Yoga For Shighrapatan: योग के द्वारा पाए शीघ्रपतन की समस्या से निजात

आधुनिकता ने भौतिक सुविधाएं तो बहुत ज्यादा बढ़ा दिए हैं पर इसके कारण वातावरण प्रदूषित हो गया है। इस प्रदूषित वातावरण और विषम परिस्थितियों के कारण हमारा जीवन पुराने जमाने से बहुत ज्यादा जटिल और खराब हो गया है।

इसके अलावा आजकल के जमाने में जीवन में प्रतिस्पर्धा और तनाव भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है लोग व्यस्त हो गए हैं। इतनी ज्यादा व्यस्तता का बुरा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।

इसके कारण आज की युवा पीढ़ी मानसिक परेशानी, तनाव और अवसाद से बुरी आदतों को अपने जीवन में समाहित कर लेती हैं और इन समस्यायों के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं घेर लेती हैं।

बुरी आदतों और ख़राब जीवन पद्धति के कारण हीं युवाओं में गुप्त रोग होते हैं। इन्हीं गुप्त रोगों में एक है शीघ्रपतन। इस समस्या से भी आज बहुत सारे लोग परेशान हैं। इस समस्या से निजात के लिए दवाइयों का सेवन दूसरी परेशानियां बढ़ा देती हैं। इसलिए इसका इलाज योग के माध्यम से करना बेहतर है। आइये पढ़ते हैं Yoga For Shighrapatan.

Yoga For Shighrapatan: जानें शीघ्रपतन में फायदेमंद योग

Yoga For Shighrapatan In Hindi

कंडासन

कंडासन सभी प्रकार समस्यायों से निजात दिलाने में फ़ायदेमंद होता है। Shighrapatan ke liye Yoga की सूचि में ये आसान एक महत्वपूर्ण जगह रखता है। इससे पुरुषत्व की कमजोरी, स्तम्भन दोष तथा शीघ्रपतन आदि बीमारियाँ दूर हो जाती है। इसके अभ्यास से हमारा शरीर स्ट्रेचेबल बन जाता है और जोड़ों के दर्द में भी यह फ़ायदेमंद होता है।

  • इसके अभ्यास के लिए सबसे पहले आसन पर बैठ जाएँ।
  • अब अपने पैरों फोल्ड करते हुए अपने छाती की तरफ लाएं।
  • आखिर में अपने पैरों का तलवा अपने छाती पर टिका दें और कुछ देर इसी अवस्था में बने रहें।
  • अब आप अपनी आराम की अवस्था में आ सकते हैं।

गोमुखासन

योग का ये आसान भी सेक्स समस्याओं से निजात दिलाने में आपकी मदद करता है। इस योग के माध्यम से हम सेहतमंद होने के साथ साथ अपने दिमाग को भी तेज बना सकते हैं।

  • इसके अभ्यास के लिए सबसे पहले किसी आसन पर बैठ जाएँ।
  • साँस अंदर खींचते हुए अपने राइट पैर को लेफ्ट की तरफ रखें।
  • अब अपने लेफ्ट हैण्ड से अपने राइट हैण्ड की उंगलियां छुएं।
  • कुछ समय तक इसी अवस्था में रहें और फिर इसी आसन को अपने शरीर के दूसरे भाग से दोहराएं।

मंडूकासन

इस आसन के अभ्यास से भी बहुत सारे गुप्त रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। इसके साथ हीं यह योग आसान आपके पेट के अंदर मौजूद हर अंग को फायदा पहुँचाता है और मानसिक समस्याएं जैसे तनाव अवसाद आदि को भी दूर कर देता है।

  • इस आसन का अभ्यास बहुत आसान होता है।
  • इसके अभ्यास के लिए सबसे पहले आप बज्रासन की अवस्था में बैठ जाएँ।
  • अब आप दोनों हाथों की मुट्ठी बनाकर नाभि के पास ले जाएँ ।
  • अपनी मुट्ठी को नाभि और जाँघों के पास इस प्रकार रखें कि मुट्ठी खड़ी रहे और ऊँगलियाँ आपके पेट की तरफ हो।
  • आप सांस को छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें, इस दौरान अपनी छाती को इस तरह नीचे की तरफ लाएं कि वो आपकी जांघों पर टिक जाए ।
  • आपका झुकाव ऐसा हो की आपके झुकाव से नाभि पर दबाब आए।
  • इस दौरान अपना सिर और गर्दन उठा कर रखें और दृष्टि को सामने रखें।
  • धीमे धीमे सांस लें और धीमे धीमे सांस को छोड़े। जितनी देर तक इस स्थिति को बना के रख सकते हैं बनाये रखें।
  • आखिर में सांस लेते हुए अपनी पूर्व अवस्था में वापिस आ जाएँ ।

इसके अलावा आप हलासन और सर्वांगासन का भी अभ्यास इस समस्या से निजात पाने के लिए कर सकते हैं।

इस लेख में आपने जाना कुछ योगासनों के बारे में जिसके अभ्यास से आप शीग्रपतन की समस्या को दूर कर सकेंगे।

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