Yoga for Healthy Feet: पैरों का दर्द दूर कर उन्हें मजबूत बनाये

हम सभी जानते है की योग की नींव 5000 साल पहले सिंधु-सरस्वती सभ्यता द्वारा विकसित की गई थी। योग का सबसे पहले जिन प्राचीन पवित्र ग्रंथों में वर्णन किया गया था, वह है ऋग वेद।

जब योग को सही तरीके और शिष्टाचार के साथ किया जाता है, तो यह हमें कई लाभ देता है| योग हमारी बीमारियों को भी दूर करने में मदद करता है। यह हमारे शरीर से कमजोरी को दूर करता है और शरीर का लचीलापन बढ़ाता है|

कुछ लोग पैरो में दर्द को लेकर शिकायत करते है| महिलाओ में इस दर्द की कई वजह है जैसे घंटो रसोई में काम करना, हाई हील की चप्पलें पहनना, मधुमेह आदि| वही पुरुषों में इसकी वजह ऑफिस की कुर्सी पर पैर लटकाकर बैठना होता है, जिससे पैरो में ठीक से रक्तसंचार नहीं हो पाता|

सम्पूर्ण शरीर के साथ साथ, पैरों का भी स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक है। आपके पैर सही रहेंगे तभी तो आप अपने सभी कार्य कर पाएंगे| योग के द्वारा आप अपने पैरों और टखनों को मजबूत और लचीला बना सकते है। आइये जाने Yoga for Healthy Feet.

Yoga for Healthy Feet: पैरों को ताकतवर बनाने वाले योग   

Yoga for Healthy Feet

ताड़ासन

  • यह सबसे सरल लेकिन सबसे प्रभावशाली आसन है|
  • यह आसन पैर की ताकत को बढ़ावा देने में मदद करता है साथ ही हाइट को बढ़ाने के लिए भी यह लाभदायक होता है।
  • ताड़ासन योग पैरों की मजबूती के साथ पैरों की समस्यां जैसे सूजन, पैरों का सुन्न होना, जलन, दर्द और झनझनाहट के लिए काफी फायदेमंद है।

वीरभद्रासन

  • इसे वरियर पोज़ के नाम से भी जाना जाता है। इसे करने से पैरों की शक्ति में वृद्धि होती है।
  • इस आसन को करने से पैरों में दृढ़ता आती है, जिसके कारण पैरों में होने वाला कम्पन दूर हो जाता है।

उष्ट्रासन

  • इसे ऊंट पोज़ भी कहा जाता है। यह आसन पीठ को मजबूत करने के साथ साथ गठिया के इलाज के लिए भी लाभदायक होता है।
  • यह घुटने में लचीलापन लाने में सहायक होता है। यह आसन पैर का दर्द और टखने की समस्याओं को दूर कर सकता है।

कपोतासन

  • इसे पिजन पोज़ के नाम से भी जानते है। यह आसन एक पूर्ण शरीर की कसरत है।
  • यह आसन आपके पैरों की समस्याओं के साथ-साथ आपके पूरे शरीर को स्थिरता प्रदान करने में सहायता करता है।
  • यह आपके पैर और टखनों में ताकत बढ़ाने में सहायता करता है।

त्रिकोणासन

  • इसे ट्रायंगल पोज़ भी कहते है। त्रिकोणासन उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिनके पैरों में समस्या है।
  • यह आसन पैर के सभी हिस्सों को मजबूत करता हैं साथ ही यह शरीर को सुडौल और लचीला बनाता हैं।

अर्ध भेकासन

  • इसे हाफ फ्रॉग पोज़ के नाम से भी जानते है।
  • यह आसन जांघों और टखनों को फैलाता है और आपके घुटने के जोड़ों को फिर से जीवंत करता है।

वृक्षासन

  • ट्री पोज़ के नाम से पहचाने जाने वाला यह आसन पैरों के संतुलन में सुधार लाकर उन्हें मजबूत बनाता है।
  • यह टखने की ताकत बढ़ाता है साथ ही फ्लैट पैर का इलाज करने में मदद करता है।

उत्थित हस्त पादांगुष्ठासन

  • इसे एक्सटेंडेड हैंड -टू-बिग टो पोज़ भी कहते है।
  • यह आसन पैरों को टोन करता है और टखनों को फैलाता है।

लघु वज्रासन

सुप्त पादांगुष्ठासन

  • इसे रीसायक्लिंग हैंड -टू-बिग टो पोज़ भी कहते है
  • सुप्त पादांगुष्ठासन आपके घुटने की शक्ति को बढ़ाता है और आपके कूल्हों और जांघों को फैलाता है|
  • यह उच्च रक्तचाप को कम करता है और पाचन में सुधार करता है।

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