Yoga for Slip Disc: स्लिप डिस्क से हैं परेशान तो योग से करें इसका उपचार

स्लिप डिस्क कि समस्या आजकल अधिकतर लोगो में पायी जाती है। यह ज्यादातर अनियमित जीवन शैली, खान-पान और गलत तरीके से बैठने के कारण होती है।

घंटों बैठे रहने के कारण भी लोगो में स्लिप डिस्क कि समस्या हो जाती है। पहले ये समस्या व्यस्क लोगो में ज्यादा पायी जाती थी, पर आजकल इस समस्या से हर उम्र के लोग पीड़ित है।

रीढ़ की हड्डी के मध्य कुशन के समान एक मुलायम चीज होती है, जिसे डिस्क कहा जाता है। ये डिस्क एक-दूसरे से जुड़ीं होती हैं और वर्टिब्रा के बिलकुल मध्य में स्थित होती हैं।

शरीर के मूवमेंट होने से डिस्क का फैलाव होता है और गलत प्रकार से कार्य करने, उठने-बैठने, पढने या झुकने से डिस्क पर लगातार जोर पड़ता है। इससे स्पाइन के न‌र्व्स पर दबाव आ जाता है और उसमे दर्द होने लगता है। इसे योग के द्वारा कम किया जा सकता है, आइये जाने Yoga for Slip Disc कौन कौन से है?

Yoga for Slip Disc: स्लिप डिस्क की समस्या से पाएं निजात

 

Yoga for Slip Disc

ज्येष्टिकासन

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाए।
  • इसके बाद गर्दन को थोडा ऊपर कि तरफ उठाये और ज़मीन कि ओर देखे।
  • यदि आप गर्दन को आराम देना चाहते है तो अपने सर को तोलिये से टिका सकते है।
  • अब अपने दोनों हांथो से कानो को ढक ले और साथ ही सामान्य रूप से साँस ले।
  • इस आसन को 2 से 3 मिनट तक करे।

शवासन

  • इस आसन को करने के लिए पीठ के सहारे लेट जाए।
  • इसमें हाथ कि हथेलियों का रुख आसमान कि तरफ होना चाहिए।
  • अपने पैरों को आरामदायक स्थिति में रखे।
  • इसके बाद गहरी सांसे ले और छोड़े।
  • इस आसन को आप 5 से 30 मिनट तक के अंतराल में कर सकते है।
  • शवासन के और भी कई फायदे आप यहाँ जान सकते है।

उष्ट्रासन

  • अपने घुटने को मोड़ते हुए बैठ जाए।
  • इसके बाद थोडा ऊपर कि ओर उठे।
  • अब पीछे कि तरफ मुडते हुए अपने दोनों हांथो से पैरों कि एड़ी को छूने का प्रयास करे।
  • इस आसन को आप 30 सेकेंड से लेकर 3 मिनट तक सकते है।

शलभासन

  • इस आसन में पेट के बल लेट जाए।
  • अपने दोनों हाथों को बगल में रखे।
  • इसके बाद सर को ज़मीन से टिका ले।
  • अब अपने पैरों को धीरे धीरे ऊपर कि तरफ उठाये।
  • इस मुद्रा में कुछ देर तक रुके और सामान्य सांसे ले।

चक्रासन

  • चक्रासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के सहारे लेट जाए।
  • फिर अपने हांथो को साईड में रखे।
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों को कुलहो के पास लेकर जाए।
  • फिर हाथों को मोड़ते हुए कान के पास लेकर आये और सारा वजन हाँथ पर डालते हुए शरीर को ऊपर कि तरफ उठाये।
  • ध्यान रहे कि आप पीठ को जितना मोड़ सकते है उतना ही मोड़े।

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