Yoga for Spinal Cord: रीढ़ की हड्डी मजबूत व लचीली बनाये

रीढ़ की हड्डी जितनी लचीली हो उतना शरीर के लिए अच्छा होता है। पुरानी मान्यताओ के अनुसार यह कहा जाता है कि जिस व्यक्ति कि रीढ़ की हड्डी जितनी मुलायम और लचीली होती है, वह व्यक्ति उतना ही स्वथ्य और लम्बी आयु को प्राप्त करने वाला होता है।

आजकल लोगो कि दिनचर्या बहुत ही अनियमित होती जा रही है। कार्यस्थल पर लोगो को लगातार काम के सिलसिले में बैठना पड़ता है। जिसका सीधा असर रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है।

लगातार बैठे रहने से लोगो कि पीठ अकड़ जाती है साथ ही कई लोगो को रीढ़ की हड्डी से सम्बंधित रोग भी हो जाते है। कई बार तो डॉक्टर रेस्ट की सलाह दे देता है, जिसके चलते कई दिनों तक आपके काम की छुट्टी हो जाती है।

रोजाना योग का अभ्यास करना एक ऐसा माध्यम है जो इस समस्या का निदान कर सकता है और आपको रोगों से भी बचा सकता है। आइये जानते है Yoga for Spinal Cord जो आपकी रीढ़ की हड्डी के लिए आवयशक है।

Yoga for Spinal Cord: रीढ़ की हड्डी की समस्या से छुटकारा दिलाये

Yoga for Spinal Cord

सुप्त मत्स्येन्द्रासन

  • इस आसन को लेटकर किया जाता है।
  • सुप्त मत्स्येन्द्रासन को करने से रीढ़ कि हड्डी मजबूत बनती है।
  • इस आसन द्वारा रीढ़ कि हड्डी को लम्बा भी किया जा सकता है।
  • साथ ही यह आसन रीढ़ कि हड्डी में होने वाले दर्द को भी कम करने में सहायक होता है।
  • इस आसन को करने से पहले पवनमुक्तासन और उत्थित हस्त पादंगुष्ठासन को किया जाता है और बाद में बद्ध कोणासन व् अर्धमत्स्येन्द्रासन को भी कर सकते है।

शलभासन

  • इस आसन द्वारा रीढ़ कि हड्डी और कटी प्रदेश मजबूत होते है।
  • साथ ही यह आसन कमर और कंधो को भी मजबूती प्रदान करता है।
  • इस आसन को भी लेट कर किया जाता है।
  • शलभासन को करने से पहले भुजंगासन और सुप्त विरासना तथा इस आसन के बाद धनुरासन व सर्वांगासन भी कर सकते है।

दंडासन

  • इस आसन द्वारा रीढ़ की हड्डी से सम्बंधित समस्याएं दूर होती है।
  • साथ ही इसका नियमित अभ्यास करके आप शरीर के अन्य अंग भी मजबूत कर सकते है।
  • यह आसन बैठ कर किया जाता है।

उष्ट्रासन

  • उष्ट्रासन को करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है एवं आपकी मुद्रा में सुधार भी होता है।
  • यह पाचन शक्ति को ठीक कर पेट के विकारों को दूर करने में सहायक होता है।
  • इस आसन को भी आप बैठ कर सकते है।
  • इस आसन द्वारा रीढ़ की हड्डी में हो रहे दर्द से राहत मिलती है।

पश्चिमोत्तानासन

  • इस आसन द्वारा रीढ़ की हड्डी और कंधो में खिचाव आता है।
  • साथ ही इससे पाचन क्षमता में भी सुधार आता है।
  • पश्चिमोत्तानासन को करने से पहले दंडासन, वीरभद्रासन और उत्कटासन को किया जाता है।
  • साथ ही इस आसन के बाद पूर्वोत्तानासन को भी कर सकते है।

अन्य आसन जो रीढ़ की हड्डी के लिए लाभदायक है:-

  • पवनमुक्तासन
  • चक्रासन
  • त्रिकोणासन
  • मरीच्यासन
  • गोमुखासन
  • मार्जरी आसन
  • अधोमुख श्वान आसन आदि।

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