माइग्रेन के भयानक दर्द से मुक्ति पाने के लिए करें प्राणायाम

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माइग्रेन के भयानक दर्द से मुक्ति पाने के लिए करें प्राणायाम

आज के तनावपूर्ण और भाग दौड़ भरी जिंदगी में माइग्रेन एक सामान्य परेशानी बनकर उभर रहा है| यह एक ऐसी समस्या बनता जा रहा है जो धीरे धीरे हर व्यक्ति को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, फिर वो चाहे बच्चे, वयस्क या वृद्ध ही क्यों न हो| इस रोग की प्रमुख वजह मानसिक तनाव है| सामान्य सिर दर्द हो या माइग्रेन का दर्द होने पर हम तुरंत पैन किलर दवा का इस्तेमाल करते है, जो उस समय तो इस दर्द से हमे राहत दिल देता है लेकिन यह इसका परमानेंट उपचार नहीं है|

अमेरिका के 'नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ' की 'नेशनल हेडेक फाउंडेशन' ने अपनी शोधों के आधार पर बताया है कि योग के जरिये आप माइग्रेन से मुक्ति पा सकते है| इसके उपचार में योग की महत्वता को अब चिकित्सक भी मानने लगे है|

योग के द्वारा सेहत और स्वस्थ को ठीक रखने मई वक्त जरूर लगता है लेकिन यह हर उम्र में हमारा साथ देता है और हमारे शरीर को बड़ी से बड़ी बीमारी से मुक्ति दिलवा ही देता है| अगर आप भी माइग्रेन की समस्या से परेशान है तो घबराये नहीं आज हम आपको बता रहे है Yoga for Migraine in Hindi.

Yoga for Migraine in Hindi: जानिए इसकी विधि और लाभ

Yoga for Migraine in Hindi

विभिन्न योगासन शरीर को निरोग और बलिष्ट बनाएं रखते है| सामान्य सिर दर्द, मानसिक तनाव, थकान, जुखाम, बुखार आदि कारणों से हो जाता है| मगर माइग्रेन में हमारे सिर के एक भाग में लगातार दर्द होता है| यह १० से १५ वर्ष की आयु से शुरू हो सकता है| इससे छुटकारा पाने के लिए योगासन काफी मददगार साबित होते है| योग के कुछ आसान 20 से 30 मिनट तक करके आप इससे मुक्ति पा सकते है| आइये जानते है Migraine Treatment in Hindi

गहरी साँस लें

प्रतिदिन काम के दौरान या सुबह के समय कुछ देर तक सीधे बैठकर धीरे-धीरे गहरी साँस लें और छोडे, ऐसा करने से माइग्रेन से निपटने में आसानी होती है| इस प्रक्रिया से शरीर का तनाव भी कम होता है और आप तरोताजा महसूस करते है|

कपालभाति

इस आसन को करने के लिए पद्मासन या सुखासन की स्थिति में सीधे बैठ जाएं और गहरी साँस खींचे तथा जल्दी जल्दी साँस को छोड़े| नियमित र्रोप से प्रतिदिन १० से १५ मिनट तक इस प्राणायाम का अभ्यास करने से भी माइग्रेन की समस्या से भी निजात पायी जा सकती है|

अनुलोम-विलोम

यह आसन पद्मासन या सुखासन की अवस्था में किया जा सकता है| इसके बाद अपने दायें हाथ के अंगूठे से नाक के दाये छिद्र को बंद करें और बायें नाक के छिद्र से अंदर साँस खीचें| फिर बायें छिद्र को अंगूठे के पास वाली दो उंगलियो की मदद से बंद करें तथा दायें छिद्र से अंगूठे हटाकर साँस को बहार निकले| अब एहि प्रक्रिया बायें नाक के छिद्र के साथ दोहराये| प्रतिदिन यह प्राणायाम १० से १५ मिनट तक करें|

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योग मुद्रा

दोनों पैरों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर पद्मासन की मुद्रा में आ जाएं। दोनों हाथों को पीछे ले जाकर कलाइयां पकड़ लें। उसके बाद धीरे-धीरे कमर को आगे की ओर झुकाते हुए अपनी ठोड़ी को जमीन पर लगाने की कोशिश करें। यह आसन आप अपनी क्षमता के अनुसार करें।

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम के दौरान सुखासन में सीधे बैठ जाएं। अब दोनों कानों को अंगूठों से बंद करें और मध्य की दो उंगलियों को आंखों पर रखें। अब गहरी सांस लें तथा धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए गले से आवाज निकालें। इस प्रक्रिया को करते समय मुंह बंद रखें और श्वास की सारी क्रिया नाक से ही करें।

पवनमुक्तासन प्राणायाम

सबसे पहले पीठ के बल लेट जाइए। उसके बाद दायीं टांग को घुटनों से मोड़ते हुए अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में मिलाएं और ठोड़ी को घुटनों से लगाने की कोशिश करें। इस प्रक्रिया को करते समय बायीं टांग जमीन पर सीधी रखे। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें। इसी प्रकार इस आसन को बायीं टांग से भी करें। इस आसन को कम से कम पांच बार दोहराएं।

आज हमने Yoga for Migraine in Hindi आपको के बारे में बताया है| आप भी इन् प्राणायामों को अपनाये और माइग्रेन से होने वाले तकलीफदेह सिर दर्द से बचें तथा अपने शरीर को स्वस्थ बनाएं|