Yoga for Immunity: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योगासन

शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति का होना आवश्यक  होता है क्यूंकि यह जितनी ज्यादा रहेगी उतना ही शरीर मजबूत रहता है  और शरीर को रोगो से लड़ने की शक्ति मिलती है।

आजकल के खानपान और लाइफ स्टाइल के कारण हमारा इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक तंत्र) इतना मजबूत नहीं रहता है की वह रोगो से लड़ सके। जिसके कारण हमारा शरीर जल्द ही रोगो से घिर जाता है।

इम्मून सिस्टम कोशिकाओं, ऊतकों और अंगों का एक विशाल और संगठित नेटवर्क होता है जो कि शरीर की रोगाणु, वायरस और सूक्ष्मजीवों से बचाव करता हैं। इम्यून सिस्टम के द्वारा संक्रमण को दूर किया जा सकता है। इसलिए आवश्यक है की आपका इम्यून सिस्टम अच्छा रहे।

इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग द्वारा इम्युनिटी को बढ़ाकर शरीर को स्वथ्य रखा जा सकता है। कुछ विशिष्ट योग होते हैं जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते है| जानते है कुछ Yoga for Immunity जो शरीर को रोगो से दूर रख सकते है।

Yoga for Immunity: आपके शरीर को रोगों से लड़ने में मदद करे

Yoga for Immunity

ताड़ासन

  • इसे माउंटेन पोस भी कहा जाता है|
  • इस मुद्रा को दिन में किसी भी समय किया जा सकता है|
  • इसके लिए आपको केवल 10-20 सेकंड देने की जरुरत होती है|
  • बस इस आसन को करते समय यह ध्यान रखे कि उस समय आपका पेट खाली हो |
  • ताड़ासन पाचन तंत्र को सुचारू कर आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है|

पादंगुष्ठासन

  • इसे बिग टो पोस भी कहा जाता है| यह एक सरल आसन है|
  • यह आसन आपकी मांसपेशियों को सिर से पैर की अंगुली तक खींचने में मदद करता है।
  • सुबह के समय कम से कम 30 सेकंड के लिए खाली पेट इस आसन को करना चाहिए|
  • यदि आप सुबह में आसन का अभ्यास नही कर पाते है तो शाम को भोजन के 4 घंटे पहले भी इसे कर सकते है|
  • यह आसन तनाव और चिंता से राहत देता हैI इससे पाचन में सुधार होता है|

वृक्षासन

  • इस आसन में शरीर कि स्थिति एक वृक्ष के समान होती है, इसी कारण इसे वृक्षासन कहते है|
  • इस आसन के लिए आपको अपनी आँखें खुली रखनी पड़ती है|
  • वृक्षासन आपकी रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है|
  • यह आपकी मानसिक क्षमताओं को सुधारता है|

त्रिकोणासन

  • इसे त्रिभुज पोज़ भी कहा जाता हैI इस आसन में संतुलन बनाए रखने के लिए आसन करते समय अपनी आँखें खुली रखनी चाहिए।
  • सुबह के वक्त इस आसन का अभ्यास करना सबसे अच्छा है|
  • यह आसन एकाग्रता और संतुलन को बढ़ाता है|
  • यह मन को शांत करता है और तनाव दूर ले जाता है।

उत्कटासन

  • उत्कटासन में आपको एक काल्पनिक कुर्सी पर बैठने की आवश्यकता है|
  • यह आसन सुबह के वक्त खाली पेट किया जाना चाहिए।
  • यह आपके शरीर को संतुलित करता है, और आपके दिल को उत्तेजित करता है|

उपरोक्त सभी आसन का अभ्यास कर आप अपने रोग प्रतिरोधक तंत्र को बढ़ा सकते है| इसके अतिरिक्त भुजंगासन और मत्स्यासन का अभ्यास भी किया जा सकता है|

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