Yoga for Hamstring: हैमस्ट्रिंग को मजबूत और लचीला बनाये

मनुष्य के शरीर में हैमस्ट्रिंग एक महत्वपूर्ण भाग होता है। इसका मजबूत और लचीला होना शरीर के लिए बहुत आवश्यक है।

हैमस्ट्रिंग, कूल्हे और घुटने के बीच तीन मांसपेशियों में से एक होती है। यह ऊपरी पैर में मांसपेशियों का समूह होता है, जिसे सामूहिक रूप से पीछे की जांघ पेशी कहा जाता है। इस मांसपेशी का मुख्य कार्य घुटनों को मोड़ने में मदद करना होता है साथ ही यह कूल्हों को सीधा करने में भी सहायता करती है।

यदि आपकी हैमस्ट्रिंग कठोर है तो इससे आपको चलने, दौड़ने और शारीरिक गतिविधियां करने में कठिनाई हो सकती है। विषेशकर खिलाडियों के लिए हैमस्ट्रिंग का लचीला होना बहुत ज़रुरी होता है।

हैमस्ट्रिंग को लचीला और मजबूत बनाने के साथ साथ उसमे खिचाव लाने के लिए योग का अभ्यास करना लाभकारी होता है। इसके लिए जानते है Yoga for hamstring कौन कौन से होते है जिसे आप नियमित रूप से कर सकते है।

Yoga for Hamstring in Hindi: जानिए हैमस्ट्रिंग के लिए उत्तम आसन

Yoga for Hamstring

पर्श्वोत्तनासन

  • हैमस्ट्रिंग में खिंचाव लाने के लिए यह आसन सबसे अच्छा होता है।
  • इसके अतिरिक्त यह रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और पैरो में भी खिंचाव लाता है और उन्हें मजबूत बनाता है।
  • इस आसन को खड़े होकर किया जाता है।

प्रसारिता पादोत्तनासन

  • प्रसारिता पादोत्तनासन भी घुटने के पीछे की नस जिसे हैम्स्ट्रिंग कहते है उसमे खिचाव लाने में सहायक होता है।
  • इस आसन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी भी सीधी होती है।
  • साथ ही साथ तनाव को भी इस आसन के द्वारा दूर किया जा सकता है।
  • प्रसारिता पादोत्तनासन भी खड़े होकर किये जाने वाले आसनो में से एक होता है।

उत्तानासन

  • उत्तानासन को भी नियमित रूप से करने पर हैमस्ट्रिंग में खिचाव आता है साथ ही यह मजबूत भी बनते है।
  • यह आसन पैरो और जांघों को भी मज़बूती देता है जिसके कारण चलने और दौड़ने में आसानी होती है।
  • यदि आप अक्सर दौड़ने-भागने वाले कार्य करते है तो इस आसन का अभ्यास प्रतिदिन करे, इससे लाभ मिलेगा।

अधोमुख श्वान आसन

  • हैमस्ट्रिंग में खिंचाव लाने और उसे मजबूत बनाने के लिए अधोमुख श्वान आसन को किया जा सकता है।
  • यह आसन बाजुओं और पैरों को भी मजबूत बनाने में सहायक होता है।
  • इस आसन के नियमित अभ्यास से थकान दूर होती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

पादांगुष्ठासन

  • पादांगुष्ठासन, हैमस्ट्रिंग और कूल्हों में ज़रुरी खिचाव लाने में मदद करता है।
  • यह आसन जांघो को मजबूत बनाने का भी कार्य करता है।
  • पादांगुष्ठासन आसन के नियमित अभ्यास से पैरों की मासपेशियों को भी मजबूती मिलती है।
  • संतुलन बनाने के लिए भी यह आसन फ़ायदेमंद होता है।

ऊपर दिए गए आसनो के अतिरिक्त आप चाहे तो पादहस्तासन, हस्तपदासन, उत्थान पृष्ठासन, उत्थित त्रिकोणासन आदि का भी अभ्यास कर सकते है यह भी हैमस्ट्रिंग को मजबूत और खीचावदार बनाने में मदद करते है।

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