिए योग के आसन, जो मिर्गी के इलाज में सहायक है

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जानिए योग के आसन, जो मिर्गी के इलाज में सहायक है

हमें यह जीवन मिला है तो इसमें सुख और दुःख दोनों शामिल है| कई बार लापरवाही के चलते या फिर अनुवांशिकता या फिर अन्य कारणों से लोगो को कई तरह की बीमारिया हो जाती है| कई बीमारियों में से एक रोग मिर्गी भी है|

मिर्गी एक एक तंत्रिकातंत्रीय विकार याने कि न्यूरोलॉजिकल डिसॉर्डर है| इस रोग से पीढित को बार-बार दौरे पड़ते है। मस्तिष्क में किसी गड़बड़ी के चलते यह समस्या हो जाती है|

इस समस्या में रोगी को शरीर में खिंचाव होने लगता है इसके अलावा हाथ तथा पैरो में अकड़न होने लगती है| व्यक्ति का दिमागी संतुलन पूरी तरह गडबडा जाता है और वह व्यक्ति मूर्छित होकर गिर पढता है|

योग बहुत प्रभावशाली है और हमारा मानना है की मिर्गी में भी लोगो को इसका फायदा मिलता है| योग के जरिये मिर्गी को भी ठीक किया जा सकता है| आइये जानते है Yoga for Epilepsy in Hindi.

Yoga for Epilepsy:  मिगी के लक्षण और इसमें फायदेमंद आसन

Yoga for Epilepsy in Hindi

मिर्गी के लिए कौनसे योग आसन फायदेमंद है, यह जानने से पहले एक नजर हम इसके लक्षणों और कारणों पर डालते है| आप इसके कारणों को पहचानकर, इसे कई हद तक दूर रह सकते है|

मिर्गी के लक्षण:-

  • मिर्गी के रोग में व्यक्ति की आँखे ऊपर की ओर उलटने लगती हैं|
  • इसमें रोगी के शरीर में झटके लगते हैं तथा शरीर में अकडन होने लगती है|
  • इसमें व्यक्ति का खुद के शरीर पर नियंत्रण नहीं रहता| जिसके चलते वह अनियंत्रित शारीरिक गतिविधियाँ करने लगता है|
  • मिर्गी से पीड़ित कई रोगी दौरा पड़ने पर अपने होंठों तथा जीभ को भी काटने लगते है|
  • मिर्गी का दौरा आने पर व्यक्ति एक जगह अपनी निगाहों को केन्द्रित कर देखता रहता हैं|

मिर्गी के कारण:-

  1. सिर पर किसी प्रकार की चोट लगने के कारण
  2. ब्रेन ट्यूमर, दिमागी बुखार और इन्सेफेलाइटिस के इंफेक्शन के कारण
  3. जन्म के समय मस्तिष्क में ऑक्सिजन का आवागमन न होने पर
  4. जेनेटिक कंडिशन व न्यूरोलॉजिकल डिज़ीज के कारण
  5. ड्रग एडिक्शन और एन्टीडिप्रेसेन्ट के ज्यादा इस्तेमाल होने पर भी मस्तिष्क पर प्रभाव पड़ सकता है आदि,
कई लोगो का कहना है आनुवंशिकता के चलते भी मिर्गी रोग होता है, यह सच है लेकिन ऐसा बहुत कम मामलो में होता है|
आप यह भी पढ़ सकते है - लकवे के लिए योग – शारीरिक गतिविधियों में सुधार लाये

मिर्गी में फायदेमंद योग:- 

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

अनुलोम विलोम प्राणायम करने के लिए सबसे पहले सुखासन में बैठ जाये| अब इस आसान की शुरुवात नाक के बाये छिद्र से करे| सर्वप्रथम उंगली की सहायता से नाक का दाया छिद्र बंद करें व बाये छिद्र से लंबी सांस लें|इसके बाद बाये छिद्र को बंद करे, तथा दाये वाले छिद्र से लम्बी सांस को छोड़े| इस पूरी प्रक्रिया को कम से कम 10-15 मिनट तक दोहराइए|साँस को छोड़ने और लेने का काम सहजता से करे| गलत तरीके से करने पर नुकसान हो सकता है|

ध्यान

ध्यान भी मिर्गी की समस्या से छुटकारा दिलाने में बेहद मददगार है| दिमाग में होने वाले असंतुलन की मुख्य वजह तनाव है| ध्यान से दिमाग का रक्त संचार बढ़ता है, जिससे स्ट्रेस हॉर्मोन कम होते है| इसके अलावा यह serotonin बनाता है जिससे नर्वस सिस्टम शांत रहता है|

योग के अन्य आसन जो मिर्गी में फायदेमंद है:-

  • कपालभाति प्राणायाम
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम
  • मूल बंध
  • जालन्धर बंध
  • भ्रामरी प्राणायाम
  • ताड़ासन
  • नटराजासन
  • वृक्षासन
  • हस्तपादासन
  • सुप्त वज्रासन
  • उष्ट्रासन
  • सर्वांगासन
  • हलासन
  • पवन-मुक्तासन
  • धनुरासन
  • सवासन
यह सभी आसन मिर्गी में तो फायदा पहुचाते है साथ ही साथ और भी कई रोगों में लाभप्रद है| इसके अलावा मिर्गी के रोगों को जितना हो सके आराम करना चाहिए| तनाव से दूर रहना चाहिए और संतुलित आहार लेना चाहिए|