योग करने के कई फायदे होते है यह तो सभी लोगो को पता है। योग आपके बॉडी के एक एक पार्ट को रिलैक्स करता और सभी पार्ट्स को आराम भी पहुंचता है। अलग अलग योगासन आपकी बॉडी के अलग अलग पार्ट्स के लिए होते है।

स्पॉन्डिलोसिस की समस्या में भी योग का सहारा ले यह जल्द ही इस समस्या से राहत दिलाएगा। स्पॉन्डिलोसिस की समस्या आज कल की व्यस्त और आधुनिक लाइफस्टाइल में बैठने, उठने और चलने की गलत आदतो और मजबूरी की वजह से उत्पन्न होती है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस समस्या में रीढ़ की हड्डी असमान्य रूप बढ़ने लगती है और वर्टेबट के बीच में कैल्शियम की कमी और अपनी जगह से सरक जाने की वजह से होती है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की परेशानी होने पर आपको योगासनों करना चाहिए। योग के अभ्यास से आप इस समस्या से राहत पा सकते है। इस लेख में पढ़े Yoga for Spondylosis.

Yoga for Spondylosis: जानिए स्पॉन्डिलोसिस में राहत दिलाने वाले योगासन

पाद प्रसार पश्चिमोत्तानासन

  • इस आसन को करने के लिए पहले अपनी मैट पर सामने की ओर पैर फैलाकर बैठ जाए।
  • अब अपने दोनों पैरों के बीच में कुछ दूरी बना लें।  
  • अब अपने दोनों हाथों को पीछे की ओर ले जाए और बांध लें।
  • इसके बाद दोनों हाथों को ज़मीन से ऊपर की ओर उठाए रखे।
  • अब अपने सिर को आगे की ओर झुकाएं और पैर के घुटनो को स्पर्श करने की कोशिश करें।
  • अब इस अवस्था में 5 से 10 सेकंड्स तक रुकें।
  • ध्यान रखे सिर झुकाते हुए साँस बाहर की ओर छोड़ना है।
  • इस आसन को करने से ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है।
  • साथ ही कमर, रीढ़ की हड्डी और पीठ का दर्द दूर होता है।
  • इस आसन को ध्यान से और धीरे धीरे करें, जल्दबाज़ी से करने में नुक्सान हो सकता है।
  • इस आसन को Spondylosis Exercises की तरह करें।  

मर्कटासन

  • इस आसन के लिए मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब अपने दोनों को हाथों को अपने कंधो के समानान्तर फैलाएं।
  • इतना करने के बाद बॉडी परपेंडिकुलर की तरह दिखेगी।
  • अब अपने दाँये पैर को बाँये हाथ के नीचे ज़मीन पर रखें और अपने बाँये हाथ की ऊँगली से दांये पैर के अंगूठे हो पकड़ने की कोशिश करें।
  • इसी क्रिया को आप अपने दूसरे पैर और हाथ से दोहराइए।
  • इस अवस्था में कम से कम 5 से 7 सेकंड तक रुके।
  • पूरी क्रिया के दौरान साँस सामान्य तौर पर लें।
  • यह आसन आपको कमर दर्द, स्लिप डिस्क, साइटिका, सर्वाइकल, स्पॉन्डिलोसिस में काफी आराम पहुंचाती है।
  • यह आसन रीढ़ की हड्डी के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • इसी के साथ यह पेट की चर्बी को भी जल्द ही कम करता है।   
  • इस आसन को Spondylosis Treatment के लिए काफी अच्छा माना जाता है।

सुप्त वज्रासन

  • इस आसन को करने के लिए पहले आप वज्रासन में बैठ जाए।
  • अब धीरे धीरे पीछे की ओर झुकें।
  • झुकते झुकते लेट जाए पर पैर वैसे ही मुड़े रहने दें।
  • अब अपनी पीठ को ज़मीन से ऊपर उठाए और गर्दन को झुकाते हुए जमीन से सटा दें।
  • अब अपनी क्षमता अनुसार इस अवस्था को बनाए रखे।
  • इस आसन को 1 से 2 मिनट के लिए जरूर करें।
  • धीरे धीरे सामान्य रूप से साँस लें। बस पीछे की ओर झुकते समय साँस छोड़े।
  • यह आसन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है।
  • साथ ही यह आसन करने से पेट को काफी लाभ मिलता है।
  • इस आसन को धीरे धीरे और आराम से करें।

भुजंगासन

  • इस आसन को करने के लिए पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं।
  • अपने दोनों हाथो को शरीर के पास में रखे।
  • अब अपने दोनों पेरो के बीच में दूरी बनाएं।
  • अब छोटी छोटी साँस लेते हुए अपने सिर को ऊपर उठाएं।
  • फिर धीरे धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएं।
  • लेकिन ध्यान रखें कि नाभि ज़मीन पर ही स्पर्श हो।
  • ध्यान रहे दोनों हाथो पर अपर बॉडी का पूरा भार हो और आपके कंधो का स्तर समान हो।
  • इस अवस्था को अपनी क्षमता अनुसार बनाए रखे।
  • जब आप वापस सामान्य अवस्था में अपने शरीर को ले जाएं तो ध्यान रखे उस समय सांसे छोड़ना है।
  • इससे रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है और वह स्वस्थ रहती है। यह Yoga for Spondylitis है।
  • इसे करने से कंधे और गर्दन का दर्द भी कम हो जाता है।

धनुरासन

  • इस आसन को करने के लिए पहले अपनी मेट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • अब अपने दोनों पैरों में थोड़ी दूरी बना लें।
  • अब अपने दोनों पेरो को घुटनो से मोड़ते हुए अपनी कमर तक लें आएं।
  • इसके बाद अपनी अपर बॉडी को उठाएं। धीरे धीरे पहले सिर उसके बाद छाती उठाने की कोशिश करें।
  • साथ ही अपने दोनों हाथों से पैरों के पंजो को पकड़ लें।
  • ऐसा धीरे धीरे साँस लेते हुए करें।
  • इस आसन की इस स्थिति को स्टार्टिंग में 12 से 15 सेकण्ड्स के लिए बना रखने की कोशिश करें।
  • फिर साँस छोड़ते हुए वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सभी प्रकार की समस्या दूर हो जायेगी।
  • साथ ही पेट से जुड़ी कई समस्याओ में राहत मिलेगी।

मत्स्यासन

  • मत्स्यासन को करने के लिए पहले अपनी मेट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों हाथो को शरीर के पास रखें।
  • साथ ही अपने दोनों पैरों को पास पास रखें।
  • अब अपने दोनों हाथो को कूल्हों के नीचे रखे। ध्यान रहे की हथेलियाँ जमीन पर सीधी रखी हुई हो।
  • आप साँस लेते हुए कोशिश करें अपने सिर और छाती को ऊपर उठाने की।
  • ध्यान रखे की सिर की चोटी जमीन से लगी रहे और सिर पीछे की ओर उठे।
  • अब अपनी क्षमता अनुसार इस स्थिति को बनाये रखें और साथ ही लम्बी गहरी साँस लेते रहें।
  • फिर धीरे धीरे वापस सामान्य अवस्था में लोट आएं।
  • इस आसन को करने से गर्दन और छाती में खिंचाव पैदा होता है।
  • साथ ही यह Cervical Spondylosis की  समस्या में मददगार साबित होता है।
यहाँ बताये गए योगासनों के अलावा आप गोमुखासन, धनुरासन, व्याघ्रासन का भी अभ्यास कर सकते है। स्पॉन्डिलोसिस की समस्या से छुटकारे हेतु आपको ऊपर दिए सभी आसनो को नियमित रूप से करना चाहिए।