Yoga for Quitting Alcohol: योग द्वारा छुडाये शराब की बुरी लत

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Yoga for Quitting Alcohol: योग द्वारा छुडाये शराब की बुरी लत

कई लोगो को शराब पीने की बुरी लत लग जाती है। शराब कि आदत पड़ने के कारण वह खुद तो परेशान रहते है ही साथ ही अपने परिवार वालो को भी परेशान करते है।

शराब के आदि लोगो को जब तक शराब नही मिलती है वह बेचैन हो जाते है। शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है।

यह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से व्यक्ति को प्रभावित करता है। शराब का सेवन करने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्या जैसे मधुमेह, हृदय संबंधी रोग, यकृत रोग, हड्डियों की क्षति, मस्तिष्क संबंधी जटिलता और कैंसर भी हो सकता है।

इसकी लत को एकाएक नही छुड़ाया जा सकता है। परन्तु यदि व्यक्ति छोड़ने कि इच्छा रखता है तो इसे धीरे धीरे करके कम किया जा सकता है। योग एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा शराब कि लत को दूर किया जा सकता है। जानते है Yoga for Quitting Alcohol कौन कौन से है जिसका अभ्यास आप कर सकते है।

Yoga for Quitting Alcohol: जानिए शराब छुड़ाने में मददगार आसन

Yoga for Quitting Alcohol कुंजल क्रिया

  • पानी के द्वारा पेट को साफ़ करने वाली क्रिया को कुंजल क्रिया कहा जाता है।
  • इस क्रिया में गुनगुने पानी में नमक मिलाते है और पानी को पेट भर कर पिया जाता है।
  • बाद में उल्टी के द्वारा शरीर का शुद्दिकरण किया जाता है।

शंख प्रक्षालन

  • यह योगाभ्यास एक प्रकार का क्लींजिंग योगाभ्यास होता है, जिसमे शरीर से टॉक्सिन्स, विषैले पदार्थ एंव अन्य व्यर्थ के तत्वों को शरीर से बहार निकला जाता है।
  • यह आसन शरीर को बीमारियों से भी बचाता है।
  • इसे करने के लिए सबसे पहले नमक मिलाकर गुनगुने पानी का सेवन करना होता है।
  • बाद में भुजंगासन किया जाता है।यहाँ आप भुजंगासन करने की विधि जान सकते है।
  • इस क्रिया को करने के पश्चात् हरी पत्तेदार सब्जियां, मूली, मैथी आदि का सेवन करना अच्छा होता है।
  • इससे शरीर को ऊर्जा प्राप्त होती है और साथ ही पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है।

योग क्रिया

  • इस योग क्रिया द्वारा शरीर में फैले हुए विष को आसानी से शरीर से बाहर निकाला जा सकता है।
  • इस योग अभ्यास को करने से पेट शंख की तरह धूल जाता है।

बस्ति क्रिया

  • बस्ति का अर्थ होता है उदर का निचला हिस्सा।
  • बस्ति योग क्रिया को उदर के निचले भाग विशेष कर पाचन तन्त्र को स्वच्छ करने के लिए किया जाता है।
  • बस्ति क्रिया आंत की सफाई करने की एक प्राचीन क्रिया है।
  • इस क्रिया द्वारा गुदा मार्ग के द्वारा पानी या वायु को बड़ी आंत में खींचा जाता है और फिर इसको निकाल दिया जाता है।
  • इस क्रिया द्वारा आंत के निचले हिस्से को साफ़ करने में सहायता मिलती है।

ध्यान

  • ध्यान द्वारा शरीर के अंदर से खराब तत्व बाहर निकल जाते हैं।
  • शरीर में एकाग्रता लाने हेतु त्राटक आसन करना अच्छा होता है।
  • इसमें बिना पलक झपकाए प्रकाश की रौशनी को लगातार देखने का अभ्यास भी किया जाता है।
  • जब लगातार इसका अभ्यास करते है तो एक दिन ऐसा आता है जब यह आपको सिर्फ एक मात्र बिंदु दिखाई देता है।