Yoga for Hypertension: हाइपरटेंशन से राहत दिलाए योग का नियमित अभ्यास

आज कल की बिजी लाइफ के चलते कई लोगो को हाइपरटेंशन की शिकायत रहती है। हाइपरटेंशन कई प्रकार से हो सकता है। वैसे हाइपरटेंशन तब होता है जब ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर 120/80 ही रहना चाहिए अगर इससे ज्यादा है तो मतलब यह हाइपरटेंशन है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर ज्यादातर बड़ा हुआ होता है उन लोगों को हाइपरटेंशन की शिकायत हो सकती है। हाइपरटेंशन के प्रति लोगों को जागरूकता करने के लिए हर साल 18 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे भी मनाया जाता है।

एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि सिर्फ दवाइयों से हाइपरटेंशन की समस्या खत्म नहीं होती है। इसके लिए ज़रूरी है लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में भी कुछ बदलाव करने के अलावा योग का सहारा भी लेना चाहिए।

मैडिटेशन और योग हाइपरटेंशन की समस्या से राहत दिलाते है। यहाँ हम आपको बता रहे है इससे बचने के लिए आपको कौन-कौन से योग करना चाहिए। जाने Yoga for Hypertension.

Yoga for Hypertension: जाने हाइपरटेंशन दूर करने वाले योगासनों की विधि

Yoga for Hypertension in Hindi

अधोमुख शवासन (Downward Facing Dog Pose)

  • इस आसन को करने के लिए पहले अपने मैट पर वज्रासन में बैठ जाइए।
  • अब अपने दोनों हाथों को थोड़ा आगे की ओर जमीन पर रखे।
  • अब धीरे धीरे अपने नितंबो को ऊपर की ओर उठाएं।
  • अपने पैरों की उंगलियों को मुड़ने दें।
  • इसी के साथ अपने हाथों की उँगलियों को फैला लें।
  • इस स्थिति में आपकी पीठ और शोल्डर एक सीध में होना चाहिए।
  • अब अपने सिर को भी नीचे के ओर झुकाए रखे।
  • इस आसन के 10 से 15 मिनट के लिए करें।
  • अगर आपके सिर में दर्द हो तो इस आसन को ना करें।
  • यह आसन कंधे और पीठ के तनाव को कम करता है।

उत्तानासन (Standing Forward Bend Pose)

  • इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े हो जाए।
  • अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लें।
  • सांसो को अंदर की ओर खींचते हुए अपने दोनों हाथो को सिर के ऊपर ले जाए।
  • अब साँस छोड़ते हुए अपने कंधो और शोल्डर को एक सीध में लाए।
  • अब अपने शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे धीरे नीचे की ओर झुकाए।
  • इसके बाद अपनी गर्दन को सीधा रखें।
  • ध्यान रखे की पैर घुटनो से मुड़े न।
  • साथ ही अपने सिर से अपने पैरों के घुटनो को स्पर्श करने की कोशिश करें।
  • इस आसन को आप 5 से 10 बार दोहराइए।

पश्चिमोत्तानासन (Posterior Stretch Pose)

  • पश्चिमोत्तानासन को करने के लिए मैट पर सामने की ओर पैरों को फैला कर बैठ जाए।
  • अपने दोनों पैरों को पास पास रखे।
  • अब साँस ले और साथ ही अपने दोनों हाथो को ऊपर की ओर उठाए।
  • अब साँस छोड़ते हुए धीरे धीरे आगे की ओर झुकें।
  • अपने हाथों से अपने पैरों के पंजो को स्पर्श करें।
  • साथ ही अपनी नाक को अपने घुटनो से स्पर्श करें।
  • अब धीरे धीरे साँस लें और साँस छोड़े।
  • इस आसन का अभ्यास कम से कम 3-5 बार अवश्य करें।

शवासन (Corpse Pose)

  • इस आसन को करने के लिए पहले अपनी मैट पर पीठ के बल लेट जाए।
  • अब अपने दोनों हाथों को अपने शरीर से एक फ़ीट की दूरी पर रखे।
  • अब अपने दोनों पैरों के बीच में भी दूरी बना लें। कम से कम 1 से 2 फ़ीट की दूरी बनाए।
  • अपने हाथों की हथेलियो को आसमान की ओर ऊपर रखे।
  • अपने सर को स्थिर रखे और आंखे बंद कर लें।
  • पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें।
  • अब इस पूरी क्रिया में धीरे धीरे साँस लें और धीरे धीरे साँस छोड़े।
  • अब अपनी सांसो पर ध्यान केंद्रित करे।
  • धीरे दिए पेरो से सर तक अपने सभी बॉडी पार्ट पर एक एक कर के ध्यान केंद्रित करे।
  • इससे पूरी बॉडी धीरे धीरे तनाव मुक्त होना शुरू हो जाएगी।

सुप्त पादांगुष्ठासन (Reclining Hand-to-Big-Toe Pose)

  • इस आसन को करने के लिए पहले अपनी मैट पर सीधे लेट जाए।
  • अपनी पूरी बॉडी को एक सिद्ध में बनाए रखे।
  • इसके बाद अपने दाँये पैर को ऊपर की ओर उठाए।
  • ध्यान रखे की पैर घुटनो से मुड़े ना।
  • अब अपने दाँये हाथ से अपने दाँये पैर को खींचने और पकड़ने की कोशिश करे।
  • इस क्रिया में सांसे सामान्य ले लेकिन जब आप अपने हाथों से पैर को खींचने की कोशिश करे तो सांसो को बाहर की ओर छोड़े ।
  • कुछ देर के लिए इस अवस्था को बनाए रखे।
  • फिर धीरे धीरे सामान्य स्थिति में आ जाए।
  • अब इसी पूरी क्रिया को अपने दूसरे पैर से दोहराइए।
  • ध्यान रखे की धीरे धीरे ही आप पैर को खींचे अगर ज्यादा खिंचाव महसूस करे तो पैरों पर दबाव डालना बंद कर दे।

बद्धकोणासन (Butterfly Pose)

  • इस आसन को करने के लिए अपने मैट पर  हो कर बैठ जाए।
  • अब साँस ले और अपने दोनों पैरों के घुटनो को इस तरह मोड़ें की आपके पैरों की ऐड़िया पेल्विक साइड हो जाए ।
  • अपने दोनों पैरों की ऐड़ियो और पंजो को जोड़ लें और जितना हो सके पेल्विक एरिया के पास ले जाए।
  • अब अपने हाथों के अंगूठे और पहली ऊँगली से पैरों के अंगूठो को पकडे।
  • ध्यान रखे की आपके पैरों के घुटने बाहर की तरफ उठे हुए हो।
  • इस पूरी अवस्था में अपनी कमर और पीठ को सीधा रखे।
  • इस मुद्रा को अपनी क्षमतानुसार बनाए रखने की कोशिश करे।
  • इस पोज़ को करने से हाइपरटेंशन की समस्या में तो फायदा होगा ही और साथ ही अस्थमा, इनफर्टिलिटी की समस्या में भी मदद मिलेगी।

वीरासन (Hero Pose)

  • इस आसन को करने के लिए अपने मैट पर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाए या फिर अपने दोनों पैरों को घुटनो से मोड़ कर बैठे।
  • अब अपने दोनों पैरों के बीच में थोड़ी दूरी बनाए।
  • अपने हिप्स को जमीन पर टच करे।
  • अब अपने दोनों हाथों को अपने पैरों के घुटनो पर सीधा टिका लें।
  • अपने कंधो को आराम दे और पीठ को एकदम सीधा रख कर बैठे।
  • अब इस मुद्रा को 30 सेकण्ड्स से 1 मिनट तक बनाये रखने की कोशिश करे।
  • इसका नियमित अभ्यास हाइपरटेंशन की समस्या को दूर करने में काफी सक्षम होता है।

ऊपर दिए आसनो के अलावा आप हाइपरटेंशन के लिए हलासन और सेतुबंधासन का भी अभ्यास कर सकते है। यहां ऊपर दिए सभी आसन ह्यपरटेंशन को कम करके आपको स्वस्थ रखने में सक्षम है। ये सभी आसन आपको मानसिक शांति प्रदान करते है और शारीरिक समस्या में इन आसनो को करने से लाभ होता है।

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